Meerut: करोड़ों के घोटाले में सिफारिश पड़ी महंगी, दो और मुकदमे दर्ज, ये है पूरा मामला
Meerut News : करोड़ों के घोटाले में सिफारिश करना महंगा पड़ गया। अब पुलिस ने दो और मुकदमे दर्ज किए हैं। जानिए आखिर पूरा मामला क्या है।
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मेरठ में समाजवादी सस्ते फ्लैट योजना के तहत करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में सिफारिश करानी नामजद लोगों को महंगी पड़ गई। पुलिस ने पीड़ितों से तहरीर लेकर छह साल बाद दो और मुकदमे दौराला थाने में दर्ज करा दिए।
वहीं सत्ताधारी नेताओं का दबाव पड़ा तो पुलिस ने उक्त दोनों मुकदमे की विवेचना भी क्राइम ब्रांच ट्रांसफर कर दी। इस मामले में 45 मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि योजना के तहत कंपनी में जो डायरेक्टर थे, उन सभी से पैसा वसूलने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी।
2015 में समाजवादी आवास योजना के तहत दौराला-लावड़ मार्ग पर सस्ते फ्लैट देने के नाम पर 450 से अधिक लोगों से करोड़ों की ठगी हुई थी। इस मामले में 2017 में एमएलसी डॉ. सरोजिनी अग्रवाल के पति डॉ. ओपी अग्रवाल समेत 10 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमे लिखे थे। एक के बाद एक 45 मुकदमे दर्ज होने के बाद धोखाधड़ी के लिए बनी कंपनी के डायरेक्टरों की गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू हो गया था।
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विवेचना में डॉ. ओपी अग्रवाल को क्लीन चिट मिल गई। इस मामले में डायरेक्टर अखिलेश चौहान, रवि रस्तोगी, अनुराग गर्ग, आलोक रस्तोगी, पूनम प्रताप और मनमोहन सपरा के नाम प्रकाश में आए। इस मामले में अखिलेश चौहान अभी जेल में बंद है।
सभी मुकदमों की विवेचना क्राइम ब्रांच में चल रही है। जहां पर नामजद कई लोग खुद को बेकसूर बताकर एसपी क्राइम को दस्तावेज दे चुके हैं। सिफारिशों का दौर चला तो पीड़ित लोग भी अधिकारियों के यहां पर चक्कर काटने लगे। दो पीड़ित गंगानगर निवासी अतुल कुमार और गोलाबढ़ टीपीनगर निवासी रागिब की तहरीर पर दो नये मुकदमे अज्ञात लोगों के खिलाफ दौराला थाने में दर्ज हुए। इन मुकदमों में अखिलेश चौहान समेत कई लोगों के नाम विवेचना में खोलने की बात कहीं गई है। इसकी जानकारी पर सत्ताधारी नेताओं ने फिर सिफारिश की तो विवेचना क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर कर दी।
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एसपी क्राइम अनित कुमार का कहना है कि सभी मुकदमों की विवेचना क्राइम ब्रांच में कराई जा रही है। तथ्य के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।