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सच्चे सुख के लिए मोह-माया का त्याग जरूरी : भाव भूषण

Fri, 27 Mar 2026 08:23 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 27 Mar 2026 08:23 PM IST
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Renunciation of attachment and illusion is necessary for true happiness: Bhaav Bhushan
कैलाश पर्वत मंदिर पर पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
- कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 48वां दिन
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संवाद न्यूज एजेंसी

हस्तिनापुर। ऐतिहासिक नगरी के कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में विश्व की सुख-शांति-समृद्धि के लिए चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 48वें दिन विधानाचार्य सौरभ शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया। स्वर्ण कलश से अमित जैन, राजीव जैन ने अभिषेक किया। शांतिधारा राजीव जैन, सिद्धांत जैन, मुन्नालाल, दिव्यांश, दीपेश जैन ने की। दीप का प्रज्वलन गौरव जैन, शरद जैन ने किया। सुनीता ने शांतिधारा का उच्चारण किया।

आदिनाथ भगवान की पूजा और तीर्थंकरों के अर्घ्य चढ़ाने के बाद भक्तामर विधान का शुभारंभ हुआ। विधान कराने वाले धर्मप्रेमियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए 48 अर्घ्य चढ़ाए गए। 251 परिवारों की ओर से विधान कराया गया। भक्तामर पाठ का शुभारंभ क्षेत्र के महामंत्री मुकेश जैन ने किया।
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विधान के मध्य गुरुवर भाव भूषण ने कहा कि धर्म के पास व्यक्ति उस मछली के समान होकर जाता है जो ऑक्सीजन लेने के लिए मात्र कुछ पल के लिए पानी से उछलकर बाहर आती है और फिर उसी में वापस चली जाती है। हम भी राग-द्वेष, व्यसनों रूपी पानी में रहते हैं और देव दर्शन, संत समागम के लिए कुछ क्षण को उस पानी से निकलकर बाहर आते हैं और वापस उसी संसार रूपी पानी में चले जाते हैं। वास्तविकता में हम इस मोह जाल से विरक्त होना ही नहीं चाहते।
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भाव भूषण ने बताया कि धर्म का मूल उद्देश्य मनुष्य को आत्मिक शांति प्रदान करना और उसे सच्चे मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना है। जब व्यक्ति अपने कर्मों को निष्काम भाव से करता है और मोह-माया से दूरी बनाता है तभी उसे वास्तविक सुख और संतोष की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि लोभ, क्रोध और अहंकार जैसे विकार ही मनुष्य के दुखों का कारण हैं, जिनसे दूर रहकर ही जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है।
विधान का विसर्जन मंजू जैन, अंकिता जैन, पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्वलन गौरव जैन, शरद जैन, आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्वलन सुशील जैन, सीमा, राजीव, सिद्धांत जैन और भगवान की आरती का दीप प्रज्वलन कोमलचंद जैन, कल्पना जैन ने किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, विजय जैन, अभय जैन, सुनील जैन, सुशील जैन, कुणाल जैन, पंकज जैन का विशेष सहयोग रहा।
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