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रैपिड रेल से रफ्तार भरेगी मेरठ-दिल्ली वालों की जिंदगी : पीएम

Tue, 29 Dec 2020 01:35 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 29 Dec 2020 01:35 AM IST
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Rapid rail will speed up life of Meerut-Delhi people: PM
मेरठ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से मेरठ के बीच बन रहे रैपिड रेल कॉरिडोर के लाभ के बारे में बताया। उन्होंने विस्तार से रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस शानदार मॉडल से मेरठ से दिल्ली की दूरी एक घंटे से भी कम समय में पूरी हो जाएगी। मेरठ और दिल्ली वालों की जिंदगी रफ्तार भरेगी। प्रधानमंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पहली चालक रहित मेट्रो का शुभारंभ कर रहे थे।
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रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) भारत में लागू होने वाली अपनी तरह की पहली परियोजना है। 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की परिचालन गति के साथ आरआरटीएस एनसीआर को रीजनल कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर तीन प्राथमिकता वाले आरआरटीएस कॉरिडोर में से एक है जिसे फेज-1 में लागू किया जा रहा है। 82 किलोमीटर लंबा दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर देश का पहला आरआरटीएस कॉरिडोर है। कॉरिडोर के साहिबाबाद और दुहाई के बीच 17 किलोमीटर लंबे प्राथमिकता वाले खंड मार्च 2023 तक व पूरे दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर परिचालन 2025 से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। फेज-1 के अन्य दो आरआरटीएस कॉरिडोर दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी और दिल्ली-पानीपत है। दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी कॉरिडोर के लिए पूर्व-निर्माण गतिविधियां जारी हैं और इस रूट का डीपीआर भारत सरकार के विचाराधीन है। दिल्ली-पानीपत आरआरटीएस कॉरिडोर के लिए डीपीआर को हाल ही में हरियाणा सरकार ने मंजूरी दी थी।
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मेरठ में भी जल्द शुरू होगा कार्य
परतापुर में रैपिड रेल के पिलर खड़े होने शुरू हो गए हैं। लेकिन मेरठ शहर में जनवरी के शुरुआत में खोदाई का कार्य शुरू करने की तैयारी एनसीआरटीसी ने कर ली है। एक-दो स्थानों पर अभी जमीन न मिल पाने की वजह से संशय है लेकिन इसे भी हल करने का दावा किया जा रहा है।
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गंगा एक्सप्रेसवे : भूमि अधिग्रहण की सत्यापन रिपोर्ट होगी तैयार, पिलर निशान लगने शुरू
मेरठ। देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे का दावा करने वाली प्रदेश सरकार अब तेजी से कार्य करने में लगी है। गंगा एक्सप्रेसवे के पहले चरण मेरठ में जमीनों पर निशान लगने शुरू हो गए हैं। पहले एलाइनमेंट को लेकर ऊहापोह की स्थिति रही। अब मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होने वाले पहले चरण के लिए गांव में एलाइनमेंट टीम पहुंचकर निशान लगाने का कार्य कर रही है। इसके बाद सत्यापन रिपोर्ट तैयार करेगी जो कि प्रशासन की निगरानी में होगी।

गंगा एक्सप्रेसवे के लिए जिले में एडीएम प्रशासन को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जून-2021 में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस प्रोजेक्ट का शिलांयास कर सकते हैं। प्रदेश सरकार भी वर्ष 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों में इस प्रोजेक्ट का क्रेडिट लेगी। इस प्रोजेक्ट से कई जिलों को जोड़कर विकास की ओर जनता को ले जाकर वोट की राजनीति भी शुरू होगी।
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