पुलवामा के शहीद अजय के घर गूंजी किलकारी, बलिदान के पांच माह बाद पत्नी ने बेटे को दिया जन्म
जानी के बसा टीकरी गांव निवासी अजय कुमार सेना की 20 ग्रेनेडियर में थे। वे 55 राष्ट्रीय राइफल में प्रति नियुक्ति पर जम्मू के पुलवामा में तैनात थे। 18 फरवरी को आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान वह शहीद हो गए थे। उस समय उनकी पत्नी प्रियंका उर्फ डिंपल पांच माह की गर्भवती थीं।
22 मई 1992 को जन्मे अजय के पिता वीरपाल सिंह भी सेना में हवलदार रहे। 7 अप्रैल 2012 को अजय भी सेना में भर्ती हो गए और अपना सपना पूरा किया। नौ मार्च 2015 को अजय की शादी मुरादनगर सलेमाबाद की प्रियंका से हुई।
छह जुलाई 2016 को प्रियंका ने बेटे आरव को जन्म दिया। उस वक्त अजय अंडमान में तैनात थे। उन्होंने पत्नी से आने का वादा किया था, लेकिन छुट्टी नहीं मिलने के कारण उसे निभा नहीं पाए थे। आरव के जन्म के दो माह बाद वो घर आए। सभी की शिकायत पर अजय ने कहा था कि सेना में हूं, सिर्फ घर को नहीं देख सकता।
इस बार डॉक्टरों ने बच्चे की डिलीवरी की तारीख जुलाई में बताई थी तो अजय ने कहा था कि छह जुलाई से पहले ही घर आ जाऊंगा। आरव का जन्मदिन मनाऊंगा। नई किलकारी के आने पर साथ रहूंगा। अफसोस देश के लिए बलिदान देने वाले अजय परिवार से किया वादा फिर पूरा नहीं कर पाए।
अभी तक नहीं लगी स्टेडियम में प्रतिमा
आईटीआई कॉलेज के प्रबंधक और सचिव ने उस वक्त अजय की प्रतिमा के लिए डिग्री कॉलेज में जगह देने की बात कही थी। नेताओं ने बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन कुछ नहीं हुआ।