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नए गृहकर में गोलमाल: दो हजार वाला बिल बना तीन लाख का, महापौर ने कहा-आपत्ति दर्ज कराएं, स्वकर प्रपत्र लें

Thu, 03 Jul 2025 11:17 AM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: डिंपल सिरोही Updated Thu, 03 Jul 2025 11:17 AM IST
सार

मेरठ नगर निगम ने नए गृहकर में की भारी गड़बड़ी, दो हजार के बिल को तीन लाख में बदल दिया। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कहा- लोग घबराएं नहीं, आपत्ति दर्ज करें और खुद का स्वकर प्रपत्र भरें।

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Property Tax Scam Meerut: Bills Inflated from two lakh to three Lakh, Mayor Urges Public to File Objections
मेरठ नगर निगम - फोटो : संवाद

विस्तार

 230 रुपये का 12 हजार, 1800 रुपये का 2.70 लाख और तीन हजार का 4.12 लाख रुपये तक का नया गृहकर बताकर नगर निगम ने बिल तैयार कर दिया है। एक-दो नहीं, 50 हजार से ज्यादा भवन स्वामियों के गृहकर बिल की यह हालत है। नए गृहकर में घपलेबाजी है, इसलिए भवन स्वामी आपत्ति कीजिए और स्वकर प्रपत्र निगम से लीजिए। 

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यह बातें अब नगर निगम अफसरों ने भवन स्वामियों से कहनी शुरू कर दीं हैं। महापौर हरिकांत अहलूवालिया का कहना कि नए गृहकर बिल को देखकर घबराए नहीं। निगम द्वारा डोर-टू-डोर स्वकर प्रपत्र वितरित कराए जाए और आप खुद ही अपने भवन की जानकारी दें। उसके आधार पर गृहकर की वसूली की जाएगी।
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महापौर ने बुधवार को सूरजकुंड स्थित अपने कैंप कार्यालय में नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, मुख्य एवं वित्त लेखाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार, लवी त्रिपाठी, मुख्य नगर लेखा परीक्षक अमित भार्गव और प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. हरपाल सिंह के साथ बैठक की। इसमें नए गृहकर के बिल वितरित करने पर मंथन हुआ। 
महापौर का कहना कि नए गृहकर के बिल कई गुना बढ़ाकर आने की शिकायत आ रही है। लोगों की शिकायत सुनिए और डोर-टू-डोर स्वकर प्रपत्र भिजवा दीजिए। भवन स्वामियों की आपत्ति और सुझाव भी लीजिए।

 निगम की मनमानी नहीं, नियमानुसार गृहकर की वसूली की जाएगी। जो एक लाख नए भवन जीआईएस सर्वे में चिह्नित किए हैं, सबसे पहले उनसे गृहकर लेना सुनिश्चित कीजिए। सन 2004 में लगे गृहकर के अनुसार ही महानगर में भवन स्वामियों से वसूली होगी। जीआईएस सर्वे में भवनों का सत्यापन किया गया है। इस पर बहुत लोगों की आपत्ति है। उनका निस्तारण करने के बाद ही नए गृहकर के बिल वितरित करें। शहर में करीब 3.50 लाख भवन से गृहकर की वसूली करनी हैं।

शहर के वार्डों में चौपाल लगाएंगे 
 नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने बताया कि नए गृहकर की वसूली से पहले शहर     के प्रत्येक वार्ड में चौपाल लगाई जाएंगी। नए गृहकर पर आने वाली आपत्तियों का मौके पर निस्तारण किया जाएगा। निगम परिसर में कंट्रोल रूम बनाया गया है।

कंकरखेड़ा, शास्त्रीनगर और मुख्यालय जोन में शुक्रवार को समाधान दिवस लगाया जा रहा है। स्वकर प्रपत्र डोर-टू-डोर वितरित करने के लिए एक कंपनी को टेंडर   देने की योजना है। कर निरीक्षक, कर निर्धारण अधिकारी और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी मॉनीटरिंग करेंगे।

 भ्रमित न हों, हर शिकायत का होगा समाधान 
महापौर ने कहा कि नए गृहकर को लेकर कुछ लोग भवन स्वामियों को भ्रमित कर रहे हैं। कुछ गलत नहीं होगा। जिन भवन स्वामियों के गृहकर का बिल ज्यादा आया है, वह शिकायत करें। शत-प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा।

स्वकर प्रपत्र की जानकारी के लिए प्रचार-प्रसार भी निगम के अधिकारी करेंगे। जिसे लेकर रोजाना अधिकारियों से बातचीत हो रही हैं। लापरवाही करने वाले निगम अधिकारियों पर कार्रवाई करने के लिए भी नगर आयुक्त को बोला है। निगम के कई अफसरों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। जिसकी जांच कराई जा रही है।

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