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Meerut News: अनुमति दही-पनीर की, बेच रहे मिठाई...अब लगेगा जुर्माना
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मेरठ। करमुक्त श्रेणी में शामिल दही व पनीर की अनुमति के बावजूद इसकी आड़ में मिठाई बेची जा रही है। राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा के सर्वे में यह खुलासा हुआ है। विभागीय टीम हापुड़ रोड पर अमृतसरी मिठाई वाले के यहां जांच के लिए पहुंची तो करीब तीन लाख रुपये की मिठाई पकड़ी। टीम ने बिक्री और कर से जुड़े अभिलेख मिलान के लिए मांगे तो कई अभिलेख पेश नहीं किए जा सके। अब टीम जुर्माना लगाने की तैयारी कर रही है।
दरअसल, शहर में बहुत से मिष्ठान विक्रेता करमुक्त दही और पनीर की आड़ में लाखों रुपये के मिष्ठान बेचते हैं। ऐसी शिकायतें आती रही हैं। इसमें काफी संख्या में व्यापारी ऑनलाइन भुगतान भी स्वीकार नहीं करते हैं। ग्राहकों को उन्हें नकद भुगतान ही करना पड़ता है। सदर, बुढ़ाना गेट, शारदा रोड सहित शहर के बाहरी क्षेत्रों में भी कर चोरी और बड़े मुनाफे के लिए यह खेल चल रहा है।
इन्हीं सूचनाओं के आधार पर विशेष अनुसंधान शाखा के संयुक्त आयुक्त राजकुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में उपायुक्त जितेंद्र आर्य, सहायक आयुक्त अखिलेश कुमार, राज्यकर अधिकारी महावीर प्रसाद, रोहित गुप्ता और दिव्या बेनी माधव की टीम ने शहर के प्रमुख बाजारों में सर्वे किया। इसमें हापुड़ चुंगी स्थित अमृतसरी मिठाई वाले के यहां जांच की गई। दुकान में मिठाई सहित अन्य करयुक्त सामान था।
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संयुक्त आयुक्त राजकुमार त्रिपाठी ने बताया जीएसटी पोर्टल पर दाखिल रिटर्न में स्वयं को करमुक्त बताते हुए दही और पनीर की बिक्री दिखाई गई। दुकान में तीन लाख का सामान मिला है। इसमें अर्द्धनिर्मित मिठाई, बेकरी आइटम्स, ड्राई फ्रूट, नमकीन आदि का स्टॉक मिला। स्टॉक की जांच के बाद व्यापारी अपने अभिलेखों का मिलान नहीं करा पाया। अब विभाग की तरफ से आगे की जांच की जाएगी।
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दरअसल, शहर में बहुत से मिष्ठान विक्रेता करमुक्त दही और पनीर की आड़ में लाखों रुपये के मिष्ठान बेचते हैं। ऐसी शिकायतें आती रही हैं। इसमें काफी संख्या में व्यापारी ऑनलाइन भुगतान भी स्वीकार नहीं करते हैं। ग्राहकों को उन्हें नकद भुगतान ही करना पड़ता है। सदर, बुढ़ाना गेट, शारदा रोड सहित शहर के बाहरी क्षेत्रों में भी कर चोरी और बड़े मुनाफे के लिए यह खेल चल रहा है।
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इन्हीं सूचनाओं के आधार पर विशेष अनुसंधान शाखा के संयुक्त आयुक्त राजकुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में उपायुक्त जितेंद्र आर्य, सहायक आयुक्त अखिलेश कुमार, राज्यकर अधिकारी महावीर प्रसाद, रोहित गुप्ता और दिव्या बेनी माधव की टीम ने शहर के प्रमुख बाजारों में सर्वे किया। इसमें हापुड़ चुंगी स्थित अमृतसरी मिठाई वाले के यहां जांच की गई। दुकान में मिठाई सहित अन्य करयुक्त सामान था।
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संयुक्त आयुक्त राजकुमार त्रिपाठी ने बताया जीएसटी पोर्टल पर दाखिल रिटर्न में स्वयं को करमुक्त बताते हुए दही और पनीर की बिक्री दिखाई गई। दुकान में तीन लाख का सामान मिला है। इसमें अर्द्धनिर्मित मिठाई, बेकरी आइटम्स, ड्राई फ्रूट, नमकीन आदि का स्टॉक मिला। स्टॉक की जांच के बाद व्यापारी अपने अभिलेखों का मिलान नहीं करा पाया। अब विभाग की तरफ से आगे की जांच की जाएगी।