फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   people won on entry fee tax

कैंट बोर्ड के ‘जजिया कर’ पर लोगों की जीत

Thu, 16 Jan 2020 02:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jan 2020 02:21 AM IST
विज्ञापन
people won on entry fee tax
वाहन प्रवेश शुल्क के तीन प्वाइंटो को लेकर कैंटबोर्ड मे बैठक मे प्रवेश शुल्क हटाये जाने पर सांसद र
मेरठ।
विज्ञापन

पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई की सड़कों पर कैंट बोर्ड की ओर से लगाए गए ‘जजिया कर’ पर शहर के लोगों की जीत हो गई। सांसद और विधायक ने इसका पुरजोर विरोध किया। वहीं, एडीएम भी इस बात पर अड़ गए कि कानून व्यवस्था देखना उनका काम है। ऐसे में रुड़की-मवाना और दिल्ली रोड पर वसूली नहीं हो सकती। बोर्ड बैठक खत्म होने तक कैंट बोर्ड ऑफिस के बाहर दर्जनों व्यापारी जुटे रहे। तीनों जगहों से वसूली बंद होने की सूचना पर उन्होंने जीत की खुशी में जिंदाबाद के नारे लगाए।
शाम चार बजे बोर्ड बैठक में ठेकेदार अनीता सिंह को भी बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं पहुंची। उनकी ओर से अस्वस्थ होने का पत्र सीईओ को भेजा गया। उन्होंने जवाब के लिए समय मांगा। पत्र में ठेकेदार की ओर से यह भी लिखा गया कि अगर उन्हें तीन जगहों पर वसूली से रोका गया तो यह कोर्ट की अवमानना होगी। वह अधिकारियों के खिलाफ अवमानना याचिका दायर करेंगी। पत्र की भाषा पर सदस्यों ने कहा कि यह तो चेतावनी है।
विज्ञापन

सीईओ ने पत्र सभी सदस्यों को सुनाया तो सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल और एडीएम सिटी अजय तिवारी ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर कोई टिप्पणी नहीं है। यह मामला कोर्ट का नहीं है। हम कानून व्यवस्था की बात कर रहे हैं। एडीएम ने कहा कि यह मामला प्रशासन का है। हम कानून व्यवस्था पर रिस्क नहीं ले सकते हैं। ऐसे में तीनों जगहों पर वसूली बंद हो। उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी समेत सभी सदस्यों ने इसका समर्थन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

