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Meerut News: डीआईओएस कार्यालय की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज
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मेरठ। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रशासनिक सवाल उठाए गए हैं। मेरठ कॉलेज के शिक्षक धर्मेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
शिकायत संख्या 40013826021886 में कार्यालय की कार्यप्रणाली, शासनादेशों के अनुपालन और प्रशासनिक पारदर्शिता से जुड़े कई बिंदुओं को उठाया गया है। सिंह ने कहा कि उपलब्ध अभिलेखीय तथ्यों, स्थानीय सूचनाओं और समाचार रिपोर्टों के आधार पर गंभीर प्रश्न सामने आए हैं। उन्होंने इन बिंदुओं का निष्पक्ष परीक्षण आवश्यक बताया। शिकायत में कार्यालयीन मर्यादा और सार्वजनिक सेवक आचरण नियमों के पालन पर भी सवाल उठाए गए हैं। शासनादेशों के विपरीत कथित संबद्धीकरण संबंधी मामलों की जांच की भी मांग की गई है।
सिंह ने 7 मई 2026 को मुख्य विकास अधिकारी मेरठ द्वारा किए गए औचक निरीक्षण से जुड़े तथ्यों की भी निष्पक्ष जांच का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। प्रशासनिक स्तर पर किसी भी अनियमितता का सीधा प्रभाव शिक्षा व्यवस्था और आमजन के विश्वास पर पड़ता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले की जांच अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा के स्तर से कराई जाए। दोषी पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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शिकायत संख्या 40013826021886 में कार्यालय की कार्यप्रणाली, शासनादेशों के अनुपालन और प्रशासनिक पारदर्शिता से जुड़े कई बिंदुओं को उठाया गया है। सिंह ने कहा कि उपलब्ध अभिलेखीय तथ्यों, स्थानीय सूचनाओं और समाचार रिपोर्टों के आधार पर गंभीर प्रश्न सामने आए हैं। उन्होंने इन बिंदुओं का निष्पक्ष परीक्षण आवश्यक बताया। शिकायत में कार्यालयीन मर्यादा और सार्वजनिक सेवक आचरण नियमों के पालन पर भी सवाल उठाए गए हैं। शासनादेशों के विपरीत कथित संबद्धीकरण संबंधी मामलों की जांच की भी मांग की गई है।
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सिंह ने 7 मई 2026 को मुख्य विकास अधिकारी मेरठ द्वारा किए गए औचक निरीक्षण से जुड़े तथ्यों की भी निष्पक्ष जांच का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। प्रशासनिक स्तर पर किसी भी अनियमितता का सीधा प्रभाव शिक्षा व्यवस्था और आमजन के विश्वास पर पड़ता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले की जांच अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा के स्तर से कराई जाए। दोषी पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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