{"_id":"69f8c42c74c568745a09046d","slug":"plea-to-save-the-crops-of-farmers-devastated-by-ganga-erosion-meerut-news-c-228-1-mwn1001-104834-2026-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: गंगा कटान से उजड़े किसानों की फसल बचाने की गुहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: गंगा कटान से उजड़े किसानों की फसल बचाने की गुहार
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। क्षेत्र के गांव खेड़ी कलां के किसानों ने उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर वन विभाग की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि गंगा कटान के कारण उनकी मूल कृषि भूमि नदी में समा गई। इसके बाद वह गंगा की छोड़ी हुई जमीन पर खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।
प्रार्थना पत्र में अभिषेक चपराणा के नेतृत्व में रुद्र प्रताप सिंह, विनय गौतम, हरेंद्र, कर्ण सिंह, रुस्तम आदि ने आरोप लगाया कि वन विभाग द्वारा की गई भूमि की निशानदेही पक्षपातपूर्ण और निराधार है। विभाग की ओर से किसानों की खड़ी फसल को नष्ट किए जाने की कार्रवाई की जा रही है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट गहरा गया है। किसानों ने कहा कि यदि उनकी फसल नष्ट की गई तो वह भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे।
किसानों ने प्रशासन को अवगत कराया कि वर्तमान स्थिति में उनके पास आय का कोई अन्य साधन नहीं है। फसल ही उनके जीवन यापन का एकमात्र सहारा है। ऐसे में फसल को नुकसान पहुंचाना उनके लिए भारी संकट खड़ा कर रहा है। किसानों ने उपजिलाधिकारी से मांग की है कि वन विभाग को तत्काल फसल को नष्ट करने से रोका जाए और निष्पक्ष जांच कर उचित निर्णय लिया जाए। किसानों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए राहत प्रदान करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
हस्तिनापुर। क्षेत्र के गांव खेड़ी कलां के किसानों ने उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर वन विभाग की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि गंगा कटान के कारण उनकी मूल कृषि भूमि नदी में समा गई। इसके बाद वह गंगा की छोड़ी हुई जमीन पर खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।
प्रार्थना पत्र में अभिषेक चपराणा के नेतृत्व में रुद्र प्रताप सिंह, विनय गौतम, हरेंद्र, कर्ण सिंह, रुस्तम आदि ने आरोप लगाया कि वन विभाग द्वारा की गई भूमि की निशानदेही पक्षपातपूर्ण और निराधार है। विभाग की ओर से किसानों की खड़ी फसल को नष्ट किए जाने की कार्रवाई की जा रही है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट गहरा गया है। किसानों ने कहा कि यदि उनकी फसल नष्ट की गई तो वह भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे।
विज्ञापन
किसानों ने प्रशासन को अवगत कराया कि वर्तमान स्थिति में उनके पास आय का कोई अन्य साधन नहीं है। फसल ही उनके जीवन यापन का एकमात्र सहारा है। ऐसे में फसल को नुकसान पहुंचाना उनके लिए भारी संकट खड़ा कर रहा है। किसानों ने उपजिलाधिकारी से मांग की है कि वन विभाग को तत्काल फसल को नष्ट करने से रोका जाए और निष्पक्ष जांच कर उचित निर्णय लिया जाए। किसानों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए राहत प्रदान करेगा।
विज्ञापन