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राशन घोटाले की महत्वपूर्ण खबर

Mon, 21 Sep 2020 02:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 21 Sep 2020 02:03 AM IST
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Ration scam: Now statements will be recorded in Lucknow
एनआईसी से खाद्य एवं रसद आयुक्त लखनऊ को भेजी थी सूची
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एनआईसी और आपूर्ति विभाग के कई कर्मचारी भी होंगे शामिल
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जिले में हुए करोड़ों रुपये के राशन घोटाले में आपूर्ति विभाग और एनआईसी के कर्मचारियों के अब लखनऊ में बयान दर्ज होंगे। मामले की जांच कर रही एसआईटी ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। एसआईटी का कहना है कि क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर के कोरोना की चपेट में आने से काफी समय से जांच व अन्य कार्य प्रभावित चल रहे थे।
भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मेरठ समेत कई जिलों में फर्जी तरह से अपात्रों को राशन देने के नाम पर करोड़ों का घोटाला किए जाने की शिकायत मुख्यमंत्री से की थी। एसपी क्राइम के अनुसार, प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद जिले में 85 मामले दर्ज हुए थे। इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया। राशन घोटाले में एक तरफ शासन स्तर की एसआईटी जांच कर रही है। वहीं जिला स्तर पर मेरठ पुलिस की एसआईटी जांच कर रही है। यहां एसपी क्राइम के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच के 8 इंस्पेक्टर लगे हैं।
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एसआईटी का कहना है कि मेरठ में हुए घोटाले के संबंध में खाद्य एवं रसद आयुक्त लखनऊ के यहां बयान होने हैं। जिन्होंने राशन घोटाले को लेकर पूर्व में अलग-अलग स्थानों में एफआईआर दर्ज कराई थी, आपूर्ति विभाग के वह निरीक्षक भी इसमें शामिल होंगे। साथ ही एनआईसी ने जो सूची लखनऊ भेजी थी, उसमें सूची भेजने वालों कर्मचारियों के भी बयान होने हैं। प्रकरण में यह साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं कि कहां-कहां से किसके नाम सामने आए। उनकी क्या भूमिका रही। लिस्ट कहां से तैयार की गई और किसके माध्यमों से यह भेजी गई।
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संदेश के घेरे में वादी
एसआईटी का कहना है कि बयान होने के बाद विवेचना में तेजी लाई जाएगी। अभी तक मेरठ में छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मेरठ में 220 फर्जी आधार नंबर का प्रयोग कर करीब 27 हजार लोगों का राशन निकाला गया। इस घोटाले में पूर्व में तैनात रहे जिला आपूर्ति अधिकारी, कई एआरओ और इंस्पेक्टर की भूमिका भी संदेह के घेरे में हैं।
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