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विदेश से आए 63 लोगों समेत तीन हजार की रिपोर्ट नेगेटिव
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विदेश से आए 63 लोगों समेत तीन हजार की रिपोर्ट नेगेटिव
मेरठ। कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के खौफ बीच मंगलवार को विदेश से आए 63 लोगों समेत 3012 सैंपलों की जांच की गई, जिनमें किसी को भी कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, फोकस सैंपलिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्लान तैयार कर लिया है। बुधवार से सोमवार तक (रविवार छोड़कर) फोकस सैंपलिंग की जाएगी। इसके तहत सरकारी और निजी अस्पतालों, विश्वविद्यालयों आदि में सैंपलिंग की जाएगी। अगर किसी को कोरोना की पुष्टि होती है तो उसका सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए दिल्ली और लखनऊ भेजा जाएगा। विदेश से आए 170 लोगों की कोरोना की जांच हो चुकी है, जिनमें से कोई भी कोरोना संक्रमित नहीं है। अभी 17 की जांच शेष है। अभी दो सक्रिय केस हैं, जो डॉक्टर दंपती हैं।
मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तालियान ने बताया कि विदेश से आए लोगों को कोई और सूची नहीं आई है। पहली सूची के 107 और दूसरी सूची के 80 में से 63 की जांच हो चुकी है। बाकी की जांच भी जल्द ही कराई जाएगी।
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दिन फोकस सैंपलिंग
बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक इंस्टीट्यूट, डिग्री कॉलेज
शनिवार, रविवार, सोमवार केमिस्ट, निजी और सरकारी नर्सिंग होम व अस्पताल
मेडिकल कॉलेज में शुरू होगी जीनोम सिक्वेंसिंग, बनानी पड़ेगी लैब
- जल्द आएगी रिपोर्ट, वायरस फैलने से रोकने में मिलेगी मदद
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में भी कोरोना के मरीजों की जीनोम सिक्वेंसिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री ने लखनऊ में इसकी घोषणा की है। मेडिकल में इसे शुरू करने के लिए अलग से लैब बनानी पडे़गी। इससे मेरठ और आसपास के जिलों के लोगों को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जल्द ही रिपोर्ट आ जाएगी और वायरस को फैलने से रोका जा सकेगा।
मेडिकल कॉलेज में माइक्रोबायोलॉजी लैब है, जिसमें अभी तक कोरोना के मरीजों की आरटीपीसीआर जांच की जा रही है। यहां मेरठ के अलावा आसपास के जिलों के भी सैंपल आते हैं। अभी तक जिन लोगों के कोरोना के सैंपल जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए जाते हैं, उन्हें केजीएमसी लखनऊ, बेंगलुरू और दिल्ली भेजा जाता है। पिछले साल ब्रिटेन से आए कोरोना संक्रमितों के सैंपल और डेल्टा वायरस की जांच के लिए नमूने इन्हीं स्थानों पर भेजे गए थे। अभी भी डॉक्टर दंपती के सैंपल गए हुए हैं। रिपोर्ट आने में 10 दिन से लेकर एक महीने तक का समय लग जाता है। माइक्रोबायोलॉजी लैब के प्रभारी डॉ. अमित गर्ग ने बताया कि अगर ऐसा होता है कि इसके लिए नई लैब की जरूरत पड़ेगी। शासन से जो भी निर्देश आएंगे, उसका अनुपालन कराया जाएगा। उनकी टीम नई चुनौतियों के लिए तैयार है। कोरोना के पीक पर उन्होंने एक-एक दिन में 20 हजार तक सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच की है।
29003 लोगों ने लगवाया कोरोनारोधी टीका
मेरठ। जिले में मंगलवार को 21815 लोगों ने कोरोना से बचाव का टीका लगवाया। हालांकि 206 बूथों पर 75 हजार लोगों को कोरोनारोधी टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था। बुधवार को 187 बूथों पर 75 हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
डेंगू के दो मरीज मिले
मेरठ। डेंगू के मंगलवार को दो नए मरीज मिले। इस साल मरीजों की संख्या 1634 पहुंच गई है। इनमें से 1541 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 93 सक्रिय केस हैं। 16 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं और 77 घर पर इलाज करा रहे हैं। नए मरीज पल्हेड़ा और राजेंद्रनगर के रहने वाले हैं।
