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प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति लोगों को किया जाएगा जागरूक
amarujala
Updated Mon, 12 Nov 2018 02:11 AM IST
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meerut
- फोटो : meerut
भारत सरकार का आयुष मंत्रालय लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूक करने के लिए 18 नवंबर को प्राकृतिक चिकित्सा दिवस मनाएगा। इसी उद्देश्य से 11 से 18 नवंबर तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस संबंध में रविवार को दिल्ली रोड स्थित संजीवनी योग प्राकृतिक चिकित्सालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
डॉ. संजीव गोयल ने बताया कि यह कार्यक्रम देशभर में इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन (आईएनओ) के सहयोग से आयोजित किए जा रहे हैं। इस कार्यक्रम के अंतर्गत 16 लोगों को मुल्तानी मिट्टी का लेप कराया गया है। इसे मिट्टी से नहाना कहते हैं। एक घंटे बाद इन्हें पानी से नहलाया गया। उन्होंने बताया कि मिट्टी पांच तत्वों से मिलकर बनती है। इससे काफी लाभ होते हैं। स्नायु तंत्र के रोग दूर होते हैं, मोटापा घटाने में मददगार है, त्वचा रोग दूर होते हैं। कब्ज भी दूर करता है। यह कार्यक्रम पूर्वाह्न 11 से दोपहर 12 बजे तक चला।
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डॉ. संजीव गोयल ने बताया कि यह कार्यक्रम देशभर में इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन (आईएनओ) के सहयोग से आयोजित किए जा रहे हैं। इस कार्यक्रम के अंतर्गत 16 लोगों को मुल्तानी मिट्टी का लेप कराया गया है। इसे मिट्टी से नहाना कहते हैं। एक घंटे बाद इन्हें पानी से नहलाया गया। उन्होंने बताया कि मिट्टी पांच तत्वों से मिलकर बनती है। इससे काफी लाभ होते हैं। स्नायु तंत्र के रोग दूर होते हैं, मोटापा घटाने में मददगार है, त्वचा रोग दूर होते हैं। कब्ज भी दूर करता है। यह कार्यक्रम पूर्वाह्न 11 से दोपहर 12 बजे तक चला।
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