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Meerut News: बंगाली बस्ती में 107 परिवारों के मकान तोड़ने पहुंची टीम का विरोध, हंगामा

Wed, 04 Dec 2024 01:51 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 04 Dec 2024 01:51 PM IST
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Protest by the team that arrived to demolish the houses of 107 families in Bengali Basti, ruckus
बंगाली बस्ती में कार्रवाई की सूचना पर पहुंचे भाकियू कार्यकर्ता एस डी एम से वार्ता करते हुए। (मव
एनजीटी के आदेश पर पुलिस फोर्स लेकर पहुंची टीम ने पशुओं का स्थान तोड़ा
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ग्राम प्रधान ने की है झील पर अतिक्रमण की शिकायत, टीम चेतावनी देकर लौटी

संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश पर मंगलवार को नगला गोसाई में बंगाली काॅलोनी में रह रहे 107 परिवारों के मकानों को तोड़ने पुलिस फोर्स लेकर पहुंची प्रशासन की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। जेसीबी देखते ही महिलाओं और पुरुषों ने विरोध और हंगामा शुरू कर दिया। टीम ने तीन परिवारों के पशुओं के रहने के लिए बनाए स्थान को तोड़ दिया। कुछ लोगों ने अभियान रोकने की गुहार लगाई। तभी भाकियू के कार्यकर्ता पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। टीम जल्द स्वयं अतिक्रमण हटाने की चेतावनी देकर लौट आई।
नगला गोसाई की ग्राम प्रधान ने एनजीटी में शिकायत की हुई है कि सेंक्चुअरी में झील की भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर बंगाल से आए लोगों ने मकान बना लिए हैं। इसके बाद एनजीटी ने अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया है। मंगलवार को दोपहर तीन एसडीएम अंकित कुमार, सीओ अभिषेक पटेल, सीओ सदर देहात नवीना शुक्ला, तहसीलदार रणविजय सिंह और नायब तहसीलदार आसपास के थानों की पुलिस फोर्स के साथ बंगाली बस्ती में दो जेसीबी लेकर पहुंचे। तहसीलदार ने लाउडस्पीकर से चेतावनी दी कि अतिक्रमण हटाने का एनजीटी का आदेश है। आप लोग स्वयं अतिक्रमण हटा लें। इसके बाद बंगाली बस्ती के लोगों ने विरोध किया।
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भाकियू के एनसीआर महासचिव नरेश चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ता पहुंच गए। उन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि गरीबों के साथ अन्याय हो रहा है। पहले इनके पुर्नवास की व्यवस्था प्रशासन को करनी चाहिए। विरोध को देखते हुए प्रशासन ने कार्रवाई को रोक दिया। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि जल्द अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो वह इसे हटा देंगे। भाकियू कार्यकर्ताओं में हर्ष चहल, बबलू, टीटू, वीर सिंह चौधरी, नदीम, मुनीष त्यागी आदि मौजूद रहे।
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42 साल से रह रहे हैं बंगाली परिवार
बंगाली बस्ती में रहने वाले रमनराय ने बताया कि वे लोग लगभग 42 साल से यहां रह रहे हैं। उनके पूर्वज बांग्लादेश बनने के बाद यहां आ गए थे। उनके पास आधार कार्ड, राशन कार्ड आदि कागजात और बिजली के कनेक्शन भी हैं। विधायक निधि से बस्ती में रास्ते का भी निर्माण कराया गया है। अब तहसील प्रशासन उनके सभी कागजातों को अवैध बता रहा है। आरोप है कि पहले ग्राम प्रधान ने स्टेडियम बनाने के लिए कुछ जगह ग्राम पंचायत की बताई थी। लेकिन बाद में पूरी जगह मांगने लगे। विरोध करने पर इसे झील बता दिया। परिवारों को तहसीलदार ने नोटिस दिया है, लेकिन नोटिस पर तहसीलदार की मुहर नहीं है।
हाथ जोड़कर लोगों ने लगाई गुहार
प्रशासन की टीम ने जेसीबी चलानी शुरू की तो कुछ महिला पुरुष जेसीबी के आगे हाथ जोड़कर खड़े गए हो गए। वे गुहार लगाते हुए कहने लगे कि प्रदेश में भाजपा की सरकार है, फिर भी उनके साथ अत्याचार हो रहा है। हम भी हिंदू हैं, योगी जी हमें बचाओ। यहां हिंदू ही हिंदू को परेशान कर रहा है। उनका कहना था कि यदि उनके आवासों को ढहा दिया जाएगा तो सर्दी के मौसम में हम कहां जाएंगे। कैसे बच्चों के साथ खुले आसमान के नीचे रहेंगे।


अतिक्रमण नहीं हटाया तो कार्रवाई होगी : एसडीएम
एसडीएम अंकित कुमार ने बताया कि एनजीटी ने सेंक्चुअरी क्षेत्र की झील को अतिक्रमण मुक्त कराने के आदेश दिए हैं। तहसीलदार द्वारा तीन बार नोटिस दिया जा चुका है। अब अतिक्रमण स्वयं हटाने की चेतावनी दी है। एक दो दिन में अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है तो पुन: कार्रवाई की जाएगी।
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