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मेरठ। कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के खौफ बीच मंगलवार को विदेश से आए 63 लोगों समेत 3012 सैंपलों की जांच की गई, जिनमें किसी को भी कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, फोकस सैंपलिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्लान तैयार कर लिया है। बुधवार से सोमवार तक (रविवार छोड़कर) फोकस सैंपलिंग की जाएगी। इसके तहत सरकारी और निजी अस्पतालों, विश्वविद्यालयों आदि में सैंपलिंग की जाएगी। अगर किसी को कोरोना की पुष्टि होती है तो उसका सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए दिल्ली और लखनऊ भेजा जाएगा। विदेश से आए 170 लोगों की कोरोना की जांच हो चुकी है, जिनमें से कोई भी कोरोना संक्रमित नहीं है। अभी 17 की जांच शेष है। अभी दो सक्रिय केस हैं, जो डॉक्टर दंपती हैं।
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मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तालियान ने बताया कि विदेश से आए लोगों को कोई और सूची नहीं आई है। पहली सूची के 107 और दूसरी सूची के 80 में से 63 की जांच हो चुकी है। बाकी की जांच भी जल्द ही कराई जाएगी।
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दिन फोकस सैंपलिंग
बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक इंस्टीट्यूट, डिग्री कॉलेज
शनिवार, रविवार, सोमवार केमिस्ट, निजी और सरकारी नर्सिंग होम व अस्पताल
मेडिकल कॉलेज में शुरू होगी जीनोम सिक्वेंसिंग, बनानी पड़ेगी लैब
- जल्द आएगी रिपोर्ट, वायरस फैलने से रोकने में मिलेगी मदद
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में भी कोरोना के मरीजों की जीनोम सिक्वेंसिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री ने लखनऊ में इसकी घोषणा की है। मेडिकल में इसे शुरू करने के लिए अलग से लैब बनानी पडे़गी। इससे मेरठ और आसपास के जिलों के लोगों को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जल्द ही रिपोर्ट आ जाएगी और वायरस को फैलने से रोका जा सकेगा।
मेडिकल कॉलेज में माइक्रोबायोलॉजी लैब है, जिसमें अभी तक कोरोना के मरीजों की आरटीपीसीआर जांच की जा रही है। यहां मेरठ के अलावा आसपास के जिलों के भी सैंपल आते हैं। अभी तक जिन लोगों के कोरोना के सैंपल जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए जाते हैं, उन्हें केजीएमसी लखनऊ, बेंगलुरू और दिल्ली भेजा जाता है। पिछले साल ब्रिटेन से आए कोरोना संक्रमितों के सैंपल और डेल्टा वायरस की जांच के लिए नमूने इन्हीं स्थानों पर भेजे गए थे। अभी भी डॉक्टर दंपती के सैंपल गए हुए हैं। रिपोर्ट आने में 10 दिन से लेकर एक महीने तक का समय लग जाता है। माइक्रोबायोलॉजी लैब के प्रभारी डॉ. अमित गर्ग ने बताया कि अगर ऐसा होता है कि इसके लिए नई लैब की जरूरत पड़ेगी। शासन से जो भी निर्देश आएंगे, उसका अनुपालन कराया जाएगा। उनकी टीम नई चुनौतियों के लिए तैयार है। कोरोना के पीक पर उन्होंने एक-एक दिन में 20 हजार तक सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच की है।
29003 लोगों ने लगवाया कोरोनारोधी टीका
मेरठ। जिले में मंगलवार को 21815 लोगों ने कोरोना से बचाव का टीका लगवाया। हालांकि 206 बूथों पर 75 हजार लोगों को कोरोनारोधी टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था। बुधवार को 187 बूथों पर 75 हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
डेंगू के दो मरीज मिले
मेरठ। डेंगू के मंगलवार को दो नए मरीज मिले। इस साल मरीजों की संख्या 1634 पहुंच गई है। इनमें से 1541 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 93 सक्रिय केस हैं। 16 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं और 77 घर पर इलाज करा रहे हैं। नए मरीज पल्हेड़ा और राजेंद्रनगर के रहने वाले हैं।