फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   police ki gherabandi

पुलिस की घेराबंदी तोड़ हत्यारोपी का सरेंडर

Wed, 20 Jul 2016 02:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
अमर उजाला ब्यूरों Updated Wed, 20 Jul 2016 02:08 AM IST
विज्ञापन
police ki gherabandi
आशु - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन
छात्रनेता प्रशांत चौधरी के मुख्य हत्यारोपी आशु यादव ने मंगलवार को पुलिस की घेराबंदी तोड़ते हुए सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। मेडिकल पुलिस को पता था कि आशु कोर्ट में सरेंडर करेगा। जिसके चलते कचहरी के सभी गेटों पर पुलिस का पहरा था। लेकिन वह पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
मेडिकल क्षेत्र के तेजगढ़ी चौराहा स्थित आल इज वेल होटल में शराब पार्टी के बाद प्रशांत चौधरी उर्फ रोबिन निवासी जागृति विहार का मर्डर हुआ था। परिजनों की तहरीर पर समाजवादी छात्रसभा के नेता पंकज प्रधान, आशु यादव, अमित मिरंडा, मयंक स्याल, टिल्लू पंडित और दस अज्ञात लोगों पर केस दर्ज हुआ था। मयंक ने खुद थाने में सरेंडर कर दिया था। जबकि जागृति विहार सेक्टर-4 निवासी आशु को पुलिस ने मुख्य हत्यारोपी बताया था।
विज्ञापन


10 बजते ही पहुंच गया था
आशु यादव के कोर्ट में सरेंडर करने की पक्की सूचना पर कचहरी की घेराबंदी की गई थी। लेकिन आशु सुबह 10 बजते ही वेशभूषा बदलकर कोर्ट में पहुंच गया था। इसके करीब आधा घंटा बाद मेडिकल पुलिस को पता चला कि आशु तो सरेंडर कर चुका है। उसके साथ दो अधिवक्ता थे। पुलिस आशु से पूछताछ करने कोर्ट में पहुंच गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब रिमांड पर लेंगे
एसओ मेडिकल रविंद्र वशिष्ठ ने बताया कि हत्यारोपी आशु को रिमांड पर लेने की अजी कोर्ट में डाली गई है। आशु से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद की जाएगी। उससे पूछताछ में ही पता चलेगा कि हत्या में कौन-कौन शामिल था। किन कारणों के चलते प्रशांत का मर्डर किया।

कमेंट पर ली जान
पुलिस के मुताबिक आशु की बहन ने दूसरी बिरादरी के युवक से शादी की हुई है। घटना से पांच दिन पहले आशु और प्रशांत में पीवीएस मॉल के पास एक होटल में कहासुनी हुई थी। आशु ने बताया कि प्रशांत ने उसकी बहन पर टिप्पणी की थी। घटना वाले दिन भी टिप्पणी करने पर प्रशांत को मारा।

डीआईजी की फटकार से बना दबाव
आशु यादव की गिरफ्तारी न होने पर डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने एसपी सिटी को फटकार लगाई थी तो एसओ मेडिकल को तलब किया था। जिसके बाद से पुलिस ने आशु के परिजनों और रिश्तेदारों पर दबाव बनाया। पुलिस आशु को गिरफ्तार तो नहीं कर सकी। लेकिन उसने सरेंडर कर दिया।

आशु बोला, दोस्त ने मारी गोली
कोर्ट में पेशी के बाद जेल जाते समय आशु बोला कि मैने प्रशांत को गोली नहीं मारी। प्रशांत को मेरे दोस्त ने गोली मारी। कौन से दोस्त ने गोली मारी, इसका नाम आशु ने नहीं खोला। बार-बार पूछने पर आशु कहता रहा कि उसे बेवजह फंसाया गया है।

गोली मुझको भी लगी
आशु ने दावा किया कि वारदात के दौरान गोली उसे भी लगी थी, जोकि प्रशांत ने चलाई थी। जबकि पुलिस के मुताबिक आशु को गोली लगने की पुष्टि अभी नहीं हुई है। रिमांड के दौरान सारी बातें साफ होंगी। अभी बहुत सी बातें अनसुलझी हैं। जिनकी जांच होनी बाकी है।


आरोपी तो सभी बनेंगे
पुलिस का कहना है कि नामजद सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हत्या में आशु यादव व अमित मिरंडा को शामिल किया गया है। लेकिन आशु ने अभी किसी भी आरोपी को क्लीनचिट नहीं दी। सभी आरोपी बनेंगे और जेल जाएंगे।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed