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भारत में निर्मित जहाजों व क्रूज सेवाओं को मिले प्राथमिकता : अरुण गोविल
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मेरठ। सांसद अरुण गोविल ने सोमवार को लोकसभा में कोस्टल शिपिंग बिल 2024 पर बोलते हुए कहा कि यह विधेयक दो दिसंबर 2024 को लोकसभा में प्रस्तुत किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य भारत के तटीय व्यापार (कोस्टल ट्रेड) को बढ़ावा देना, घरेलू जहाजों को बिना जटिल औपचारिकताओं और बड़े लाइसेंस के कोस्टल ट्रेड की अनुमति देना और इस क्षेत्र में विदेशी कंपनियों के वर्चस्व को समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि भारत में निर्मित जहाजों और भारतीय क्रूज़ सेवाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सांसद ने कहा कि वर्ष 2005 में तत्कालीन यूपीए सरकार ने देश के पूर्वी व पश्चिमी तट के बीच समुद्री मार्ग को छोटा करने के नाम पर राम सेतु को तोड़ने की साजिश रची थी। तत्कालीन संस्कृति मंत्री अंबिका सोनी द्वारा भगवान श्रीराम को काल्पनिक बताने का शपथ पत्र दायर किया गया, जिससे पूरे देश में भारी आक्रोश फैला। व्यापक जन विरोध के कारण यूपीए सरकार को यह शपथ पत्र वापस लेना पड़ा और अंततः वह राम सेतु को तोड़ने की अपनी योजना में असफल रही। वर्ष 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने राम सेतु को तोड़ने की परियोजना को पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिससे देश की जनता ने राहत की सांस ली।
आज मोदी सरकार भारत के तटीय व्यापार को मजबूत करने और इसे आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय समुद्री बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कोस्टल शिपिंग बिल 2024 को भारत के नौवहन क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने और भारत को वैश्विक समुद्री शक्ति में परिवर्तित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस विधेयक से भारत के तटीय व्यापार और समुद्री परिवहन क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत होगी।
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सांसद ने कहा कि वर्ष 2005 में तत्कालीन यूपीए सरकार ने देश के पूर्वी व पश्चिमी तट के बीच समुद्री मार्ग को छोटा करने के नाम पर राम सेतु को तोड़ने की साजिश रची थी। तत्कालीन संस्कृति मंत्री अंबिका सोनी द्वारा भगवान श्रीराम को काल्पनिक बताने का शपथ पत्र दायर किया गया, जिससे पूरे देश में भारी आक्रोश फैला। व्यापक जन विरोध के कारण यूपीए सरकार को यह शपथ पत्र वापस लेना पड़ा और अंततः वह राम सेतु को तोड़ने की अपनी योजना में असफल रही। वर्ष 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने राम सेतु को तोड़ने की परियोजना को पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिससे देश की जनता ने राहत की सांस ली।
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आज मोदी सरकार भारत के तटीय व्यापार को मजबूत करने और इसे आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय समुद्री बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कोस्टल शिपिंग बिल 2024 को भारत के नौवहन क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने और भारत को वैश्विक समुद्री शक्ति में परिवर्तित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस विधेयक से भारत के तटीय व्यापार और समुद्री परिवहन क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत होगी।
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