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बिना काम ही भुगतान की तैयारी: 24 महीने से अंधेरे में शहर, निगम के 20 करोड़ से रोशन होगी कंपनी

Thu, 25 Jul 2024 02:48 PM IST
Dimple Sirohi गजेंद्र चाैधरी, अमर उजाला, मेरठ
गजेंद्र चाैधरी, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 25 Jul 2024 02:48 PM IST
सार

कांवड़ मार्ग की 60 प्रतिशत स्ट्रीट लाइटें 23 जुलाई को हुए सर्वे में बंद मिलीं। बिना काम के ही अब भुगतान की तैयारी थी। स्ट्रीट लाइट के मामलों में सीएचसी पोर्टल पर 2100 शिकायतें लंबित हैं। 

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Preparation to make payment without work, EESL company was given a five year contract for street lights
कांवड़ मार्ग पर अंधेरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

23 जुलाई को हुए सर्वे में कांवड़ मार्ग की 60 प्रतिशत स्ट्रीट लाइटें बंद मिलीं। यही नहीं शहर में भी पिछले दो साल से आधी से ज्यादा लाइटें खराब हैं। नगरायुक्त डॉ. अमितपाल शर्मा के कई बार पत्र लिखने के बावजूद ईईएसएल कंपनी ने लाइटें ठीक नहीं कीं। नगर निगम ने दीपावली, अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा और अन्य पर्वाें पर अपने खर्चे से लाइटें ठीक कराईं। अब बिना सेवा दिए ही कंपनी ने नगर निगम पर 20 करोड़ के भुगतान का दावा ठोका है। दबाव में निगम भी कंपनी को भुगतान की तैयारी कर रहा है।

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सरकार ने पांच साल पहले ईईएसएल कंपनी को शहर की स्ट्रीट लाइटों का ठेका दिया था। प्रदेश के 17 निगमाें ने कंपनी को अपनी लाइट सुपुर्दगी में दी थीं। अनुबंध था कि कंपनी नयी लाइटें लगाएगी और देखरेख करेगी। मेरठ शहर में 70 हजार स्ट्रीट लाइटें हैं। दो साल से सैकड़ों लाइटें खराब हैं। कंपनी उनकी मरम्मत तक नहीं कर रही है। हालात यह है कि अब निगम ही लाइट ठीक कराने के पार्ट्स भी खरीद रहा है। स्ट्रीट लाइट ठीक न करने या नयी लाइट न लगनी को लेकर निगम अधिकारी बार-बार कंपनी के अधिकारियों को पत्र लिखते हैं। 
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निगम ने एक साल से कंपनी का भुगतान भी रोका हुआ है। निगम और कंपनी अफसरों के बीच पत्राचार चल रहा है। खामियाजा शहर के लोगों को झेलना पड़ रहा है। शहर की 70 फीसदी आबादी के इलाके में रात में लाइट नहीं जलती। ये रिपोर्ट खुद नगर निगम ने तैयार की और अधिकारियों को दी। 
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मंगलवार को लखनऊ से अधिकारियों ने सभी नगर निगम के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इसमें स्ट्रीट लाइट और ईईएसएल कंपनी के भुगतान पर चर्चा हुई। निगम अधिकारियों ने स्ट्रीट लाइट की समस्या बताने का प्रयास किया, तभी उनको निर्देश दिए कि कंपनी का भुगतान कीजिए। मेरठ नगर निगम को 20 करोड़ का भुगतान करना होगा। यह सुनते ही निगम अधिकारी शांत हो गए।

खामोश निगम, पैसा जनता का 
नगर निगम के अधिकारी गुपचुप तरीके से कंपनी का भुगतान की तैयारी में हैं। इससे अधिकारियों का कुछ नहीं जाएगा, बल्कि जनता का पैसा बर्बाद हो रहा है। एक साल से नगर निगम ने स्ट्रीट लाइट पर कई करोड़ खर्च किए हैं। कंपनी से पैसा क्यों नहीं लिया जा रहा है, जिस पर अधिकारी चुप्पी साधे हैं। नगर निगम के अधिकारी 14 वित्त व अन्य विभाग से 20 करोड़ का भुगतान कराने की तैयारी में हैं। 

