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मेरठ मेडिकल में प्लाज्मा थेरेपी की तैयारी, 15 डोनर मिले, सुभारती अस्पताल करेगा मदद

Mon, 21 Sep 2020 09:07 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 21 Sep 2020 09:07 PM IST
सार

  • सुभारती अस्पताल करेगा मदद, 5500 रुपये में 200 एमएल देंगे प्लाज्मा 
  • 20 लाख रुपये कीमत की मशीन के लिए शासन से चल रहा है पत्राचार

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Plasma therapy preparations at Meerut Medical, feefteen donors found
प्लाज्मा थेरेपी -प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थेरेपी की तैयारी चल रही है। खुद की मशीन के लिए शासन से पत्राचार चल रहा है। जब तक मशीन नहीं आती है, सुभारती अस्पताल मदद करेगा। वह 5500 रुपये में 200 एमएल प्लाज्मा देगा। पहले प्लाज्मा थेरेपी के लिए नोएडा के सुपर स्पेशियलिटी पीडियाट्रिक्स हॉस्पिटल से बात चल रही थी, लेकिन वह दूर होने के कारण सुभारती की मदद ली जाएगी।
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मेडिकल प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि कोरोना के जो मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं, उनका 28 दिन का कोरोना समय पूरा हो चुका है। वह तीन माह तक प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं। इन मरीजों की सूची तैयार की जा रही है। अब तक 15 लोग प्लाज्मा डोनेट करने की सहमति भी दे चुके हैं।
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सुभारती अस्पताल में प्लाज्मा निकालने की मशीन है। जरूरत पड़ने पर डोनर को वहां भेजा जाएगा। वहां से प्लाज्मा मेडिकल लाया जाएगा। मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. मोनिका राठी ने बताया कि जो मशीन विशेष तरह से प्लाज्मा निकालने की क्षमता रखती है, उसकी कीमत करीब 20 लाख रुपये है। महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. केके गुप्ता ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही मशीन की व्यवस्था करा दी जाएगी।
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कोविड-19 प्रभारी डॉ. सुधीर राठी ने बताया कि प्लाज्मा थेरेपी कोविड-19 के इलाज में कितनी असरदार है, इस पर अभी रिसर्च चल रही है। जिस मरीज पर रेमडेसिवीर दवा असर नहीं करती है, उसे प्लाज्मा थेरेपी दी जा सकती है। सामान्य तौर पर एक मरीज को 400 एमएल प्लाज्मा दिया जाता है।  

क्या है प्लाज्मा थेरेपी 
प्लाज्मा थेरेपी को मेडिकल साइंस की भाषा में प्लास्माफेरेसिस नाम से जाना जाता है। यह ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें खून के तरल पदार्थ या प्लाज्मा को रक्त कोशिकाओं से अलग किया जाता है। इसके बाद अगर किसी व्यक्ति के प्लाज्मा में अस्वस्थ्य टिश्यू मिलते हैं तो उसका इलाज समय रहते शुरू किया जाता है। प्लाज्मा थेरेपी सिस्टम इस धारणा पर काम करता है कि जो मरीज किसी संक्रमण से उबर कर ठीक हो जाते हैं उनके शरीर में वायरस के संक्रमण को बेअसर करने वाले प्रतिरोधी एंटीबॉडीज विकसित हो जाते हैं।

प्लाज्मा थेरेपी के लाभ  

  • रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना- अन्य बीमारियों का इलाज करना, चेहरे, बाल आदि से जुड़ी समस्याओं का भी समाधान करने में कारगर साबित होती है।
  • समय की बचत होना- कुछ सर्जरी में काफी समय लगता है, वहीं प्लाज्मा थेरेपी में काफी कम (3-5 घंटे) समय लगता है। 
  • दर्द महसूस न होना- इस थेरेपी को देने के समय मरीज को किसी तरह का दर्द महसूस नहीं होता है। 
  • जल्दी परिणाम आना - इस थेरेपी के काफी सारे ऐसे मामले सामने आते हैं, जिनमें इसे कराने वाले लोगों को जल्दी आराम मिलता है। 

थेरेपी के संभावित खतरे  
संक्रमण होना, नस का खराब हो जाना, बेहोशी या कमजोरी आना, खून के थक्के बन जाना, धुंधला दिखाई देना। 

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