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स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल: एक तो चिकित्सक हैं नहीं, जो हैं वो आते नहीं बिना दवा के अस्पताल से लौट रहे मरीज

Tue, 07 Jun 2022 06:53 PM IST
Dimple Sirohi अमन कुमार शर्मा, अमर उजाला, बिजनौर
अमन कुमार शर्मा, अमर उजाला, बिजनौर Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 07 Jun 2022 06:53 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ, ईएनटी चिकित्सक, मनोरोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट, कॉर्डियोलॉजिस्ट चिकित्सक नहीं हैं, जिसके चलते इन चिकित्सकों से संबंधित बीमारी के मरीजों का इलाज नहीं होता या उन्हें गंभीर स्थिति में मेरठ रेफर किया जाता है।

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Poor Health services: There is no doctor come to Bijnor hospital, patients are returning from the hospital without taking medicine
अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिजनौर  जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी मरीजों को परेशान कर रही है। चिकित्सकों के अभाव में अधिकारियों ने अस्पताल में पंजीकरण कक्ष के बाहर चिकित्सक न होने के पोस्टर भी चस्पा कर दिए, जिससे लोगों को परेशानी न उठानी पड़ें। वहीं जिला अस्पताल से संबद्ध  होने के बाद भी चिकित्सक मरीजों को नहीं देख रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सीएमओ कार्यालय से जिस चिकित्सक का संबद्ध किया गया, वहीं कई महीनों से मरीज देखने पहुंचे ही नहीं। इसके बावजूद सारे स्वास्थ्य अफसर इस पर अब तक चुप्पी साधे रहे। मामला उजागर हुआ तो संबद्ध खत्म कर लीपापोती शुरू कर दी गई।
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 जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ, ईएनटी चिकित्सक, मनोरोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट, कॉर्डियोलॉजिस्ट चिकित्सक नहीं हैं, जिसके चलते इन चिकित्सकों से संबंधित बीमारी के मरीजों का इलाज नहीं होता या उन्हें गंभीर स्थिति में मेरठ रेफर किया जाता है। मरीजों को इस परेशानी से बचाने के लिए पंजीकरण कक्ष के बाहर पोस्टर लगवा दिया, जिस पर लिखा है कि जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ, ईएनटी के चिकित्सक नहीं हैं, लेकिन इससे भी मरीजों की परेशानी कम नहीं हो रही है। रोजाना 20 से ज्यादा मरीज चिकित्सक न होने की वजह से अस्पताल से बिना दवा लिए ही लौट रहे हैं।
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जिला अस्पताल में तैनात किए अस्थायी बाल रोग विशेषज्ञ
जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ न होने से बीमार बच्चों को लेकर परिजन इधर-उधर भटकते रहते हैं, लेकिन जिला अस्पताल के अधिकारियों ने एक औपचारिक तरीका निकाल लिया है। महिला अस्पताल में करीब तीन बाल रोग विशेषज्ञ हैं, जिसके चलते महिला अस्पताल के एक बाल रोग विशेषज्ञ एक महीने तक जिला अस्पताल में मरीजों को देखेगा। उसके बाद दूसरा बाल रोग विशेषज्ञ अगले महीने जिला अस्पताल में मरीजों को देखेगा। हालांकि अभी बाल रोग विशेषज्ञ का कोई स्थायी रास्ता नहीं निकला है।
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Poor Health services: There is no doctor come to Bijnor hospital, patients are returning from the hospital without taking medicine
अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला

संबद्ध के बावजूद जिला अस्पताल में नहीं जाते चिकित्सक
सीएमओ ऑफिस के डॉ. राजेंद्र विश्वकर्मा का संबद्ध जिला अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ के तौर पर किया गया था, चिकित्सक का संबद्ध तीन दिन जिला अस्पताल और तीन दिन सीएमओ ऑफिस के लिए था, लेकिन चिकित्सक एक भी दिन जिला अस्पताल में मरीजों को देखने नहीं जा रहे हैं।

ऐसा एक या दो सप्ताह से नहीं, बल्कि कई महीनों से चल रहा है। देखने में आया है कि जहां सीएमएस संबद्ध होने और चिकित्सक के अस्पताल न आने का दावा कर रहे हैं, वहीं सीएमओ चिकित्सक के पक्ष में कूदते नजर आए। सीएमओ डॉ. विजय कुमार गोयल ने बताया कि डॉ.राजेंद्र विश्वकर्मा का संबद्ध को खत्म कर दिया गया है। एक या दो दिन में सीएमएस के पास चिट्ठी पहुंच जाएगी।

संबद्ध है, चिकित्सक नहीं आते : सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि सीएमओ ऑफिस से डॉ. राजेंद्र विश्वकर्मा का तीन दिन के लिए जिला अस्पताल में संबद्ध  है। लेकिन वो कोरोना की दूसरी लहर के समय से अस्पताल नहीं आ रहे हैं। अभी भी उनका जिला अस्पताल में संबद्ध है। ईएनटी चिकित्सक रखने के लिए एडी मुरादाबाद को पत्र भेजा गया है। जो चिकित्सक तैनात नहीं है, उनके कक्ष के सामने जानकारी चस्पा कर दी गई है। ताकि मरीज परेशान न हों।

संबद्ध खत्म, सीएमएस के पास पहुंच जाएगी चिट्ठी : सीएमओ
सीएमओ डॉ. विजय कुमार गोयल ने बताया कि पहले डॉ. राजेंद्र विश्वकर्मा का जिला अस्पताल के लिए सप्ताह में तीन दिन के लिए संबद्ध किया गया था। लेकिन दो दिन पहले उनका संबद्ध खत्म हो गया है। जिला अस्पताल में संबद्ध की वजह से यहां ऑफिस का काम प्रभावित हो रहा था। इसलिए संबद्ध को खत्म किया। सीएमएस के पास इसकी चिट्ठी पहुंच जाएगी।

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