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सीएए के विरोध में हिंसा के मुख्य आरोपी अनीस उर्फ खलीफा पर रासुका की कार्रवाई
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सीएए के विरोध में हिंसा के मुख्य आरोपी अनीस उर्फ खलीफा पर रासुका की कार्रवाई
मेरठ। सीएए के विरोध में 20 दिसंबर की हिंसा के मुख्य आरोपी अनीस उर्फ खलीफा पर रासुका की कार्रवाई की गई है। आरोपी पर हिंसा में मारे गए छह लोगों की हत्या का आरोप भी लगा है।
सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला के अनुसार सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) के विरोध में 20 दिसंबर को लिसाड़ी गेट और हापुड़ रोड पर हिंसा हुई थी। जिसमें बवाल करने वाले छह लोगों की गोली लगने से हत्या हुई थी। इस मामले में पुलिस 85 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जिसमें मुख्य आरोपी अनीस उर्फ खलीफा था। पूछताछ के दौरान अनीस ने बताया था कि 1987 के दंगे में उसके भाई की हत्या की गई थी, जिसका बदला लेने के लिए 20 दिसंबर को उसने योजना के तहत पुलिस और प्रशासन पर गोलियां चलाई थी। पुलिस का दावा है कि उन्हीं चलाई गई गोलियों से बवाल करने वाले छह लोगों की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी नजदीक से गोली लगना बताया गया था। पुलिस ने अनीस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उससे बरामद हथियारों का मिलान कराने के लिए पुलिस ने फोरेंसिक लैब में पिस्टल व तमंचे भेजे थे।
सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला का कहना है कि मुख्य आरोपी अनीस और खलीफा पर रासुका की कार्रवाई के लिए लिसाड़ी गेट इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल द्वारा फाइल भेजी गई थी। जिस पर शनिवार को मुहर लग गई है। अनीस पर रासुका की कार्रवाई हो गई है।
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मेरठ। सीएए के विरोध में 20 दिसंबर की हिंसा के मुख्य आरोपी अनीस उर्फ खलीफा पर रासुका की कार्रवाई की गई है। आरोपी पर हिंसा में मारे गए छह लोगों की हत्या का आरोप भी लगा है।
सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला के अनुसार सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) के विरोध में 20 दिसंबर को लिसाड़ी गेट और हापुड़ रोड पर हिंसा हुई थी। जिसमें बवाल करने वाले छह लोगों की गोली लगने से हत्या हुई थी। इस मामले में पुलिस 85 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जिसमें मुख्य आरोपी अनीस उर्फ खलीफा था। पूछताछ के दौरान अनीस ने बताया था कि 1987 के दंगे में उसके भाई की हत्या की गई थी, जिसका बदला लेने के लिए 20 दिसंबर को उसने योजना के तहत पुलिस और प्रशासन पर गोलियां चलाई थी। पुलिस का दावा है कि उन्हीं चलाई गई गोलियों से बवाल करने वाले छह लोगों की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी नजदीक से गोली लगना बताया गया था। पुलिस ने अनीस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उससे बरामद हथियारों का मिलान कराने के लिए पुलिस ने फोरेंसिक लैब में पिस्टल व तमंचे भेजे थे।
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सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला का कहना है कि मुख्य आरोपी अनीस और खलीफा पर रासुका की कार्रवाई के लिए लिसाड़ी गेट इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल द्वारा फाइल भेजी गई थी। जिस पर शनिवार को मुहर लग गई है। अनीस पर रासुका की कार्रवाई हो गई है।
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