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प्राइवेट स्कूलों की दो टूक : फीस जमा नहीं कराई तो स्कूल से कटेगा नाम, जरूरतमंद अभिभावकों की करेंगे मदद

Sun, 23 May 2021 01:38 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 23 May 2021 01:38 PM IST
सार

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के निजी स्कूलों ने साफ कर दिया है कि यदि छात्र छात्रा की फीस जमा नहीं कराई गई तो उसका स्कूल से नाम काट दिया जाएगा। हालांकि जरूरतमंद अभिभावकों की मदद करने की बात भी कही गई है।

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Private schools cleared: student name will be deducted from the school If not deposited fees, will help the needy parents
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock

विस्तार

सहोदय की ऑनलाइन बैठक में तय किया गया कि  जिन विद्यार्थियों की फीस जमा नहीं है, उनके नाम स्कूल से काट दिए जाएंगे। जो वाकई में जरूरतमंद हैं, उन अभिभावकों की मदद की जाएगी। कोरोना महामारी में स्कूलों का भी  नुकसान हुआ है। फीस जमा नहीं होगी तो शिक्षकों का वेतन कैसे दिया जाएगा। 
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बैठक में 83 स्कूलों के प्रधानाचार्य और संचालकों ने भाग लिया। सहोदय सचिव राहुल केसरवानी ने कहा कि फीस में वृद्धि नहीं होगी। ट्रांसपोर्ट और दूसरी मदों के शुल्क भी नहीं लिए जाएंगे। स्कूल संचालकों ने बताया कि जो अभिभावक फीस जमा करने में सक्षम हैं, वह भी फीस नहीं दे रहे हैं।
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ऐसे में जिन विद्यार्थियों की फीस अब तक जमा नहीं की गई है, उनके नाम काट दिए जाएंगे। स्कूलों में ऐसे अभिभावकों की सूची बनाने को कहा गया है जो वाकई में जरूरतमंद हैं। 
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बैठक में कहा गया कि बहुत से स्कूलों के पास अपनी बसें हैं। ट्रांसपोर्ट शुल्क जीरो हो गया है। ड्राइवर और हेल्पर की सैलरी देनी पड़ रही है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि लॉकडाउन की अवधि का रोड टैक्स माफ किया जाए। गाड़ियों की फिटनेस और इंश्योरेंस की अवधि बढ़ाने की छूट दी जाए।  

केसरवानी ने बताया कि 23 शहरों के अलग-अलग स्कूलों से 300-300 वीडियो मंगाई गई थी, जो ऑनलाइन शिक्षण को प्रमाणित करती हैं। ऐसे में वह अपनी इन समस्याओं को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से भी वार्ता करेंगे। 

कोरोना के कारण व्यापार बंद हो गए हैं। कुछ लोगों की नौकरी छूट गई हैं। जो अभिभावक परेशान हैं, उनकी मदद की जाएगी। जो अभिभावक सक्षम है, उन्हें शुल्क देना चाहिए। - राहुल केसरवानी, सचिव सहोदय 

जो लोग फीस देने में सक्षम हैं, वे भी नहीं जमा कर रहे हैं। ऐसे में स्कूल कैसे चलेंगे। शिक्षकों की सैलरी कौन देगा। ऐसे में फीस तो सभी को देनी होगी। बढ़ी हुई फीस कहीं नहीं ली जाएगी। - डॉ. कमेंद्र सिंह, अध्यक्ष मेरठ सहोदय महान

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