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2000 में तमंचा, 25000 रुपये में पिस्टल बेच रहे थे सप्लायर
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2000 में तमंचा, 25000 रुपये में पिस्टल बेच रहे थे सप्लायर
मेरठ। वेस्ट यूपी के जिलों में खूनखराबा कराने के लिए 2000 रुपये में तमंचा और 25000 रुपये में पिस्टल बेची जा रही थी। पता चला है कि हथियार बनाने वालों के कनेक्शन यूपी से बाहर दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के बदमाश से भी जुड़े हैं। पुलिस ने हथियार बनाने वालों से पूछताछ की है। बदमाशों के गुर्गों की तलाश में शनिवार देर रात तक दबिश जारी रही।
एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि किठौर के राधना निवासी इसरार का बड़ा नेटवर्क है। यूपी से बाहर भी अपराधियों से इसरार के संपर्क हैं। तमंचे और पिस्टल बनाने अन्य कई लोग भी इसरार से जुड़े हैं। तमंचे और पिस्टल सप्लाई करने का मुख्य नेटवर्क इसरार का ही है। वह पहले भी जेल जा चुका है। उसकी खुद की कई फैक्टरी रही हैं। पुलिस ने उससे कई घंटों तक पूछताछ की। हालांकि पुलिस का दावा कि अवैध हथियारों को बनाने और सप्लाई करने वालों में लिसाड़ी गेट क्षेत्र के भी काफी लोग हैं। ऐसे लोगों को चिह्नित किया जा रहा है।
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हर बार बदलते हैं ठिकाने
- पुलिस का कहना है कि अवैध हथियार बनाने वाले ठिकाने बदलते रहे हैं। लिसाड़ी गेट में तीन महीने पहले तमंचा फैक्टरी पकड़ी थी। इसके बाद अब आरोपियों ने टीपी नगर के मलियाना और दिल्ली रोड स्थित शॉप्रिक्स मॉल के पीछे किराए का मकान लेकर तमंचा और पिस्टल बनाने का काम शुरू कर दिया था। बताया जा रहा कि इस गिरोह का अलग-अलग जगह पर तमंचा पिस्टल बनाने का काम चल रहा है। वहीं, गंगानगर पुलिस ने भी तमंचे के साथ रोहित उर्फ तार्जन निवासी सलारपुर गंगानगर को पकड़ा है।
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मेरठ। वेस्ट यूपी के जिलों में खूनखराबा कराने के लिए 2000 रुपये में तमंचा और 25000 रुपये में पिस्टल बेची जा रही थी। पता चला है कि हथियार बनाने वालों के कनेक्शन यूपी से बाहर दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के बदमाश से भी जुड़े हैं। पुलिस ने हथियार बनाने वालों से पूछताछ की है। बदमाशों के गुर्गों की तलाश में शनिवार देर रात तक दबिश जारी रही।
एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि किठौर के राधना निवासी इसरार का बड़ा नेटवर्क है। यूपी से बाहर भी अपराधियों से इसरार के संपर्क हैं। तमंचे और पिस्टल बनाने अन्य कई लोग भी इसरार से जुड़े हैं। तमंचे और पिस्टल सप्लाई करने का मुख्य नेटवर्क इसरार का ही है। वह पहले भी जेल जा चुका है। उसकी खुद की कई फैक्टरी रही हैं। पुलिस ने उससे कई घंटों तक पूछताछ की। हालांकि पुलिस का दावा कि अवैध हथियारों को बनाने और सप्लाई करने वालों में लिसाड़ी गेट क्षेत्र के भी काफी लोग हैं। ऐसे लोगों को चिह्नित किया जा रहा है।
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हर बार बदलते हैं ठिकाने
- पुलिस का कहना है कि अवैध हथियार बनाने वाले ठिकाने बदलते रहे हैं। लिसाड़ी गेट में तीन महीने पहले तमंचा फैक्टरी पकड़ी थी। इसके बाद अब आरोपियों ने टीपी नगर के मलियाना और दिल्ली रोड स्थित शॉप्रिक्स मॉल के पीछे किराए का मकान लेकर तमंचा और पिस्टल बनाने का काम शुरू कर दिया था। बताया जा रहा कि इस गिरोह का अलग-अलग जगह पर तमंचा पिस्टल बनाने का काम चल रहा है। वहीं, गंगानगर पुलिस ने भी तमंचे के साथ रोहित उर्फ तार्जन निवासी सलारपुर गंगानगर को पकड़ा है।
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