फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Police officers have hospitalized the child for treatment in Muzaffarnagar

मासूम की जिंदगी बचाने के लिए जुटे अफसर, बच्चे को भर्ती नहीं कराना चाहते थे माता-पिता

Sun, 15 Sep 2019 01:17 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Sun, 15 Sep 2019 01:17 AM IST
विज्ञापन
Police officers have hospitalized the child for treatment in Muzaffarnagar
बच्चे के माता-पिता को समझाते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

मुजफ्फरनगर में प्रशासनिक अमले ने जिला अस्पताल में शनिवार को ढाई साल के अतिकुपोषित मासूम का जीवन बचाने के लिए अहम भूमिका निभाई। बच्चे को एनआरसी में भर्ती रखने के लिए उसके माता और पिता तैयार नहीं थे। अपनी जिद पर अड़े दंपती को अधिकारियों ने समझाबुझाकर मासूम का उपचार शुरू कराया। 

विज्ञापन

 
स्वामी कल्याण देव राजकीय जिला चिकित्सालय में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में अतिकुपोषित बच्चों को भर्ती कर उनका उपचार किया जाता है। पुरकाजी ब्लॉक के गांव बसेड़ा निवासी दंपती गोवर्धन व पुष्पा के ढाई साल के बेटे अजय को कुपोषण के कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नीतू के माध्यम से गुरुवार को पोषण पुनर्वास केंद्र लाया गया था। यहां पर डॉ. आरती नंदनवार ने उसकी जांच की तो बच्चे का वजन मानक से कम पाया गया। उसे एनआरसी में भर्ती कर लिया गया। शुक्रवार को बच्चे के ब्लड की जांच कराई गई तो हिमोग्लोबिन की मात्रा केवल तीन मिलीग्राम पाई गई। शनिवार दोपहर बच्चे को एक यूनिट ब्लड चढ़ाया गया। ब्लड चढ़ने के बाद माता-पिता बच्चे को ले जाने लगे। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: बच्ची को कार में लॉक कर शॉपिंग करने गए माता-पिता, घंटों बिलखती रही मासूम, राहगीरों ने बचाई जान
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं एनआरसी स्टॉफ ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए कुछ दिन भर्ती रखने के लिए कहा, लेकिन दंपती नहीं माने। इस पर सीएमओ डॉ. पीएस मिश्रा और डीपीओ वाणी वर्मा भी एनआरसी पहुंचे। पुलिस को भी बुला लिया गया। दंपती को काफी समझाया गया, लेकिन वे बच्चे को एनआरसी में भर्ती रखने को तैयार नहीं थे। बाद में सीडीओ महेंद्र प्रसाद भी अस्पताल पहुंच गए। सभी ने मिलकर दंपती को समझाया। पुलिस का भी डर दिखाया गया। आखिरकार घंटों की जद्दोजहद के बाद माता-पिता बच्चे को भर्ती रखने के लिए राजी हुए। 

सीएमओ ने बताया कि दंपती कह रहा था कि उनके दूसरे बच्चे को चोट लगी है। इसलिए वे एनआरसी में नहीं रखना चाहते। काफी समझाने के बाद वे मान गए।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed