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बिजली सहित कई विभागों में निजीकरण के विरोध में किया प्रदर्शन

Sat, 28 Jun 2025 02:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 28 Jun 2025 02:00 AM IST
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Protests were held against privatization in many departments including electricity
मेरठ..कंवलजीत..कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते आज़ाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता.....संवाद
मेरठ। बिजली विभाग, नगर निगम, नगर पालिका, बैंक सहित कई विभागों में किए जा रहे निजीकरण के खिलाफ शुक्रवार को कलक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया गया। भीम आर्मी भारत एकता मिशन के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर नारेबाजी कर रोष जताया। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
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जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सूद ने कहा कि सरकार को निजीकरण पर रोक लगानी चाहिए। निजीकरण मजदूरों की उन्नति में बाधा बन रहा है। आरोप लगाया कि स्थाई कर्मचारी ऐसे में ठेका कर्मचारियों का शोषण करते हैं। ऐसे में सफाई कर्मचारी के परिवार भी सुख सुविधाओं से वंचित हैं। नगर निगम, नगर पालिका, बैंक, विद्युत निगम में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति ठेके आधार पर की जाती है।
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महानगर प्रभारी चहर सिंह जाटव ने कहा कि नगर निगम में 2416 अस्थाई कर्मचारियों के साथ ठेका प्रथा को समाप्त किया जाना चाहिए। महानगर के मानक के अनुसार सफाई कर्मचारियों की भर्ती की जाए। इस अलावा नगर निगम, विद्युत निगम, बैंक आदि सरकारी कार्यालयों में ठेका प्रथा पूर्ण रूप से समाप्त की जाए। उन्होंने कहा कि 1992 के बाद लगे अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई किया जाए। जयपाल सिंह जाटव ने कहा कि कर्मचारियों को ईएसआई के तहत पांच लाख रुपये और उनके परिवार के सदस्यों को इलाज की सुविधा दी जाए। विद्युत कर्मचारियों से आठ घंटे से अधिक कार्य न लिया जाए।
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जिला महासचिव गोपाल ने कहा कि विद्युत निगम में आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। इस दौरान अजीत चंद्रा, डॉ. सौरभ गौतम, डॉ. सुनील राणा आदि रहे। इसके अलावा एक अलग ज्ञापन देते हुए बिजेंद्र सूद ने कहा कि सरधना के गांव धंजू में वाल्मीकि समाज के लोगों के लिए श्मशान स्थल के लिए भूमि आवंटित की जाए। गांव अझौता में वाल्मीकि समाज बस्ती में गंदे पानी की निकासी की समस्या भी उठाई गई।
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