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Meerut News: एसआईआर के लिए प्रक्रिया शुरू, किसी ने सराहा तो किसी ने बताया चुनावी रूप
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सरूरपुर। आदेश फौजी। स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर। प्रदेश में मंगलवार से एसआईआर की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई। इसके तहत आने वाले कुछ हफ्तों में बीएलओ द्वारा प्रत्येक घर तक गणना पत्र पहुंचाया जाएगा। जिसे नागरिकों को निर्धारित समय सीमा में भरकर उसे वापस बीएलओ के पास ही जमा करना होगा। साथ ही चुनाव आयोग ने जो दस्तावेज मांगे हैं उन्हें भी गणना पत्र के साथ जमा करना होगा।
सरकार का दावा है कि इस सर्वे के जरिए विकास योजनाओं को अधिक सटीक रूप से लागू करने में मदद मिलेगी, जबकि विपक्ष ने इसकी पारदर्शिता और गोपनीयता पर सवाल उठाए हैं। सरकार का दावा है कि इस बार एसआईआर को डिजिटल और मैनुअल दोनों तरीकों से संचालित किया जाएगा। गणनापत्र में परिवार की आय, संपत्ति, शिक्षा, रोजगार, आवास और सामाजिक स्थिति से संबंधित जानकारी मांगी गई है। अधिकारियों के अनुसार, एकत्र किए गए आंकड़े राज्य की नीतियों, अनुदानों और कल्याणकारी योजनाओं के निर्धारण का आधार बनेंगे।
पक्ष...
अगर सरकार सही तरीके से सर्वे कराए और उसके आधार पर योजनाएं बनाए तो यह बहुत अच्छा कदम है। क्षेत्र में कई परिवार ऐसे हैं जिन्हें सरकारी मदद नहीं मिल पाती। इस सर्वे से शायद उन्हें भी पहचान मिलेगी। -सुरेंद्र सिंह, गांव बपारसी
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एसआईआर से पता चलेगा कि कौन वाकई जरूरतमंद है। योजनाएं अक्सर गलत हाथों में चली जाती हैं। अब आंकड़ों के आधार पर काम होगा तो न्यायसंगत वितरण संभव है। -आदेश फौजी, भाजपा नेता
मैं इसे पारदर्शिता की दिशा में अच्छा कदम मानता हूं। आंकड़ों के जरिए सरकार को समझ में आएगा कि आम जनता किस स्थिति में है और कहां सुधार की जरूरत है। -चौधरी सतीश, पूर्व चेयरमैन, करनावल
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विपक्ष...
सरकार अगर ईमानदारी से यह सामाजिक-आर्थिक गणना कराती है तो इससे कृषि क्षेत्र की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है। आज खेती किसानी की स्थिति कितनी बदतर हो चुकी है, इसका सही आंकड़ा सरकार के पास नहीं है। एसआईआर में किसानों की आय, लागत और ऋण की सच्ची जानकारी होनी चाहिए। -मनोज त्यागी, ग्रामीण
यह सर्वे चुनावी तैयारी जैसा लगता है। सरकार अगर वास्तव में लोगों की मदद करना चाहती है तो पहले पुराने सर्वे की रिपोर्ट सार्वजनिक करे। लोगों को जागरूक रहने की आवश्यकता है। वोटर को अपनी वोट चोरी होने से रोकने की आवश्यकता है। अपने दस्तावेज तैयार कराकर स्वयं बीएलओ को जमा कराकर रशीद प्राप्त करें। -नदीम चौहान, सपा नेता
सरकार ने पहले भी ऐसे कई सर्वे किए, लेकिन नतीजे कभी जनता के सामने नहीं आए। जब तक पारदर्शिता नहीं होगी, तब तक भरोसा करना मुश्किल है। -अशफाक प्रधान, किसान नेता
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सरूरपुर। प्रदेश में मंगलवार से एसआईआर की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई। इसके तहत आने वाले कुछ हफ्तों में बीएलओ द्वारा प्रत्येक घर तक गणना पत्र पहुंचाया जाएगा। जिसे नागरिकों को निर्धारित समय सीमा में भरकर उसे वापस बीएलओ के पास ही जमा करना होगा। साथ ही चुनाव आयोग ने जो दस्तावेज मांगे हैं उन्हें भी गणना पत्र के साथ जमा करना होगा।
सरकार का दावा है कि इस सर्वे के जरिए विकास योजनाओं को अधिक सटीक रूप से लागू करने में मदद मिलेगी, जबकि विपक्ष ने इसकी पारदर्शिता और गोपनीयता पर सवाल उठाए हैं। सरकार का दावा है कि इस बार एसआईआर को डिजिटल और मैनुअल दोनों तरीकों से संचालित किया जाएगा। गणनापत्र में परिवार की आय, संपत्ति, शिक्षा, रोजगार, आवास और सामाजिक स्थिति से संबंधित जानकारी मांगी गई है। अधिकारियों के अनुसार, एकत्र किए गए आंकड़े राज्य की नीतियों, अनुदानों और कल्याणकारी योजनाओं के निर्धारण का आधार बनेंगे।
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पक्ष...
अगर सरकार सही तरीके से सर्वे कराए और उसके आधार पर योजनाएं बनाए तो यह बहुत अच्छा कदम है। क्षेत्र में कई परिवार ऐसे हैं जिन्हें सरकारी मदद नहीं मिल पाती। इस सर्वे से शायद उन्हें भी पहचान मिलेगी। -सुरेंद्र सिंह, गांव बपारसी
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एसआईआर से पता चलेगा कि कौन वाकई जरूरतमंद है। योजनाएं अक्सर गलत हाथों में चली जाती हैं। अब आंकड़ों के आधार पर काम होगा तो न्यायसंगत वितरण संभव है। -आदेश फौजी, भाजपा नेता
मैं इसे पारदर्शिता की दिशा में अच्छा कदम मानता हूं। आंकड़ों के जरिए सरकार को समझ में आएगा कि आम जनता किस स्थिति में है और कहां सुधार की जरूरत है। -चौधरी सतीश, पूर्व चेयरमैन, करनावल
विपक्ष...
सरकार अगर ईमानदारी से यह सामाजिक-आर्थिक गणना कराती है तो इससे कृषि क्षेत्र की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है। आज खेती किसानी की स्थिति कितनी बदतर हो चुकी है, इसका सही आंकड़ा सरकार के पास नहीं है। एसआईआर में किसानों की आय, लागत और ऋण की सच्ची जानकारी होनी चाहिए। -मनोज त्यागी, ग्रामीण
यह सर्वे चुनावी तैयारी जैसा लगता है। सरकार अगर वास्तव में लोगों की मदद करना चाहती है तो पहले पुराने सर्वे की रिपोर्ट सार्वजनिक करे। लोगों को जागरूक रहने की आवश्यकता है। वोटर को अपनी वोट चोरी होने से रोकने की आवश्यकता है। अपने दस्तावेज तैयार कराकर स्वयं बीएलओ को जमा कराकर रशीद प्राप्त करें। -नदीम चौहान, सपा नेता
सरकार ने पहले भी ऐसे कई सर्वे किए, लेकिन नतीजे कभी जनता के सामने नहीं आए। जब तक पारदर्शिता नहीं होगी, तब तक भरोसा करना मुश्किल है। -अशफाक प्रधान, किसान नेता

सरूरपुर। आदेश फौजी। स्वयं

सरूरपुर। आदेश फौजी। स्वयं

सरूरपुर। आदेश फौजी। स्वयं

सरूरपुर। आदेश फौजी। स्वयं

सरूरपुर। आदेश फौजी। स्वयं