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आफत बनी बारिश...पिता-पुत्री की मौत, दो मकानों की छत गिरी

Fri, 11 Jul 2025 02:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jul 2025 02:21 AM IST
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Rain becomes a disaster...father and daughter died, roofs of two houses collapsed
मेरठ..कंवलजीत..दिनभर हुई बारिश से बचते लोग......संवाद
मेरठ/मवाना/सरूरपुर/दौराला। बारिश दूसरे दिन बृहस्पतिवार को आफत बन गई है। जनजीवन प्रभावित हो गया है। सड़कों पर जलभराव और बिजली-पानी की व्यवस्था ठप हो गई। मवाना में बारिश से पेड़ ट्रक पर गिरा। ट्रक की टक्कर से बाइक सवार पिता उवैश और उसकी तीन साल की पुत्री की मौत हो गई। पत्नी शहजादी गंभीर रूप से घायल हो गई। दौराला के रुहासा गांव में दो मकान गिर गए और सरूरपुर गांव डाहर में मिट्टी धंसने से करीब 300 साल पुराना कुआं दिखाई दिया।
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इसके अलावा पुराने शहर कोतवाली में दीवार गिरने से दो युवक घायल हो गए। देर रात तक कई जगह सड़कों पर पानी भरा हुआ था। शिकायत करने के बावजूद नगर निगम की टीम मौके पर नहीं पहुंची। उपभोक्ताओं को बिजली और पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ा।
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मवाना परीक्षितगढ मार्ग पर सुबह साढ़े नौ बजे बारिश के दौरान जामुन का पेड़ गिरने से मवाना कल्याण सिंह मोहल्ला निवासी बाइक सवार उवैश (30) और उसकी साढ़े तीन साल की बेटी बेबी निदा की मौत हो गई। जबकि उसकी पत्नी शहजादी घायल हो गई। उक्त पेड़ वहां से गुजर रहे कैंटर पर भी गिरा था, जिससे चालक घायल हो गया और वह कैंटर अनियंत्रित होकर खेत में पलट गया। चालक रिजवान को मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिवार बाइक से अपनी ससुराल शाहजहांपुर जा रहा था। घटना की सूचना मिलने कर पुलिस ने ही घायलों को एंबुलेंस से सीएचसी पहुंचाया। उवैश, शहजादी व निदा की हालत गंभीर होने पर उनको मेरठ रेफर कर दिया, जहां डॉक्टरों ने निदा व उवैश की मृत घोषित किया है। पूर्व चेयरमैन अय्यूब कालिया ने बताया कि मृतक उवैश फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करता था। निदा उसकी इकलौती पुत्री थी। तीन भाइयों में उवैश सबसे बड़ा था। पुलिस ने बताया कि कैंटर चालक का नाम रिजवान निवासी बड़वालिया है। कैंटर में सीमेंट भरा था। चालक को भी परिजनों ने मेरठ मेडिकल में भर्ती कराया है।
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बंद मकान में मिट्टी धंसने दिखा 300 साल पुराना कुआं
सरूरपुर। गांव डाहर में बेदी पुत्र चंदर के बंद पड़े मकान में अचानक जमीन धंसने से 300 साल पुराना एक प्राचीन कुआं दिखने लगा। ग्राम प्रधान हरप्रीत देवी के परिवार के सदस्य बेदी 40 साल से दिल्ली में रहते हैं। गांव में स्थित उनका मकान बंद पड़ा हुआ है। कमरे की कच्ची छत होने के कारण बारिश का पानी कमरे में भर गया। एसडीएम उदित नारायण सेंगर का कहना है कि मामले की जानकारी कर जांच कराई जाएगी। वहीं, रुहासा गांव में बृहस्पतिवार आबिद के मकान की छत भरभराकर गिर गई। मकान के अंदर कोई नहीं था। मकान के मलबे में घर का सामान दब गया है। आबिद ने बताया है कि वह नाई का कार्य कर अपने परिवार का भरण पोषण करता है।
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ऊर्जा राज्यमंत्री से महिलाएं बोली...घरों में नाले का गंदा पानी



माई सिटी रिपोर्टर



मेरठ। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बृहस्पतिवार को ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर दिल्ली रोड स्थित ट्रांसपोर्टनगर गेट के सामने मंदिर में आए थे। जहां पर महिलाओं ने हंगामा करना शुरू कर दिया। राज्यमंत्री ने महिलाओं को बुलाया और उनकी समस्या सुनी। महिलाओं ने बताया कि दिल्ली रोड के नाले का गंदा पानी उनके घरों में घुस गया। नाले की सफाई नहीं हुई। आरआरटीएस ने नाले को बंद कर दिया है। इसकी जानकारी लगने पर राज्यमंत्री ने नगर आयुक्त को फोन पर नाला सफाई करने के निर्देश दिए। कहां कि तीन दिन में समस्या का निस्तारण हो जाना चाहिए।



लोगों ने बताया कि ओडियन और दिल्ली रोड नाले का पानी कमालपुर स्थित काली नदी में पहुंचने में दिक्कत आ रही है। काली नदी की सफाई नहीं होने के कारण सिल्ट भरा हुआ है। जिसके चलते ओडियन व दिल्ली रोड नाले का पानी काली नदी में पहुंच नहीं पाता। काली नदी की सफाई होने पर बड़ी समस्या का निस्तारण हो जाएगा। प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह का कहना है कि काली नदी की सफाई करने की जिम्मेदारी नगर निगम के पास नहीं हैं। जल्द ही संबंधित विभाग के अधिकारियों से बातचीत करके समस्या का निराकरण करेंगे। बंद मकान की जमीन धंसी, प्राचीन कुएं के अवशेष मिले
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बारिश से गिरी मकान की छत, लाखों का नुकसान

