{"_id":"6aca5476b9c4135adf061bb5","slug":"ram-set-out-for-the-forest-to-uphold-the-honor-of-the-raghukul-the-audience-was-moved-to-emotion-meerut-news-c-42-1-smrt1030-106552-2026-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: रघुकुल की मर्यादा निभाने वन चले राम, भावुक हुए दर्शक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: रघुकुल की मर्यादा निभाने वन चले राम, भावुक हुए दर्शक
Sat, 10 Oct 2026 08:36 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sat, 10 Oct 2026 08:36 PM IST
विज्ञापन
सर श्रीराम इंटर कॉलेज के खेल मैदान में रामवनवास की लीला का मंचन
कैकई के कोप भवन से राम वनवास तक का मंचन,
पिता के वचन की खातिर त्यागी राजगद्दी
संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। सर श्रीराम इंटर कॉलेज के खेल मैदान में चल रही रामलीला में कैकई के कोप भवन और राम वनवास के प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया। कलाकारों ने सजीव अभिनय से भगवान श्रीराम के त्याग, मर्यादा और पिता के वचन के प्रति समर्पण को प्रस्तुत किया। राम के वनवास का दृश्य देखकर दर्शक भावुक हो गए।
रामलीला में दिखाया गया कि मंथरा के बहकावे में आकर रानी कैकई कोप भवन में चली जाती हैं। राजा दशरथ के मनाने पर वह अपने दो वरदान मांगती हैं। पहले वरदान में भरत के लिए राजगद्दी और दूसरे में राम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगती हैं। कैकई की मांग सुनकर राजा दशरथ व्याकुल हो जाते हैं और उन्हें समझाने का प्रयास करते हैं, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ी रहती हैं। इसके बाद भगवान राम को वनवास की जानकारी मिलती है। राम, सीता और लक्ष्मण के वन प्रस्थान के मंचन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। रामलीला आयोजन समिति के संयोजक भूपेंद्र सिंह ने बताया कि रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का मंचन कर लोगों को सत्य, त्याग, धर्म और मर्यादा का संदेश दिया जा रहा है। इस दौरान ओंकार सिंह, ओमप्रकाश, सुनील, चांदवीर, संजय पनवाड़ी, उपेंद्र, मनेंद्र, जितेंद्र आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कैकई के कोप भवन से राम वनवास तक का मंचन,
पिता के वचन की खातिर त्यागी राजगद्दी
संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। सर श्रीराम इंटर कॉलेज के खेल मैदान में चल रही रामलीला में कैकई के कोप भवन और राम वनवास के प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया। कलाकारों ने सजीव अभिनय से भगवान श्रीराम के त्याग, मर्यादा और पिता के वचन के प्रति समर्पण को प्रस्तुत किया। राम के वनवास का दृश्य देखकर दर्शक भावुक हो गए।
रामलीला में दिखाया गया कि मंथरा के बहकावे में आकर रानी कैकई कोप भवन में चली जाती हैं। राजा दशरथ के मनाने पर वह अपने दो वरदान मांगती हैं। पहले वरदान में भरत के लिए राजगद्दी और दूसरे में राम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगती हैं। कैकई की मांग सुनकर राजा दशरथ व्याकुल हो जाते हैं और उन्हें समझाने का प्रयास करते हैं, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ी रहती हैं। इसके बाद भगवान राम को वनवास की जानकारी मिलती है। राम, सीता और लक्ष्मण के वन प्रस्थान के मंचन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। रामलीला आयोजन समिति के संयोजक भूपेंद्र सिंह ने बताया कि रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का मंचन कर लोगों को सत्य, त्याग, धर्म और मर्यादा का संदेश दिया जा रहा है। इस दौरान ओंकार सिंह, ओमप्रकाश, सुनील, चांदवीर, संजय पनवाड़ी, उपेंद्र, मनेंद्र, जितेंद्र आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन