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Meerut News: ऊर्जा राज्यमंत्री पर दलितों की बेशकीमती जमीनें कब्जाने का आरोप
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मेरठ। ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर पर दलितों की आवंटित जमीनों की खरीद-फरोख्त में अनियमितता के आरोप एक बार फिर सामने आए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता डॉ. संदीप पहल ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि कायस्थ गांवड़ी, दिल्ली रोड पर दलितों को दिए गए पट्टों की जमीनें मिलीभगत कर अवैध रूप से खरीदी गईं हैं। इस प्रक्रिया में प्रशासन की अनुमति से लेकर बैनामा तक कई स्तरों पर गड़बड़ी होने का उन्होंने आरोप लगाया।
वेस्ट एंड रोड में पत्रकारों से बातचीत में डॉ. पहल ने ऊर्जा राज्यमंत्री पर जमीन कब्जाने का आरोप लगाया। पहल का कहना था कि रोशन लाल, विनोद, सुदेश, विपलव, जयप्रकाश का मेडिकल मुआयना 13 फरवरी 2024 को कराया गया था, जबकि उसका अनुबंध 13 मार्च को किया गया। 12 सितंबर को स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और अगले ही दिन एडीएम की अनुमति के बाद बैनामा भी हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि 11 में से सात पट्टों का एग्रीमेंट 13 मार्च 2024 को 33 व्यक्तियों को लेकर किया गया, जिसमें ऊर्जा राज्यमंत्री के शांति निकेतन ट्रस्ट के जुड़े होने का भी जिक्र किया गया। तीन अन्य पट्टों का एग्रीमेंट सितंबर 2023 में 25 व्यक्तियों के नाम पर कराया गया। यह व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है।
डॉ. पहल ने मेडिकल प्रक्रिया को संदिग्ध बताते हुए कहा कि कृष्णा पत्नी कृष्णपाल का मेडिकल 16 जुलाई को निजी अस्पताल में हुआ, जबकि ऐसा मेडिकल अनुमन्य ही नहीं था। इसके बावजूद एडीएम प्रशासन ने अनुमति प्रदान कर दी। आरोप है कि लगभग 3.23 हेक्टेयर जमीन 6 करोड़ 85 लाख रुपये में खरीदी गई, जिस पर 30 लाख रुपये स्टाम्प शुल्क दिया गया। मेरठ विकास प्राधिकरण की कॉलोनी की घोषणा के बाद इन जमीनों की कीमत कथित तौर पर पांच गुना तक बढ़ गई, जिससे बड़े पैमाने पर लाभ कमाया गया।
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आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं। साल 2008 से संस्था चल रही है। शैक्षिक उद्देश्य के लिए ही नियम, कायदों से भूमि खरीदी गई है। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की प्रस्तावित इंटीग्रेटेड टाउनशिप में भूमि नहीं है बल्कि वहां से 500 मीटर की दूरी पर है।
- सोहनवीर वशिष्ठ, प्रशासनिक अधिकारी, शांति निकेतन ट्रस्ट।
वेस्ट एंड रोड में पत्रकारों से बातचीत में डॉ. पहल ने ऊर्जा राज्यमंत्री पर जमीन कब्जाने का आरोप लगाया। पहल का कहना था कि रोशन लाल, विनोद, सुदेश, विपलव, जयप्रकाश का मेडिकल मुआयना 13 फरवरी 2024 को कराया गया था, जबकि उसका अनुबंध 13 मार्च को किया गया। 12 सितंबर को स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और अगले ही दिन एडीएम की अनुमति के बाद बैनामा भी हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि 11 में से सात पट्टों का एग्रीमेंट 13 मार्च 2024 को 33 व्यक्तियों को लेकर किया गया, जिसमें ऊर्जा राज्यमंत्री के शांति निकेतन ट्रस्ट के जुड़े होने का भी जिक्र किया गया। तीन अन्य पट्टों का एग्रीमेंट सितंबर 2023 में 25 व्यक्तियों के नाम पर कराया गया। यह व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है।
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डॉ. पहल ने मेडिकल प्रक्रिया को संदिग्ध बताते हुए कहा कि कृष्णा पत्नी कृष्णपाल का मेडिकल 16 जुलाई को निजी अस्पताल में हुआ, जबकि ऐसा मेडिकल अनुमन्य ही नहीं था। इसके बावजूद एडीएम प्रशासन ने अनुमति प्रदान कर दी। आरोप है कि लगभग 3.23 हेक्टेयर जमीन 6 करोड़ 85 लाख रुपये में खरीदी गई, जिस पर 30 लाख रुपये स्टाम्प शुल्क दिया गया। मेरठ विकास प्राधिकरण की कॉलोनी की घोषणा के बाद इन जमीनों की कीमत कथित तौर पर पांच गुना तक बढ़ गई, जिससे बड़े पैमाने पर लाभ कमाया गया।
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आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं। साल 2008 से संस्था चल रही है। शैक्षिक उद्देश्य के लिए ही नियम, कायदों से भूमि खरीदी गई है। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की प्रस्तावित इंटीग्रेटेड टाउनशिप में भूमि नहीं है बल्कि वहां से 500 मीटर की दूरी पर है।
- सोहनवीर वशिष्ठ, प्रशासनिक अधिकारी, शांति निकेतन ट्रस्ट।