रुहासा गांव में बृहस्पतिवार को आबिद के मकान की छत भरभराकर गिर गई। गनीमत यह रही कि उस दौरान मकान के भीतर कोई नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। मकान के मलबे में घर का सामान दबने से पीड़ित को लाखों का नुकसान हो गया। आबिद के अनुसार वह नाई का कार्य कर अपने परिवार का भरण पोषण करता है। बताया कि मकान की दूसरी मंजिल पर कमरे बने हुए हैं, जिसकी छत कच्ची है। दो दिन से हो रही बारिश के कारण बृहस्पतिवार को ऊपरी मंजिल की छत व दीवार गिर गई। इस कारण पहली मंजिल के लिंटर पर वजन अधिक होने से वह भी भरभराकर गिर गया। तेज आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर दौड़े। परिवार के लोगों को सही सलामत देख ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। मलबे में घर का सामान नष्ट होने से पीड़ित को लाखों का नुकसान हो गया।



10 साल में दूसरी बार जुलाई के 10 दिन जमकर बरसे बदरा
माह में अब तक 90.7 मिमी बारिश दर्ज, बृहस्पतिवार को 43.9 मिमी हुई

मोहित कुमार
मोदीपुरम। मानसून की रफ्तार अच्छी होने के चलते जून माह के अंतिम दिन और जुलाई की शुरुआत में बदरा जमकर बरसे। 10 साल में यह दूसरी बार है, जब जुलाई के शुरुआती 10 दिनों में जमकर बारिश हुई। बृहस्पतिवार को भी दिनभर बूंदाबांदी होती रही। बारिश न केवल गर्मी से राहत मिली, बल्कि धान की बुवाई करने वाले किसानों को भी लाभ होगा। जुलाई माह में अब तक 90.7 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है।

दो दिन से हो रही बारिश के चलते तापमान 30 डिग्री से नीचे आ गया है। उम्मीद है कि जुलाई माह में बारिश के पुराने रिकार्ड टूट सकते है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला प्रभारी अशोक गुप्ता के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक ही 40 मिली मीटर बारिश दर्ज हो चुकी थी। जुलाई माह के शुरुआती 10 दिनों में 90.7 मिली मीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। पिछले साल यह आंकड़ा 56.3 मिमी था। 10 सालों की बात करें तो जुलाई 2023 में 151 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम शमीम का कहना है कि बारिश में धान के अलावा चारा, गन्ने की फसल को भी बारिश से लाभ मिलेगा। चौधरी चरणसिंह विवि की मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 29.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश 43.9 मिमी दर्ज की गई। बारिश के चलते प्रदूषण के स्तर में भी सुधार है। मेरठ का एक्यूआई स्तर 60 दर्ज किया गया। गंगानगर में 71, जयभीमनगर में 71, पल्लवपुरम में 37, बेगमपुल पर 41 और दिल्ली रोड पर 55 एक्यूआई दर्ज किया गया। संवाद

भूकंप के झटकों से हिली धरती, 4.4 दर्ज हुई तीव्रता
मोदीपुरम। बृहस्पतिवार सुबह 9:05 पर दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटके महसूस किए गए। मेरठ में भी भूकंप के झटके महसूस होने से लोग घरों से बाहर निकल आए। भाजपा के क्षेत्रीय महामंत्री सत्येंद्र भराला ने बताया कि वह नहाने के लिए बाथरूम में गए थे। भूकंप के झटके लगते ही वह बाहर निकल आए और शोर मचा दिया। बताया कि अचानक से धरती हिलने लगी, भूकंप के तेज झटके महसूस हुए। बड़ी बिल्डिंग में रहने वाले में रहने वाले लोग भी नीचे मैदान में आ गए। रजनीश कुमार, ओमपाल गुर्जर, आकाश प्रधान का कहना है कि इतने तेज झटके पिछले वर्षों में कभी महसूस नहीं किए।

सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.4 दर्ज की गई। एक बार भूकंप आने के बाद कई हल्के भूकंप आते हैं। भूकंप के दृष्टिकोण से मेरठ सिस्मिक जोन चार व पांच में है, जो भूकंप के लिए प्रोन होते हैं। प्लेट टेक्टोनिक सिद्धांत के अनुसार पृथ्वी कई प्लेटों से बनी है। यह प्लेट्स धीरे-धीरे गतिमान होते हैं, जिसके कारण भूकंप आते हैं। भूकंप का केंद्र हरियाणा था। संवाद

10 वर्षो में जुलाई माह में हुई बारिश

वर्ष बारिश

2016 68.0

2017 43.2

2018 17.2

2019 53.4

2020 45.3

2021 18.8

2022 24.2

2023 151.8

2024 56.3

2025 90.7

नोट- आंकड़े मौसम विभाग से प्राप्त, बारिश मिमी में दर्ज

मेरठ..कंवलजीत..दिनभर हुई बारिश से बचते लोग......संवाद

मेरठ..कंवलजीत..दिनभर हुई बारिश से बचते लोग......संवाद

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