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किसानों के खेतों तक पहुंचे शोध : कुलपति
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कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेंं दो दिवसीय शोध सलाहकार समिति की बैठक में कुलपति ने किया आह्वान
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेंं शोध निदेशालय के तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय शोध सलाहकार समिति की बैठक का शुभारंभ हुआ। इसकी अध्यक्षता कुलपति डॉ के के सिंह ने की। कुलपति ने कहा कि किसानों की समस्याओं के अनुसार किसान हित में शोध परियोजनाएं एवं शोध किया जा रहा है। किसानों के लिए उन्होंने सभी परीक्षणों के परिणाम में लाभ हानि का अवश्य ध्यान रखने के निर्देश दिए।
बैठक के पहले दिन कृषि महाविद्यालय के विभिन्न विभागों तथा बायोटेक्नोलॉजी महाविद्यालय के विभिन्न विभागों एवं उद्यान महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभाग अध्यक्ष ने अपने प्रस्तुतीकरण दिए। शोध सलाहकार समिति ने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय के शोध कार्यक्रम किसानों से वार्ता कर किसानों की समस्याओं पर आधारित एवं तकनीकी आर्थिक विश्लेषण के आधार पर किया जाना चाहिए।
डॉक्टर के पी सिंह सहायक महानिदेशक कृषि आईसीएआर नई दिल्ली ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण की आवश्यकता है ताकि पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसानों को बेहतर कृषि उत्पादकता प्राप्त हो सके। निदेशक शोध कमल खिलाड़ी ने कहा कि इस तरह की बैठक विश्वविद्यालय में दो बार आयोजित की जाती रहेगी। शोध सलाहकार समिति की बैठक में डॉक्टर सुनील कुमार निदेशक आईसीएआर आईआईएफएसआर, डॉक्टर एनके सिंह पूर्व राष्ट्रीय प्राध्यापक आईसीएआर नई दिल्ली, डॉक्टर राजीव रंजन नामित सदस्य प्रधान वैज्ञानिक, डॉक्टर आरके सिंह अध्यक्ष केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान संयुक्त निदेशक शोध डॉ गोपाल सिंह ने धन्यवाद ज्ञापति किया। कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ रामजी सिंह, निदेशक प्रसार डॉ पीके सिंह, डॉ आर एस सेंगर, डॉ तरुण सरकार, डीएसडब्लू डॉ डीके सिंह, डीन बायोटक डॉ रविंद्र कुमार, डीन ऐजी डॉ विवेक धामा, डीन डॉ बिजेंद्र सिंह, डॉ पंकज सिंह, डॉ जयवीर सिंह, डॉ अरविंद राणा आदि मौजूद रहे।
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मोदीपुरम। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेंं शोध निदेशालय के तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय शोध सलाहकार समिति की बैठक का शुभारंभ हुआ। इसकी अध्यक्षता कुलपति डॉ के के सिंह ने की। कुलपति ने कहा कि किसानों की समस्याओं के अनुसार किसान हित में शोध परियोजनाएं एवं शोध किया जा रहा है। किसानों के लिए उन्होंने सभी परीक्षणों के परिणाम में लाभ हानि का अवश्य ध्यान रखने के निर्देश दिए।
बैठक के पहले दिन कृषि महाविद्यालय के विभिन्न विभागों तथा बायोटेक्नोलॉजी महाविद्यालय के विभिन्न विभागों एवं उद्यान महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभाग अध्यक्ष ने अपने प्रस्तुतीकरण दिए। शोध सलाहकार समिति ने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय के शोध कार्यक्रम किसानों से वार्ता कर किसानों की समस्याओं पर आधारित एवं तकनीकी आर्थिक विश्लेषण के आधार पर किया जाना चाहिए।
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डॉक्टर के पी सिंह सहायक महानिदेशक कृषि आईसीएआर नई दिल्ली ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण की आवश्यकता है ताकि पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसानों को बेहतर कृषि उत्पादकता प्राप्त हो सके। निदेशक शोध कमल खिलाड़ी ने कहा कि इस तरह की बैठक विश्वविद्यालय में दो बार आयोजित की जाती रहेगी। शोध सलाहकार समिति की बैठक में डॉक्टर सुनील कुमार निदेशक आईसीएआर आईआईएफएसआर, डॉक्टर एनके सिंह पूर्व राष्ट्रीय प्राध्यापक आईसीएआर नई दिल्ली, डॉक्टर राजीव रंजन नामित सदस्य प्रधान वैज्ञानिक, डॉक्टर आरके सिंह अध्यक्ष केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान संयुक्त निदेशक शोध डॉ गोपाल सिंह ने धन्यवाद ज्ञापति किया। कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ रामजी सिंह, निदेशक प्रसार डॉ पीके सिंह, डॉ आर एस सेंगर, डॉ तरुण सरकार, डीएसडब्लू डॉ डीके सिंह, डीन बायोटक डॉ रविंद्र कुमार, डीन ऐजी डॉ विवेक धामा, डीन डॉ बिजेंद्र सिंह, डॉ पंकज सिंह, डॉ जयवीर सिंह, डॉ अरविंद राणा आदि मौजूद रहे।
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