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Meerut News: शहर में शोभायात्रा के दौरान पुलिस व्यवस्था ध्वस्त, दो किलोमीटर में लगा एक घंटा
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- जाम में फंसे लोगों का गर्मी में हुआ बुरा हाल, लोगों की हुई नोकझोंक
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। शहर भर में मंगलवार को डॉ भीमराव आंबेडकर की जयंती पर निकली शोभायात्रा के दौरान लोगों को जाम के हालात से जूझना पड़ा। शोभायात्रा के चलते दिल्ली रोड, बागपत रोड, रेलवे रोड, अंबेडकर रोड, कंकरखेड़ा और पल्लवपुरम समेत कई क्षेत्र में जाम की स्थिति बन गई। हालत यह रहे कि एक किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को दो घंटे से अधिक का समय लग गया। जाम के सामने ट्रैफिक पुलिस नतमस्तक नजर आई। शहर के मुख्य चौराहे भी भीषण जाम की गिरफ्त में दिखे। गर्मी में जाम में फंसे लोगों का बुरा हाल हो गया।
शोभायात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए ट्रैफिक प्रबंधन के दावे पूरी तरह फेल नजर आए। जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात होने के बावजूद यातायात व्यवस्था चरमराती रही। मुख्य मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एंबुलेंस और जरूरी काम से निकलने वाले लोग भी जाम में फंसकर बेहाल दिखे। जाम से बचने के लिए लोगों ने आसपास के लिंक मार्गों का सहारा लेने की कोशिश की, लेकिन वहां भी हालात बदतर हो गए। सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से स्थिति और अधिक बिगड़ गई और अंदरूनी कॉलोनियों तक जाम फैल गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कई स्थानों पर राहगीरों को खुद ही मोर्चा संभालना पड़ा। लोगों ने एक-दूसरे की मदद से वाहनों को निकालने का प्रयास किया। कई बार वाहन चालकों के बीच नोकझोंक और कहासुनी भी हुई। हालांकि मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। गर्मी और उमस के बीच घंटों तक जाम में फंसे रहने के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि शोभायात्रा के लिए ट्रैफिक डायवर्जन की उचित व्यवस्था नहीं की गई। अगर पहले से वैकल्पिक मार्ग तय कर दिए जाते और सख्ती से उनका पालन कराया जाता, तो इस तरह की स्थिति से बचा जा सकता था। शोभायात्रा समाप्त होने के बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हुआ, लेकिन लोगों में पुलिस और प्रशासन के प्रति नाराजगी साफ नजर आई। एसपी ट्रैफिक राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि शोभायात्रा को लेकर कुछ देर के लिए ट्रैफिक रोका गया था। जाम के हालात नहीं बने थे। ट्रैफिक पुलिस ने जाम खुलवाकर राहगीरों को आगे के लिए रवाना कर दिया था।
- अवैध टेंपों व ई-रिक्शा स्टैंड बने कारण
दिल्ली रोड व गढ़ रोड पर जाम का मुख्य कारण अवैध टेंपों व ई-रिक्शा स्टैंड बने है। शोभायात्रा के दौरान भी चालकों ने अपने वाहन सड़क से नहीं हटाए। सवारी भरने के चक्कर में सड़क पर जाम लग गया। ट्रैफिक पुलिस उन्हें हटाती, मगर कुछ दूरी पर जाने के बाद वह दोबारा से अपने वाहन सड़क पर खड़ा कर सवारी भरना शुरू कर देते।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। शहर भर में मंगलवार को डॉ भीमराव आंबेडकर की जयंती पर निकली शोभायात्रा के दौरान लोगों को जाम के हालात से जूझना पड़ा। शोभायात्रा के चलते दिल्ली रोड, बागपत रोड, रेलवे रोड, अंबेडकर रोड, कंकरखेड़ा और पल्लवपुरम समेत कई क्षेत्र में जाम की स्थिति बन गई। हालत यह रहे कि एक किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को दो घंटे से अधिक का समय लग गया। जाम के सामने ट्रैफिक पुलिस नतमस्तक नजर आई। शहर के मुख्य चौराहे भी भीषण जाम की गिरफ्त में दिखे। गर्मी में जाम में फंसे लोगों का बुरा हाल हो गया।
शोभायात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए ट्रैफिक प्रबंधन के दावे पूरी तरह फेल नजर आए। जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात होने के बावजूद यातायात व्यवस्था चरमराती रही। मुख्य मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एंबुलेंस और जरूरी काम से निकलने वाले लोग भी जाम में फंसकर बेहाल दिखे। जाम से बचने के लिए लोगों ने आसपास के लिंक मार्गों का सहारा लेने की कोशिश की, लेकिन वहां भी हालात बदतर हो गए। सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से स्थिति और अधिक बिगड़ गई और अंदरूनी कॉलोनियों तक जाम फैल गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कई स्थानों पर राहगीरों को खुद ही मोर्चा संभालना पड़ा। लोगों ने एक-दूसरे की मदद से वाहनों को निकालने का प्रयास किया। कई बार वाहन चालकों के बीच नोकझोंक और कहासुनी भी हुई। हालांकि मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। गर्मी और उमस के बीच घंटों तक जाम में फंसे रहने के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि शोभायात्रा के लिए ट्रैफिक डायवर्जन की उचित व्यवस्था नहीं की गई। अगर पहले से वैकल्पिक मार्ग तय कर दिए जाते और सख्ती से उनका पालन कराया जाता, तो इस तरह की स्थिति से बचा जा सकता था। शोभायात्रा समाप्त होने के बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हुआ, लेकिन लोगों में पुलिस और प्रशासन के प्रति नाराजगी साफ नजर आई। एसपी ट्रैफिक राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि शोभायात्रा को लेकर कुछ देर के लिए ट्रैफिक रोका गया था। जाम के हालात नहीं बने थे। ट्रैफिक पुलिस ने जाम खुलवाकर राहगीरों को आगे के लिए रवाना कर दिया था।
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- अवैध टेंपों व ई-रिक्शा स्टैंड बने कारण
दिल्ली रोड व गढ़ रोड पर जाम का मुख्य कारण अवैध टेंपों व ई-रिक्शा स्टैंड बने है। शोभायात्रा के दौरान भी चालकों ने अपने वाहन सड़क से नहीं हटाए। सवारी भरने के चक्कर में सड़क पर जाम लग गया। ट्रैफिक पुलिस उन्हें हटाती, मगर कुछ दूरी पर जाने के बाद वह दोबारा से अपने वाहन सड़क पर खड़ा कर सवारी भरना शुरू कर देते।
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