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Meerut News: नजर रजवाहों को दूषित करने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई
Fri, 17 Jul 2026 09:02 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Fri, 17 Jul 2026 09:02 PM IST
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ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को भेजी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
जानीखुर्द। जानी खुर्द क्षेत्र के ग्राम पस्तरा, किशोरी, लहर्रा, बसा टीकरी, भवी, पूठरी आदि गांवों के किसानों और सामाजिक संगठनों ने सिंचाई के जल स्रोतों को प्रदूषित करने के खिलाफ संयुक्त जन-अभियान शुरू किया है।
इस संबंध में ग्रामीणों ने मंडलायुक्त और जिलाधिकारी मेरठ को शिकायती पत्र भेजकर बताया कि राजवाहे, माइनरों और गंगनहर में विषैला अपशिष्ट डालने वालों पर तत्काल कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। कल्याण भारती फाउंडेशन और आरटीआई एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में दी गई शिकायत में ग्रामीणों ने बताया कि नंगला कुम्भा, चंदोरा, धौलड़ी और सिसौला कलां में संचालित कई अवैध डेयरियों से निकलने वाला रासायनिक व विषैला अपशिष्ट और गंदगी सिंचाई के जल स्रोतों में बहाई जा रही है। इन गांवों में बड़े पैमाने पर सिंथेटिक पनीर और घी बनाया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने हाल ही में नंगला कुंभा में छापेमारी कर भारी मात्रा में नकली पनीर बरामद कर दो डेयरियों को सील भी किया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस प्रदूषित जल से फसलों, भूमि की उर्वरता और पशुधन के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, साथ ही जलीय जीवों की मौत हो रही है। ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जानीखुर्द। जानी खुर्द क्षेत्र के ग्राम पस्तरा, किशोरी, लहर्रा, बसा टीकरी, भवी, पूठरी आदि गांवों के किसानों और सामाजिक संगठनों ने सिंचाई के जल स्रोतों को प्रदूषित करने के खिलाफ संयुक्त जन-अभियान शुरू किया है।
इस संबंध में ग्रामीणों ने मंडलायुक्त और जिलाधिकारी मेरठ को शिकायती पत्र भेजकर बताया कि राजवाहे, माइनरों और गंगनहर में विषैला अपशिष्ट डालने वालों पर तत्काल कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। कल्याण भारती फाउंडेशन और आरटीआई एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में दी गई शिकायत में ग्रामीणों ने बताया कि नंगला कुम्भा, चंदोरा, धौलड़ी और सिसौला कलां में संचालित कई अवैध डेयरियों से निकलने वाला रासायनिक व विषैला अपशिष्ट और गंदगी सिंचाई के जल स्रोतों में बहाई जा रही है। इन गांवों में बड़े पैमाने पर सिंथेटिक पनीर और घी बनाया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने हाल ही में नंगला कुंभा में छापेमारी कर भारी मात्रा में नकली पनीर बरामद कर दो डेयरियों को सील भी किया था।
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ग्रामीणों का आरोप है कि इस प्रदूषित जल से फसलों, भूमि की उर्वरता और पशुधन के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, साथ ही जलीय जीवों की मौत हो रही है। ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
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