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कहीं रेन बसेरों पर ताले, कहीं अव्यवस्था का अंबार
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कहीं रेन बसेरों पर ताले, कहीं अव्यवस्था का अंबार
मेरठ। सुप्रीम कोर्ट ने भले ही फुटपाथ पर खुले आसमान के नीचे रात गुजारने वाले गरीबों को रेन बसेरे की सुविधा देने का आदेश दिया हुआ हो, लेकिन धरातल पर प्रशासन इसका पालन करने को तैयार नहीं है। शहर में 14 से अधिक स्थानों पर रेन बसेरे हैं, लेकिन सभी में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। इसका खुलासा बृहस्पतिवार को पार्षदों के रेन बसेरों के निरीक्षण में हुआ।
बृहस्पतिवार को भाजपा पार्षद विपिन जिंदल, ललित नागदेव, मनमोहन जौहरी, अंशुल गुप्ता, सतेंद्र आदि इकट्ठा होकर शहर के रेन बसेरों का निरीक्षण करने निकले। सबसे पहले पार्षद बच्चा पार्क पर पहुंचे। यहां चौकीदार नहीं मिला। यहां मिले व्यक्ति ने बताया कि शौचालय तक की सफाई भी हमें ही करनी पड़ती है। इसके बाद पार्षदोें का दल सूरजकुंड रेन बसेरे पर पहुंचा तो यहां ताला लटका मिला। महापौर कैंप कार्यालय के पीछे रेन बसेरा खुला हुआ तो था, लेकिन कैमरे गायब थे। पार्षद ललित नागदेव का कहना है कि दो दिन पहले नगरायुक्त के सामने रेन बसेरे की समस्या रखी थी, लेकिन नगरायुक्त ने गंभीरता नहीं दिखाई।
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मेरठ। सुप्रीम कोर्ट ने भले ही फुटपाथ पर खुले आसमान के नीचे रात गुजारने वाले गरीबों को रेन बसेरे की सुविधा देने का आदेश दिया हुआ हो, लेकिन धरातल पर प्रशासन इसका पालन करने को तैयार नहीं है। शहर में 14 से अधिक स्थानों पर रेन बसेरे हैं, लेकिन सभी में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। इसका खुलासा बृहस्पतिवार को पार्षदों के रेन बसेरों के निरीक्षण में हुआ।
बृहस्पतिवार को भाजपा पार्षद विपिन जिंदल, ललित नागदेव, मनमोहन जौहरी, अंशुल गुप्ता, सतेंद्र आदि इकट्ठा होकर शहर के रेन बसेरों का निरीक्षण करने निकले। सबसे पहले पार्षद बच्चा पार्क पर पहुंचे। यहां चौकीदार नहीं मिला। यहां मिले व्यक्ति ने बताया कि शौचालय तक की सफाई भी हमें ही करनी पड़ती है। इसके बाद पार्षदोें का दल सूरजकुंड रेन बसेरे पर पहुंचा तो यहां ताला लटका मिला। महापौर कैंप कार्यालय के पीछे रेन बसेरा खुला हुआ तो था, लेकिन कैमरे गायब थे। पार्षद ललित नागदेव का कहना है कि दो दिन पहले नगरायुक्त के सामने रेन बसेरे की समस्या रखी थी, लेकिन नगरायुक्त ने गंभीरता नहीं दिखाई।
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