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तीन साल से धरने पर बैठे किसानों ने किया जमकर हंगामा, केरोसिन लेकर चढ़े टंकी पर
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Updated Thu, 15 Jun 2017 12:46 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नई भू अधिग्रहण नीति से मुआवजे की मांग को लेकर लगभग तीन साल से धरने पर बैठे शताब्दीनगर के किसानों ने बुधवार को आंदोलन का बिगुल बजा दिया। किसानों ने पंचायत कर आत्मदाह का एलान कर दिया। कई किसान केरोसिन लेकर टंकी पर चढ़ गए। इससे अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। घंटाें चले हंगामे के बाद किसान आश्वासन पर शांत हुए। वहीं उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो फिर से आंदोलन शुरू होगा।
शताब्दीनगर में भूमि अधिग्रहण की नई नीति के तहत मुआवजे की मांग को लेकर तीन साल से किसान धरने पर बैठे हैं। पांच गांवों के किसानों का यह धरना लगातार चल रहा है। कई बार यहां प्रशासनिक स्तर पर किसानों की वार्ता हुई, लेकिन नतीजा नहीं निकला। आक्रोशित किसानों ने पांच दिन पहले बुधवार को उग्र आंदोलन की चेतावनी का ज्ञापन डीएम को दिया था। बुधवार सुबह पांचों गांवों के किसान ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने टंकी पर चढ़ने की चेतावनी दी। उधर कई थानों की पुलिस तथा सीओ धर्मेंद्र चौहान ने धरनास्थल सहित पानी की टंकियों को घेर लिया। सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ धर्मेंद्र चौहान ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसानों ने दो टूक कह दिया गया कि डीएम और एमडीए वीसी किसानों के बीच आएं और लिखित में वायदा करें तभी कोई बात होगी।
आत्मदाह के लिए चिता सजाई
किसानों ने आत्मदाह करने के लिए चिता सजा दी और कहा कि अब आरपार की लड़ाई होगी। किसान मानने वाले नहीं है। किसान नेता विजयपाल घोपला ने किसी तरह से किसानों को रोका और कहा कि पहले बातचीत होगी।
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केरोसिन लेकर टंकी पर चढ़ गए किसान
इस बीच कुछ किसान केरोसिन लेकर घोपला गांव स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए तो पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। इसके बाद एडीएम सिटी मुकेश चंद्र और एसपी सिटी मान सिंह चौहान किसानों के बीच पहुंचे। इसके बाद भी किसान डीएम को बुलाने पर अडे़ रहे। कुछ देर बाद भाजपा विधायक सोमेंद्र तोमर धरनास्थल पहुंचे और किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगे यहां प्रशासन स्तर से शासन स्तर तक पहुंचाकर जल्द से जल्द मुआवजा दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो किसानों के प्रतिनिधिमंडल की लखनऊ में सीएम से भी मुलाकात करा दी जाएगी। पहले तो किसान मना करते रहे पर बाद में आश्वासन पर मान गए। पुलिस ने किसानों को टंकी से उतारा। हालांकि चेतावनी दी कि यदि आश्वासन पर काम नहीं हुआ तो आंदोलन फिर से शुरू होगा। बाद में सभी ने यहां किसानों के साथ पूड़ी कचौरी का स्वाद लिया। इस अवसर पर भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद जिटौली, वरिष्ठ नेता चौ. ईलम सिंह, चौधरी वीरपाल, सुभाष, चौ. नरेश, संजय दौरालिया, नवाब सिंह, इंद्रपाल, डॉ. अमरवीर, लक्ष्मण, डॉ. विकास, डॉ. मदनपाल, सुनील वर्मा, आदित्य शर्मा, पवन शर्मा अमरदीप ओझा आदि किसान मौजूद रहे।
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शताब्दीनगर में भूमि अधिग्रहण की नई नीति के तहत मुआवजे की मांग को लेकर तीन साल से किसान धरने पर बैठे हैं। पांच गांवों के किसानों का यह धरना लगातार चल रहा है। कई बार यहां प्रशासनिक स्तर पर किसानों की वार्ता हुई, लेकिन नतीजा नहीं निकला। आक्रोशित किसानों ने पांच दिन पहले बुधवार को उग्र आंदोलन की चेतावनी का ज्ञापन डीएम को दिया था। बुधवार सुबह पांचों गांवों के किसान ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने टंकी पर चढ़ने की चेतावनी दी। उधर कई थानों की पुलिस तथा सीओ धर्मेंद्र चौहान ने धरनास्थल सहित पानी की टंकियों को घेर लिया। सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ धर्मेंद्र चौहान ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसानों ने दो टूक कह दिया गया कि डीएम और एमडीए वीसी किसानों के बीच आएं और लिखित में वायदा करें तभी कोई बात होगी।
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आत्मदाह के लिए चिता सजाई
किसानों ने आत्मदाह करने के लिए चिता सजा दी और कहा कि अब आरपार की लड़ाई होगी। किसान मानने वाले नहीं है। किसान नेता विजयपाल घोपला ने किसी तरह से किसानों को रोका और कहा कि पहले बातचीत होगी।
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केरोसिन लेकर टंकी पर चढ़ गए किसान
इस बीच कुछ किसान केरोसिन लेकर घोपला गांव स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए तो पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। इसके बाद एडीएम सिटी मुकेश चंद्र और एसपी सिटी मान सिंह चौहान किसानों के बीच पहुंचे। इसके बाद भी किसान डीएम को बुलाने पर अडे़ रहे। कुछ देर बाद भाजपा विधायक सोमेंद्र तोमर धरनास्थल पहुंचे और किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगे यहां प्रशासन स्तर से शासन स्तर तक पहुंचाकर जल्द से जल्द मुआवजा दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो किसानों के प्रतिनिधिमंडल की लखनऊ में सीएम से भी मुलाकात करा दी जाएगी। पहले तो किसान मना करते रहे पर बाद में आश्वासन पर मान गए। पुलिस ने किसानों को टंकी से उतारा। हालांकि चेतावनी दी कि यदि आश्वासन पर काम नहीं हुआ तो आंदोलन फिर से शुरू होगा। बाद में सभी ने यहां किसानों के साथ पूड़ी कचौरी का स्वाद लिया। इस अवसर पर भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद जिटौली, वरिष्ठ नेता चौ. ईलम सिंह, चौधरी वीरपाल, सुभाष, चौ. नरेश, संजय दौरालिया, नवाब सिंह, इंद्रपाल, डॉ. अमरवीर, लक्ष्मण, डॉ. विकास, डॉ. मदनपाल, सुनील वर्मा, आदित्य शर्मा, पवन शर्मा अमरदीप ओझा आदि किसान मौजूद रहे।