{"_id":"64e3b4a3f94cd421de090495","slug":"plasma-prb-and-platelets-will-be-available-only-in-the-medical-hospital-na-news-c-27-1-smrt1006-9428-2023-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: मेडिकल अस्पताल में ही मिलेगा प्लाज्मा, पीआरबी और प्लेटलेट्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: मेडिकल अस्पताल में ही मिलेगा प्लाज्मा, पीआरबी और प्लेटलेट्स
विज्ञापन
बिजनौर। अगर सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही मेडिकल अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू हो जाएगी। विभाग की ओर से यूनिट के लाइसेंस के लिए भारत और राज्य सरकार के औषधि नियंत्रक कार्यालय में आवेदन कर दिया है। जिसके चलते जल्द ही लाइसेंस के लिए टीम सत्यापन करने आ सकती है।
मेडिकल अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू होने जारी रही है। यूनिट शुरू होने के बाद ब्लड बैंक में प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और पीआरबीसी उपलब्ध रहेगा। एक ब्लड यूनिट से तीन मरीजों का फायदा होगा। अब सिर्फ लाइसेंस मिलने की देरी है। लाइसेंस के लिए अगस्त के पहले सप्ताह में ही आवेदन कर दिया गया है। वहीं ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का सभी सामान आ गया है। जिसमें ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन मशीन, लेमिनार फ्लो, क्रायो बाथ, प्लाज्मा एक्सप्रेशर और इंक्यूवेटर मशीनें और फ्रिज शामिल है। स्टाॅफ को भी मशीन चलाने का प्रशिक्षण दिलाया गया है। यूनिट शुरू होने के बाद मरीजों को प्राइवेट ब्लड बैंक या मेरठ की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
- अलग-अलग मरीजों को चाहिए होते हैं कई तरह के कंपोनेंट
रक्त में कई तरह के कंपोनेंट पाए जाते हैं। एक यूनिट ब्लड से कई बीमारियों के मरीजों की जान बचाई जा सकती है। थैलीसीमिया से ग्रसित मरीजों को आरबीसी की जरूरत होती है। डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स की जरूरत होती है। इसके साथ ही जले हुए मरीजों को प्लाज्मा चढ़ता है। एफएफपी और एड्स के मरीजों को डब्ल्यूबीसी की आवश्यकता होती है।
विज्ञापन
- वर्जन
ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट के लाइसेंस के लिए औषधि नियंत्रक कार्यालय में आवेदन कर दिया गया है। टीम सत्यापन करने आएगी। इसके बाद ही यूनिट शुरू करने का लाइसेंस मिलेगा। ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. जासमीन और लैब टेक्नीशियन विनोद कुमार को मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल में प्रशिक्षण दिलाया जा चुका है। -डॉ. संजय कुमार शंकर, ब्लड बैंक प्रभारी, मेडिकल अस्पताल
विज्ञापन
मेडिकल अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू होने जारी रही है। यूनिट शुरू होने के बाद ब्लड बैंक में प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और पीआरबीसी उपलब्ध रहेगा। एक ब्लड यूनिट से तीन मरीजों का फायदा होगा। अब सिर्फ लाइसेंस मिलने की देरी है। लाइसेंस के लिए अगस्त के पहले सप्ताह में ही आवेदन कर दिया गया है। वहीं ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का सभी सामान आ गया है। जिसमें ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन मशीन, लेमिनार फ्लो, क्रायो बाथ, प्लाज्मा एक्सप्रेशर और इंक्यूवेटर मशीनें और फ्रिज शामिल है। स्टाॅफ को भी मशीन चलाने का प्रशिक्षण दिलाया गया है। यूनिट शुरू होने के बाद मरीजों को प्राइवेट ब्लड बैंक या मेरठ की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
विज्ञापन
- अलग-अलग मरीजों को चाहिए होते हैं कई तरह के कंपोनेंट
रक्त में कई तरह के कंपोनेंट पाए जाते हैं। एक यूनिट ब्लड से कई बीमारियों के मरीजों की जान बचाई जा सकती है। थैलीसीमिया से ग्रसित मरीजों को आरबीसी की जरूरत होती है। डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स की जरूरत होती है। इसके साथ ही जले हुए मरीजों को प्लाज्मा चढ़ता है। एफएफपी और एड्स के मरीजों को डब्ल्यूबीसी की आवश्यकता होती है।
विज्ञापन
- वर्जन
ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट के लाइसेंस के लिए औषधि नियंत्रक कार्यालय में आवेदन कर दिया गया है। टीम सत्यापन करने आएगी। इसके बाद ही यूनिट शुरू करने का लाइसेंस मिलेगा। ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. जासमीन और लैब टेक्नीशियन विनोद कुमार को मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल में प्रशिक्षण दिलाया जा चुका है। -डॉ. संजय कुमार शंकर, ब्लड बैंक प्रभारी, मेडिकल अस्पताल