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मुख्यमंत्री पोर्टल पर एनएच-119 पर वसूली की शिकायत पर रिपोर्ट शासन को भेजी

Sat, 11 Jan 2020 02:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jan 2020 02:00 AM IST
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Report sent to the government on the complaint of recovery on NH-119 on Chief Minister Portal
मुख्यमंत्री पोर्टल पर एनएच-119 पर वसूली की शिकायत पर रिपोर्ट शासन को भेजी
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मेरठ। कैंट क्षेत्र में रुड़की रोड, मवाना रोड और दिल्ली रोड पर प्रवेश शुल्क वसूलने से शहर के हालात बिगड़ सकते हैं। इसके विरोध में व्यापारियों का आंदोलन उग्र हो सकता है। शासन को यह रिपोर्ट इंटेलीजेंस की स्पेशल ब्रांच ने भेजी है। वहीं, एनएच-119 पर ब्रेकर बनाकर वसूली करने की शिकायत एसएसपी मेरठ और मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई है। इसमें सुप्रीमकोर्ट के आदेशों की अवहेलना की बात कही गई है।
कैंट क्षेत्र में आठ दिसंबर 2019 से 11 जगहों पर वाहन प्रवेश शुल्क की वसूली शुरू हुई थी। इनमें रुड़की रोड, मवाना रोड और दिल्ली रोड पर वसूली का कैंट विधायक और तमाम व्यापारियों ने विरोध किया। इससे शहर में अव्यवस्था भी फैल गई। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने आपत्ति जताई। विरोध प्रदर्शन के बाद कैंट बोर्ड ने 12 दिसंबर को तीनों जगहों पर वसूली बंद करा दी। बीते बुधवार से दोबारा प्रवेश शुल्क वसूले जाने पर कारोबारियों में आक्रोश बढ़ रहा है। इंटेलीजेंस ने इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी है। शहर में लगने वाले जाम को भी रिपोर्ट में लिखा गया है। वहीं, एनएच-119 और दिल्ली रोड पर वसूली किए जाने के मामले में एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। एडवोकेट मनीष सिंह ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है। उन्होंने लिखा कि एनएच-119 पर ब्रेकर बनाकर अवैध वसूली की जा सकती है। यह सुप्रीमकोर्ट के नियमों के विरुद्ध है।
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नेशनल हाईवे पर बिना एनओसी बनाए ब्रेकर
एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी की सड़क पर स्पीड ब्रेकर बिना अनुमति बनाए गए हैं। जबकि केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी कह चुके हैं कि नेशनल हाइवे पर ब्रेकर नहीं बनाए जा सकते। सुप्रीमकोर्ट के भी यही आदेश हैं। एनएचएआई की सड़क पर अवरोध पैदा करना अपराध के दायरे में आ सकता है। मामले में रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा सकती है। एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने यह जानने की कोशिश भी नहीं की कि ठेकेदार की ओर से हाईकोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में सड़कों का जिम्मा किसके पास दिखाया है। अगर कोर्ट में तथ्य छिपाए गए हैं तो इस पर इन दोनों विभाग का पक्ष रखा जाना जरूरी है। जनता से जुड़ा मामला होने के बाद भी इन दोनों विभागों के अफसर चुप बैठे हैं।
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कार्रवाई की जाएगी
पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता संजीव भारद्वाज का कहना है कि कैंट बोर्ड ने प्रवेश शुल्क वसूली के लिए हमसे कोई एनओसी नहीं ली है। ब्रेकर बनाया जाना अवैध है। मौके पर निरीक्षण कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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