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Meerut News: अफशा हत्याकांड में मां और दूसरा भाई गिरफ्तार
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- शादी से इन्कार करने पर हुए विवाद में की थी वारदात, एक नाबालिग को भी पकड़ा
- परिवार के लोगोें ने मिलकर मिटाए थे साक्ष्य, वारदात छिपाने की कोशिश की
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जाकिर कॉलोनी में शनिवार को की गई अफशा (21) की हत्या में पुलिस ने उसकी मां कासिफा और भाई कैफ को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार को इस मामले में एक नाबालिग को भी पकड़ा है। ये आरोपी मुख्य आरोपी आरिश के साथ वारदात में शामिल रहे। उन्होंने साक्ष्य और वारदात को छिपाने का भी प्रयास किया था।
लोहियानगर थाना क्षेत्र की जाकिर कॉलोनी मक्का मस्जिद के पास शनिवार सुबह अफशा की सिर के पीछे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद परिवार के लोग उसे लहूलुहान हालत में जगदंबा अस्पताल लेकर पहुंचे थे। मोहल्ले के लोगों और अस्पताल में परिवार के लोगों ने बताया था कि अफशा छत से गिरकर घायल हुई है। अस्पताल से अफशा की मौत की सूचना पर पुलिस ने पड़ताल की थी। घर में मिली अफशा की मां कासिफा ने अनभिज्ञता जताते हुए वारदात को छिपाने की कोशिश की थी।
सीओ कोतवाली संग्राम सिंह का कहना है कि जांच में पता चला है कि परिवार के लोगों का शुक्रवार रात और शनिवार सुबह शादी से इन्कार करने पर अफशा से झगड़ा हुआ था। परिजनों को पता चला था कि अफशा किसी उवैश नाम के लड़के से फोन पर बात करती है। इससे उन्हें प्रेम प्रसंग का शक हुआ था। इससे क्षुब्ध होकर उसकी हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने कमरे में फर्श पर पड़े अफशा के खून को भी पोछा लगाकर साफ कर दिया था। हालांकि खून के कुछ छींटे वहां दिखाई दिए थे।
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मुख्य आरोपी आरिश भाइयों में सबसे बड़ा
चार भाइयों में सबसे बड़े मुख्य आरोपी आरिश को पुलिस ने वारदात के बाद ही भूमिया के पूल से तमंचा समेत गिरफ्तार कर लिया था। उसने ही बहन की गोली मारकर हत्या की थी। बाद में पुलिस ने लोहियानगर थाने के दरोगा अमित मलिक की तहरीर पर आरिश, कासिफा और अन्य परिजन के खिलाफ हत्या व साक्ष्य छिपाने की धारा में प्राथमिकी दर्ज की थी।
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इकलौती बहन के दफीने में पहुंचा एक ही भाई
अफशा पांच बहन-भाइयों में सबसे बड़ी और इकलौती बहन थी। आरिश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और दो भाई भाग गए थे। अफशा का एक भाई अब्दुल 21 दिन से ओडिशा जमात में गया है। इसके चलते वारदात में उसकी संलिप्तता सामने नहीं आई है। पार्षद शब्बीर ने बताया कि अब्दुल शनिवार रात नौ बजे हवाई जहाज से लौटा। इसके बाद देर रात दस बजे अफशा का शव दफनाया गया। अन्य भाई दफीना में शामिल नहीं हुए। हालांकि अफशा के चाचा, ताऊ और रिश्तेदार व मोहल्ले के लोग भी इस दौरान मौजूद रहे।
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- परिवार के लोगोें ने मिलकर मिटाए थे साक्ष्य, वारदात छिपाने की कोशिश की
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जाकिर कॉलोनी में शनिवार को की गई अफशा (21) की हत्या में पुलिस ने उसकी मां कासिफा और भाई कैफ को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार को इस मामले में एक नाबालिग को भी पकड़ा है। ये आरोपी मुख्य आरोपी आरिश के साथ वारदात में शामिल रहे। उन्होंने साक्ष्य और वारदात को छिपाने का भी प्रयास किया था।
लोहियानगर थाना क्षेत्र की जाकिर कॉलोनी मक्का मस्जिद के पास शनिवार सुबह अफशा की सिर के पीछे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद परिवार के लोग उसे लहूलुहान हालत में जगदंबा अस्पताल लेकर पहुंचे थे। मोहल्ले के लोगों और अस्पताल में परिवार के लोगों ने बताया था कि अफशा छत से गिरकर घायल हुई है। अस्पताल से अफशा की मौत की सूचना पर पुलिस ने पड़ताल की थी। घर में मिली अफशा की मां कासिफा ने अनभिज्ञता जताते हुए वारदात को छिपाने की कोशिश की थी।
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सीओ कोतवाली संग्राम सिंह का कहना है कि जांच में पता चला है कि परिवार के लोगों का शुक्रवार रात और शनिवार सुबह शादी से इन्कार करने पर अफशा से झगड़ा हुआ था। परिजनों को पता चला था कि अफशा किसी उवैश नाम के लड़के से फोन पर बात करती है। इससे उन्हें प्रेम प्रसंग का शक हुआ था। इससे क्षुब्ध होकर उसकी हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने कमरे में फर्श पर पड़े अफशा के खून को भी पोछा लगाकर साफ कर दिया था। हालांकि खून के कुछ छींटे वहां दिखाई दिए थे।
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मुख्य आरोपी आरिश भाइयों में सबसे बड़ा
चार भाइयों में सबसे बड़े मुख्य आरोपी आरिश को पुलिस ने वारदात के बाद ही भूमिया के पूल से तमंचा समेत गिरफ्तार कर लिया था। उसने ही बहन की गोली मारकर हत्या की थी। बाद में पुलिस ने लोहियानगर थाने के दरोगा अमित मलिक की तहरीर पर आरिश, कासिफा और अन्य परिजन के खिलाफ हत्या व साक्ष्य छिपाने की धारा में प्राथमिकी दर्ज की थी।
इकलौती बहन के दफीने में पहुंचा एक ही भाई
अफशा पांच बहन-भाइयों में सबसे बड़ी और इकलौती बहन थी। आरिश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और दो भाई भाग गए थे। अफशा का एक भाई अब्दुल 21 दिन से ओडिशा जमात में गया है। इसके चलते वारदात में उसकी संलिप्तता सामने नहीं आई है। पार्षद शब्बीर ने बताया कि अब्दुल शनिवार रात नौ बजे हवाई जहाज से लौटा। इसके बाद देर रात दस बजे अफशा का शव दफनाया गया। अन्य भाई दफीना में शामिल नहीं हुए। हालांकि अफशा के चाचा, ताऊ और रिश्तेदार व मोहल्ले के लोग भी इस दौरान मौजूद रहे।