कांवड़ मार्ग का सर्वे, 60 फीसदी लाइटें बंद
शहर के मुख्य मार्गों पर भी लाइटें नहीं जलतीं हैं। शहर के अंदर 60 फीसदी लाइटें बंद हैं। हजारों लाइटें तो गायब हैं। कांवड़ यात्रा पर नगर निगम ने सर्वे किया, जिसमें कई जगहों पर लाइटें ही नहीं मिलीं। बेगमपुल से हापुड़ अड्डे तक 32 लाइटें, मोदीपुरम से बेगमपुल तक 14 लाइटें, बेगमपुल से फुटबॉल चौराहे तक 19 लाइटें, दिल्ली रोड स्थित बहादुर मोटर्स से शॉप्रिक्स मॉल होते परतापुर फ्लाईओवर तक 54 लाइटें, हापुड़ अड्डे से गांधी आश्रम तक नौ लाइटें, एक हाई मास्ट लाइट, एक मिनी मास्ट लाइट बंद हैं। तेजगढ़ी के पास 21, मेडिकल के पास 25 और हापुड़ अड्डे से हापुड़ चुंगी तक 72 लाइटें बंद हंै। कांवड़ मार्ग पर निगम की अधिकांश लाइट बंद है। जिनको अब निगम ठीक कराने में लगा हुआ है।

पोर्टल पर 2100 शिकायतें लंबित 
स्ट्रीट लाइट के मामलों में सीएचसी पोर्टल पर 2100 शिकायतें लंबित हैं। नगर निगम द्वारा 23 अप्रैल को कंपनी अधिकारियों को पत्र लिखा कि महानगर में स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी है, उन्हें ठीक नहीं कराया जा रहा। अनुबंध के अनुसार प्रतिदिन कंपनी की टीम रात्रि में मॉनीटरिंग करना था, लेकिन यहां पर न मॉनीटरिंग हो रही और न कंपनी का पर्याप्त स्टाफ है। 

मुख्यमंत्री से बात करूंगा 
महानगर में स्ट्रीट लाइटों की हालत बहुत खराब है। 20 करोड़ रुपये का भुगतान करने से पहले निगम अधिकारियों से बात करूंगा। उक्त ईईएसएल कंपनी का ठेका निरस्त कराया जाएगा। इसको लेकर मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री व प्रमुख सचिव के सामने लाइटों की समस्या रखी जाएगी। - हरिकांत अहलूवालिया, महापौर
 

शासन के निर्देश पर भुगतान करेंगे 
शासन के निर्देश पर ईईएसएल कंपनी को भुगतान कराया जाएगा। स्ट्रीट लाइट पर निगम ने कितना पैसा खर्च किया है, इसकी जानकारी ली जा रही है। कंपनी के अधिकारियों से बातचीत चल रही है। कांवड़ मार्ग पर जहां पर लाइटें बंद है, उनका पहले सर्वे कराया गया। अब लाइट ठीक कराने का कार्य कराया जा रहा है। -पंकज कुमार, अपर नगर आयुक्त

ठीक कराई जा रही हैं लाइटें 
कंपनी द्वारा मेरठ महानगर की लाइटें ठीक कराई जा रही हैं। कंपनी ने दूसरी कंपनी को हायर किया है, जोकि खराब लाइटों को ठीक कराने का कार्य करेगी। कांवड़ मार्ग पर कंपनी द्वारा ही लाइटों को ठीक कराया जा रहा है। भुगतान की बात हो चुकी है। - ललित कुमार, इंजीनियर ईईएसएल कंपनी
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