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बाह्य न्यायालय के लिए भूमि चयन पर रिपोर्ट लंबित, मांगा जवाब
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। बाह्य न्यायालय के लिए प्रस्तावित न्यायिक परिसर आवासीय एवं अनावासीय भवन की स्थापना को लेकर भूमि चयन प्रक्रिया अभी भी अधर में लटकी हुई है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर गठित इंफ्रा उप समिति द्वारा निरीक्षण किए जाने के बावजूद निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट न भेजे जाने पर न्यायालय ने सख्ती दिखाई है।
गत माह इंफ्रा उप समिति के अध्यक्ष एवं अपर जिला जज अचल नारायण सकलानी ने सरधना के एसडीएम उदित नारायण सेंगर से भूमि संबंधी विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। 2 जुलाई को 2.25 हेक्टेयर भूमि का संयुक्त निरीक्षण भी किया गया था। निरीक्षण के दौरान भूमि से संबंधित नौ प्रमुख बिंदुओं में चकबंदी की स्थिति, भूमि पर विवाद, पेड़ों की संख्या व आयु, चकरोड की वैधता, भूमि का स्तर, भू-स्वामियों की सहमति, मुख्य सड़क की चौड़ाई, निकटतम डंपिंग यार्ड की दूरी, न्यायालयों से प्रस्तावित स्थल की दूरी, सर्किल रेट के अनुसार मूल्यांकन की रिपोर्ट मांगी थी। एक बार फिर से पत्र भेजकर इन बिंदुओं पर आख्या मांगी गई, लेकिन समय सीमा के भीतर रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो सकी। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम डॉ. वीके सिंह को पत्र जारी कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इंफ्रा उप समिति ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट लंबित रहने से न्यायिक भवन निर्माण की प्रक्रिया में विलंब हो रहा है, जबकि उच्च न्यायालय को समयबद्ध रिपोर्टिंग की आवश्यकता है।
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सरधना। बाह्य न्यायालय के लिए प्रस्तावित न्यायिक परिसर आवासीय एवं अनावासीय भवन की स्थापना को लेकर भूमि चयन प्रक्रिया अभी भी अधर में लटकी हुई है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर गठित इंफ्रा उप समिति द्वारा निरीक्षण किए जाने के बावजूद निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट न भेजे जाने पर न्यायालय ने सख्ती दिखाई है।
गत माह इंफ्रा उप समिति के अध्यक्ष एवं अपर जिला जज अचल नारायण सकलानी ने सरधना के एसडीएम उदित नारायण सेंगर से भूमि संबंधी विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। 2 जुलाई को 2.25 हेक्टेयर भूमि का संयुक्त निरीक्षण भी किया गया था। निरीक्षण के दौरान भूमि से संबंधित नौ प्रमुख बिंदुओं में चकबंदी की स्थिति, भूमि पर विवाद, पेड़ों की संख्या व आयु, चकरोड की वैधता, भूमि का स्तर, भू-स्वामियों की सहमति, मुख्य सड़क की चौड़ाई, निकटतम डंपिंग यार्ड की दूरी, न्यायालयों से प्रस्तावित स्थल की दूरी, सर्किल रेट के अनुसार मूल्यांकन की रिपोर्ट मांगी थी। एक बार फिर से पत्र भेजकर इन बिंदुओं पर आख्या मांगी गई, लेकिन समय सीमा के भीतर रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो सकी। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम डॉ. वीके सिंह को पत्र जारी कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इंफ्रा उप समिति ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट लंबित रहने से न्यायिक भवन निर्माण की प्रक्रिया में विलंब हो रहा है, जबकि उच्च न्यायालय को समयबद्ध रिपोर्टिंग की आवश्यकता है।
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