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पुलिस नहीं कर रही सुनवाई , रिहान के परिजन अब डीआआईजी से मिलेंगे
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सरधना। थाना क्षेत्र के गांव नवाबगढ़ी में तंत्र क्रिया के नाम पर 11 वर्षीय रिहान की हत्या के मामले में पुलिस अब तक न तो उसका शव बरामद कर सकी है और न ही आरोपी तांत्रिक असद या उसके पिता को रिमांड पर लेकर कोई ठोस कार्रवाई कर पाई है। घटना को तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन रिहान के परिजन अब भी थाने के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। परिजनों ने अब डीआईजी से मिलकर न्याय और लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने का फैसला किया है।
अप्रैल में गांव से 11 वर्षीय रिहान पुत्र इमरान रहस्यमय हालात में लापता हो गया था। परिजनों ने गांव निवासी तांत्रिक असद पर हत्या की आशंका जताई थी। आरोप है कि थाना प्रभारी ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय परिजनों को झूठा करार देकर थाने से भगा दिया और सिर्फ गुमशुदगी दर्ज कर खानापूर्ति कर दी।
दूसरी वारदात से खुली पुलिस की नींद
9 जुलाई को नवाबगढ़ी गांव से 16 वर्षीय किशोर उवैश पुत्र शकील की गुमशुदगी के बाद तांत्रिक असद ने परिजनों से पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस ने सर्विलांस के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर उसे गिरफ्तार किया। उसने पूछताछ में रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा किया। आरोपी ने कबूला कि उसने तंत्र क्रिया के लिए उवैश की बलि दी और शव गांव में ही एक खंडहर में दफना दिया। पूछताछ में उसने यह भी बताया कि अप्रैल में लापता रिहान को भी मारकर पास के गांव में खाली जमीन में दफनाया था। पुलिस ने तलाशी के दौरान रिहान की पैंट तो बरामद की, लेकिन शव का अब तक सुराग नहीं मिला।
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रिहान के पिता का कहना है कि यदि पुलिस अप्रैल में ही शिकायत को गंभीरता से लेकर असद से पूछताछ करती तो शायद उनके बेटे की जान बचाई जा सकती थी। रिहान के परिजनों ने अब डीआईजी से मिलकर थाना पुलिस की लापरवाही और आरोपी को रिमांड पर न लेने की शिकायत करने की बात कही है।
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अप्रैल में गांव से 11 वर्षीय रिहान पुत्र इमरान रहस्यमय हालात में लापता हो गया था। परिजनों ने गांव निवासी तांत्रिक असद पर हत्या की आशंका जताई थी। आरोप है कि थाना प्रभारी ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय परिजनों को झूठा करार देकर थाने से भगा दिया और सिर्फ गुमशुदगी दर्ज कर खानापूर्ति कर दी।
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दूसरी वारदात से खुली पुलिस की नींद
9 जुलाई को नवाबगढ़ी गांव से 16 वर्षीय किशोर उवैश पुत्र शकील की गुमशुदगी के बाद तांत्रिक असद ने परिजनों से पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस ने सर्विलांस के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर उसे गिरफ्तार किया। उसने पूछताछ में रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा किया। आरोपी ने कबूला कि उसने तंत्र क्रिया के लिए उवैश की बलि दी और शव गांव में ही एक खंडहर में दफना दिया। पूछताछ में उसने यह भी बताया कि अप्रैल में लापता रिहान को भी मारकर पास के गांव में खाली जमीन में दफनाया था। पुलिस ने तलाशी के दौरान रिहान की पैंट तो बरामद की, लेकिन शव का अब तक सुराग नहीं मिला।
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रिहान के पिता का कहना है कि यदि पुलिस अप्रैल में ही शिकायत को गंभीरता से लेकर असद से पूछताछ करती तो शायद उनके बेटे की जान बचाई जा सकती थी। रिहान के परिजनों ने अब डीआईजी से मिलकर थाना पुलिस की लापरवाही और आरोपी को रिमांड पर न लेने की शिकायत करने की बात कही है।