फाइनेंस कमेटी की बैठक पर उठे सवाल
उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी ने कहा कि बोर्ड के पास ठेके को कभी भी खत्म करने का अधिकार है। सामने आया कि 20 दिसंबर को हुई फाइनेंस कमेटी की बैठक में ठेकेदार 11 में से आठ जगहों पर वसूली को तैयार थीं। इसके लिए 1.25 लाख रुपये प्रतिदिन पर सहमति बन चुकी थी। इसके बाद भी ठेकेदार ने कोर्ट का रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि कोर्ट में सभी तथ्यों के साथ मजबूत पक्ष रखा जाएगा। दरअसल 11 जगहों पर वसूली किए जाने पर ठेकेदार को रोजाना 4.35 लाख रुपये देने थे।
एक घंटे चली चर्चा
एक घंटे की चर्चा के बाद बोर्ड अध्यक्ष बिग्रेडियर अनमोल सूद, सीईओ प्रसाद चव्हाण और उपाध्यक्ष ने कहा कि तीनों जगहों पर ठेका निरस्त किया जाता है। कानून व्यवस्था के मामले में कोई भी लापरवाही नहीं की जा सकती है। बोर्ड अध्यक्ष ने बोर्ड के प्रशासनिक सदस्य एडीएम सिटी को भी उक्त केस में पैरवी करने के लिए कहा गया। क्योंकि लॉ एंड ऑर्डर को लेकर डीएम की तरफ से विरोध दर्ज कराया गया था।
संपत्तियों के किराए पर करें रिव्यू
बैठक में सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि कैंट बोर्ड ने अपनी संपत्तियों का किराया तीन गुना बढ़ा दिया है। इस पर रिव्यू की जरूरत है। पूर्व उपाध्यक्ष बीना वाधवा ने सदन को बताया कि किराया निर्धारण पर बोर्ड में एक पॉलिसी पूर्व में भी निर्धारित की जा चुकी है। उन्होंने सीईओ से उस पॉलिसी का संज्ञान लेने का अनुरोध किया। सीईओ ने सांसद को रिव्यू कराने का आश्वासन दिया। कैंट बोर्ड की आमदनी पर हुई चर्चा में बीना वाधवा ने रेलवे पर बकाया 13 करोड़ रुपये सर्विस चार्ज का मुद्दा उठाया। उन्होंने सांसद और विधायक से सहयोग का अनुरोध किया।
बैठक में यह रहे मौजूद
बैठक में सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर अनमोल सूद, सीईओ प्रसाद चव्हाण, उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी, एडम कमांडेंट कर्नल संदीप, पूर्व उपाध्यक्ष बीना वाधवा, अनिल जैन, मंजू गोयल, बुशरा कमाल, नीरज राठौर और धर्मेंद्र सोनकर आदि मौजूद रहे।
-------------
ट्रांसपोर्टर्स ने एसएसपी को दिया ज्ञापन
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव शर्मा के नेतृत्व में शाम को व्यापारियों ने एसएसपी को ज्ञापन दिया। एसएसपी ने कहा कि जिस विभाग का स्वामित्व इन मार्गों का है, वह अगर पुलिस को पत्र देंगे तो रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। इस दौरान महामंत्री दीपक गांधी, संरक्षक सरदार खेता सिंह, अनुज विज, पंकज अनेजा, रविकांत राठी, दीपक रहलन, अतुल शर्मा, रोहित कपूर, अंकुर प्रजापति, नीरज मुल्तानी मौजूद रहे। वहीं मंडप एसोसिएशन के महामंत्री विपुल सिंघल ने कमिश्नर से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि आरटीआई में पता चला कि जीरो माइल से रेलवे रोड चौराहा लोक निर्माण विभाग के और एनएच 119 एनएचएआई के अधीन है। ऐसे में यहां पर अवैध वसूली की गई है। इसकी कैंट बोर्ड से रिकवरी कराई जाए।
---
लोकतंत्र की जीत हुई
यह लोकतंत्र की जीत है। हमेशा शहर के लोगों के साथ हम खड़े रहेंगे। व्यवस्था ही गलत थी। -राजेंद्र अग्रवाल, सांसद
गलत नीति से हुई परेशानी
कैंट बोर्ड अधिकारियों की गलत नीति के कारण लोगों को परेशानी हुई। हमने हमेशा सही लड़ाई लड़ी। शुरू से ही इसका विरोध किया। -सत्यप्रकाश अग्रवाल, विधायक कैंट

---------------
पहले छह जगह लगता था प्रवेश शुल्क
पहले कैंट में छह स्थानों बाउंड्री रोड, महताब सिनेमा, सरधना रोड, रेलवे रोड, रोहटा फाटक और आरए बाजार तोपखाना में ही कॉमर्शियल वाहनों से वाहन प्रवेश शुल्क वसूला जाता था। आठ दिसंबर की रात 12 बजे से पांच नई जगह बढ़ा दी गई थीं। इनमें रुड़की रोड पर लेखानगर के पास, मवाना रोड पर डेयरी फार्म के सामने, दिल्ली रोड पर फैज ए आम डिग्री कॉलेज के सामने, लाला मोहम्मदपुर और डिस्टलरी क्रॉसिंग कंकरखेड़ा पर भी बैरियर लगाकर शुल्क लिया जाने लगा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed