तैयारी: राइट्स ने पूरा किया सर्वे, मेडा ने भेजी जिला प्रशासन को रिपोर्ट, पांच वर्ष के लिए दी जिम्मेदारी
मेरठ शहर में तेजी से विकास परियोजनाओं पर कार्य शुरू हो गया है। पहले चरण में 165 करोड़ के विकास कार्य शामिल करते हुए अमलीजामा पहनाने का काम शुरू कर दिया गया है।
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मेडा की एनएच-58 स्थित एक रिसॉर्ट में बीते साल 8 अक्तूबर को हुई हैकेथॉन में शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए फ्लाई ओवर, सड़कों का चौड़ीकरण, एलिवेटेड रोड आदि बनाने का करीब 300 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसके पहले चरण में 165 करोड़ के विकास कार्य शामिल करते हुए अमलीजामा पहनाने का काम शुरू कर दिया गया है।
मेडा के उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने बताया कि शहर की यातायात की व्यवस्था में सुधार के लिए शहर की सीमा में विभिन्न मुख्य मार्गों का चौड़ीकरण हो रहा है। इसके तहत मेरठ-गढ़ रोड, मेरठ-बिजनौर रोड, मेरठ-किला परीक्षितगढ़ रोड तथा शहर के व्यस्ततम चौराहों के चौड़ीकरण के कार्य किए जाने हैं।
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उपाध्यक्ष ने बताया कि इसके लिए राइट्स कंपनी को पांच वर्ष के लिए जिम्मा दिया गया है। पहले फेज के अंतर्गत कचहरी परिसर स्थित मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण, ईस्टर्न कचहरी रोड का चौड़ीकरण, हापुड़ अड्डा से गांधी आश्रम तक सड़क चौड़ीकरण, मेरठ-मवाना रोड पर आबूनाले के पुल का चौड़ीकरण तथा अन्य कार्यों के लिए डीपीआर तैयार करने के लिए राइट्स की ओर से सर्वे किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चा पार्क से तहसील तक करीब 50 करोड़ से एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी। इसके लिए सर्वे पूरा हो गया है। उपाध्यक्ष ने बताया कि तहसील के आवास को हटाया जाएगा, जिसके लिए जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेजी गई है।
बागपत सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने शुक्रवार को लोकसभा में मेरठ हवाई पट्टी के विस्तार की मांग उठाई। वायुयान वस्तुओं में हित संरक्षण विधेयक पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वह इस विधेयक का समर्थन करते हैं।
सांसद राजकुमार सांगवान ने कहा कि मेरठ क्रांति की भूमि है। वर्ष 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम मेरठ से शुरू हुआ। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जन्म और कर्म भूमि मेरठ है। यहां हवाई पट्टी तो है, लेकिन इस पर वायुयान संचालन का काम नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि मेरठ उद्योग नगरी है। यहां के खेल उत्पाद और वाद्य उपकरण कई देशों में निर्यात किए जाते हैं। ऐसे में मेरठ की हवाई पट्टी का विस्तार किया जाना बहुत जरूरी है।