अस्थियां सुरक्षित: मवाना थानेदार-महिला दरोगा की जांच, अर्चिता बताकर किया खुलासा, मां ने ईयर रिंग्स से पहचाना
मेरठ के मवाना में तुर्कमेनिस्तान निवासी मुहब्बत सुनातोव्ना की हत्या के मामले में मवाना थाना प्रभारी पूनम जादौन और महिला दरोगा प्रीति शर्मा की प्रारंभिक जांच शुरू हुई है। पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल कर अस्थियां परिजनों को सौंपने की बात कही है।
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Meerut Crime News today in Hindi: मेरठ के मवाना थाना क्षेत्र में हुई तुर्कमेनिस्तान निवासी मुहब्बत सुनातोव्ना की हत्या के मामले में मवाना थाना प्रभारी पूनम जादौन और महिला दरोगा प्रीति शर्मा की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। मुहब्बत की मां नाजमुदिनोवा गुलनारा ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट में एसआईटी से जांच कराने की मांग को लेकर याचिका दाखिल की है। इसके बाद पुलिस की ओर से सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट में पुलिस ने दाखिल किया जवाब
सीओ सदर देहात सुधीर कुमार ने सीओ मवाना की ओर से सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल कर मामले में की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि थाना प्रभारी और महिला दरोगा की प्रारंभिक जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
अस्थियां सुरक्षित, परिजनों को सौंपने की बात
पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि मुहब्बत की अस्थियां सुरक्षित रखी गई हैं। दूतावास के निर्देश के अनुसार उनकी मां या परिजनों को अस्थियां सौंप दी जाएंगी।
17 फरवरी को होटल में हत्या, मवाना में फेंका था शव
पुलिस के अनुसार 17 फरवरी को परतापुर के रिठानी स्थित अविका होटल में मुहब्बत की हत्या की गई थी। इसके बाद शव को मवाना थाना क्षेत्र में ले जाकर फेंक दिया गया था। 21 फरवरी को महिला का शव बरामद हुआ था और 26 फरवरी को पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया था।
पुलिस ने मामले में होटल संचालक देवपुरी निवासी चंचल कुमार उर्फ बंटी, बागपत के जौहड़ी गांव निवासी गुरमुख, प्रभात नगर निवासी संदीप और खजूरीवाली गली मलियाना निवासी विवेक को गिरफ्तार किया था।
रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद का बताया था कारण
पुलिस का कहना था कि शराब पीने के दौरान रुपये के लेनदेन को लेकर चंचल कुमार का मुहब्बत से विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी विवाद में आरोपियों ने कंबल से मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस के मुताबिक पहचान और टैटू छिपाने के लिए शव के चेहरे और हाथ को जलाया गया। इसके बाद शव को कार से ले जाकर मवाना खुर्द चौकी और भगवती फार्म हाउस के पास फेंक दिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी चंचल ने होटल के सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्य भी नष्ट किए थे। बाद में उसे जमानत मिल गई।
अर्चिता अरोड़ा बताकर किया था खुलासा, मां ने ईयर रिंग्स से पहचाना
अधिवक्ता वरुण नारंग के अनुसार मुहब्बत की मां ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में आरोप लगाया कि दूतावास को सूचना दिए बिना गलत पहचान के आधार पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
याचिका में कहा गया कि पुलिस ने मौके से मिले आधार कार्ड के आधार पर मुहब्बत की पहचान दिल्ली की अर्चिता अरोड़ा के रूप में करते हुए मामले का खुलासा किया था। बाद में उसकी मां ने वीडियो कॉल के जरिए शव की तस्वीरों में ईयर रिंग्स देखकर अपनी बेटी की पहचान की।
डीएनए जांच से हुई मुहब्बत की पहचान की पुष्टि
पहचान को लेकर विवाद के बाद मुहब्बत के शव के अवशेष और उसकी मां के रक्त के नमूने का डीएनए मिलान कराया गया। इससे पुष्टि हुई कि बरामद शव मुहब्बत का ही था। पहचान और जांच में लापरवाही के आरोपों के बाद मवाना थाना प्रभारी और महिला दरोगा की प्रारंभिक जांच शुरू की गई है।
‘जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई’
एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में जांच रिपोर्ट पेश की जा चुकी है। थाना प्रभारी और महिला प्रभारी की प्रारंभिक जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुहब्बत की अस्थियां मवाना पुलिस के पास सुरक्षित हैं और दूतावास के निर्देश के अनुसार उनकी मां को सौंप दी जाएंगी।