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खिलाड़ियों के हितों को मिले प्राथमिकता : प्रमोद कुमार
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भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के महासचिव पहुंचे कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम
अध्यक्ष के साथ चल रहे विवाद पर खुलकर की बातचीत
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। भारतीय मुक्केबाजी संघ के महासचिव प्रमोद कुमार बृहस्पतिवार को कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रही बॉक्सिंग प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने संघ के अध्यक्ष अजय सिंह के साथ चल रहे विवाद पर खुलकर बात की। कहा कि संघ के खिलाड़ियों के हितों पर को प्राथमिकता देनी चाहिए न कि टकराव को।
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआइ) में अध्यक्ष अजय सिंह और महासचिव प्रमोद कुमार युगल के बीच विवाद लगातार बढ़ रहा है। महासंघ की कार्यप्रणाली, वित्तीय प्रबंधन और खिलाड़ियों के हितों को लेकर दोनों पदाधिकारी आमने-सामने हैं। प्रमोद कुमार ने कहा कि उनका उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर अवसर देना और संघ को ऊंचाइयों पर ले जाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यक्ष अजय सिंह ने उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की, जबकि महासंघ के संविधान के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। कहा कि महासंघ में अध्यक्ष और महासचिव की जिम्मेदारियां अलग-अलग होती हैं।
महासचिव का काम जमीनी स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित करना और खेल गतिविधियों को आगे बढ़ाना है, जबकि अध्यक्ष की भूमिका संसाधन जुटाने और संबंधित संस्थाओं से समन्वय करने की होती है। उन्होंने अपने ऊपर लगाए जा रहे वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने अध्यक्ष के 40 करोड़ रुपये जुटाने के दावे पर भी सवाल उठाए। प्रमोद कुमार के अनुसार इस राशि से संबंधित समझौता भारत सरकार, इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड (आइओसीएल) और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के बीच हुआ था। उन्होंने कहा कि इस समझौते में बीएफआइ की ओर से हस्ताक्षर नहीं किए गए थे। उन्होंने अध्यक्ष की ओर से इस राशि का श्रेय लेने पर आपत्ति जताई।
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अध्यक्ष के साथ चल रहे विवाद पर खुलकर की बातचीत
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। भारतीय मुक्केबाजी संघ के महासचिव प्रमोद कुमार बृहस्पतिवार को कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रही बॉक्सिंग प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने संघ के अध्यक्ष अजय सिंह के साथ चल रहे विवाद पर खुलकर बात की। कहा कि संघ के खिलाड़ियों के हितों पर को प्राथमिकता देनी चाहिए न कि टकराव को।
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआइ) में अध्यक्ष अजय सिंह और महासचिव प्रमोद कुमार युगल के बीच विवाद लगातार बढ़ रहा है। महासंघ की कार्यप्रणाली, वित्तीय प्रबंधन और खिलाड़ियों के हितों को लेकर दोनों पदाधिकारी आमने-सामने हैं। प्रमोद कुमार ने कहा कि उनका उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर अवसर देना और संघ को ऊंचाइयों पर ले जाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यक्ष अजय सिंह ने उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की, जबकि महासंघ के संविधान के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। कहा कि महासंघ में अध्यक्ष और महासचिव की जिम्मेदारियां अलग-अलग होती हैं।
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महासचिव का काम जमीनी स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित करना और खेल गतिविधियों को आगे बढ़ाना है, जबकि अध्यक्ष की भूमिका संसाधन जुटाने और संबंधित संस्थाओं से समन्वय करने की होती है। उन्होंने अपने ऊपर लगाए जा रहे वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने अध्यक्ष के 40 करोड़ रुपये जुटाने के दावे पर भी सवाल उठाए। प्रमोद कुमार के अनुसार इस राशि से संबंधित समझौता भारत सरकार, इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड (आइओसीएल) और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के बीच हुआ था। उन्होंने कहा कि इस समझौते में बीएफआइ की ओर से हस्ताक्षर नहीं किए गए थे। उन्होंने अध्यक्ष की ओर से इस राशि का श्रेय लेने पर आपत्ति जताई।
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