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जुलाई के पहले सप्ताह से फाइनल ईयर की परीक्षाएं कराने की तैयारी

Thu, 03 Jun 2021 02:39 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jun 2021 02:39 AM IST
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Preparation for conducting final year examinations from first week of July
जुलाई के पहले सप्ताह से फाइनल ईयर की परीक्षाएं कराने की तैयारी
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मेरठ। सीसीएसयू कैंपस और कॉलेजों में अधर में अटकी यूजी-पीजी की वार्षिक परीक्षाएं जुलाई के पहले सप्ताह से कराने की तैयारी शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार द्वितीय वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं भी कराई जा सकती हैं। ऐसे में विवि फाइनल ईयर और द्वितीय वर्ष दोनों का परीक्षा कार्यक्रम बना रहा है। वहीं, विषम सेमेस्टर की 90 फीसदी परीक्षाएं पूरी हो चुकी थीं, ऐसे में विवि इन उत्तर पुस्तिकाओं का जल्द मूल्यांकन शुरू करेगा।
कोरोना की दूसरी लहर आने से पहले तक कैंपस और कॉलेजों में विषम सेमेस्टर की 90 फीसदी परीक्षाएं पूरी हो चुकी थीं। वार्षिक में यूजी-पीजी रेगुलर-प्राइवेट के तीन लाख 75 हजार छात्र-छात्राओं के सिर्फ दो तिथि के ही पेपर हुए थे कि फिर परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थीं। अब शासन ने फाइनल ईयर की परीक्षाएं कराने और बाकी परीक्षाओं में प्रोन्नत किए जाने के निर्देश दिए हैं। बुधवार शाम तक सीसीएसयू में शासन की तरफ से अभी कोई गाइड लाइन नहीं आई हैं लेकिन विवि प्रशासन तैयारी में जुट गया है।
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विषम सेमेस्टर की परीक्षा में जो छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे, उनकी जून की सम सेमेस्टर की परीक्षा फॉर्म भी 15 जून तक भरे जा सकते हैं। इसमें भी फाइनल सेमेस्टर की परीक्षाएं होंगी और बाकी सेमेस्टर के छात्र-छात्राएं प्रोन्नत होंगे। रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि प्रोन्नति के लिए भी परीक्षा फार्म अवश्य भरना होगा।
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वार्षिक परीक्षाओं में हैं 3.75 लाख छात्र-छात्राएं
यूजी-पीजी में बीए-बीएससी-बीकॉम, एमए-एमकॉम आदि कोर्सों में वार्षिक प्रणाली के तीन लाख 85 हजार छात्र-छात्राएं हैं। इनमें यूजी की बात करें तो प्रथम वर्ष में 110137 छात्र-छात्राएं हैं। द्वितीय वर्ष में 130447 छात्र हैं। फाइनल ईयर में 134645 छात्र-छात्राएं हैं। पीजी वार्षिक में प्रथम वर्ष में 24374 और द्वितीय वर्ष में 27749 छात्र हैं। शासन के मुताबिक जिन छात्र-छात्राओं को पिछले वर्ष प्रोन्नत किया गया था, उनकी भी परीक्षाएं कराई जा सकती हैं, ऐसे में विवि दो परीक्षा कार्यक्रम तैयार कर रहा है। रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि दो परीक्षा कार्यक्रम इसलिए तैयार किए जा रहे हैं, जिससे अगर द्वितीय वर्ष की भी परीक्षाएं हों तो कोई परेशानी न आए। ऐसे में जुलाई के पहले सप्ताह से परीक्षा कराने का कार्यक्रम बनाया जा रहा है। कुलपति प्रो. एनके तनेजा बृहस्पतिवार को इस पर अधिकारिक रूप से मुहर लगाएंगे।
पुराने केंद्रों पर ही होंगी परीक्षा
विवि ने 220 केंद्रों पर परीक्षा शुरू कराई थी। ऐसे में अगर प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्र प्रोन्नत हुए तो यूजी-पीजी फाइनल ईयर में कुल 1.61 लाख के करीब छात्र-छात्राएं रह जाएंगे। इनकी परीक्षाएं आसानी से सोशल डिस्टेसिंग के साथ कराई जा सकेंगी। अगर द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं भी हुईं तो भी कोई समस्या नहीं आएगी।

...प्रोन्नति की डिग्री बनकर न रह जाए
दरसअल पिछले साल जो छात्र-छात्राएं प्रथम वर्ष में थे, उनको प्रोन्नत कर दिया गया था, इसमें फॉर्मूूला लगाया गया था कि द्वितीय वर्ष में जो नंबर वे परीक्षा में लाएंगे, उनके औसत अंक प्रथम वर्ष में दे दिए जाएंगे। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर आने से सब कुछ गड़बड़ा गया। ऐसे में अब नंबरों की समस्या आएगी, इसके चलते द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं कराए जाने की तीन सदस्यीय कुलपति की समिति ने सिफारिश की जिससे छात्र-छात्राओं की डिग्री सिर्फ प्रोन्नति की डिग्री बनकर न रह जाए।
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