सीएए-एनआरसी से इतना भय क्यों? प्रमाण पत्र जुटाने में लगे लोग, नहीं मिली 63 साल पुरानी टीसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीएए और एनआरसी को लेकर भ्रम और भय की स्थिति में फंसे लोग अपने जन्म और निवास प्रमाण पत्र जुटाने में लगे हैं। मुजफ्फरनगर में खालापार निवासी मुस्तकीम को 1957 में पास की पांचवीं कक्षा की टीसी चाहिए, जबकि कच्ची सड़क निवासी आरिफ अपने बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने को स्कूल से जन्मतिथि का प्रमाण मांग कर रहे हैं।
जन्म प्रमाण पत्र बनवाने वालों की संख्या बीते कुछ माह से बढ़ गई है। अधेड़ और वृद्ध भी अपने दस्तावेज जुटाने में लगे हैं। जन्म प्रमाण पत्र बनवाने को स्कूलों से पुरानी टीसी और जन्मतिथि का प्रमाण पत्र बनवाने पहुंच रहे हैं। खालापार प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक जावेद का कहना है कि कुछ लोग 30 से 40 साल पुरानी टीसी लेकर गए हैं।
एक-दो ने 1957 से पहले की टीसी मांगी, लेकिन रिकॉर्ड के अभाव में नहीं दी जा सकी। स्कूल में पढ़ रहे बच्चों की जन्मतिथि तस्दीक कराने वाले रोजाना चार-पांच लोग पहुंच ही जाते हैं। सरवट स्थित कंपोजिट स्कूल के शिक्षक नकी मोहम्मद भी बताते हैं कि अभिभावक अपने बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए स्कूल से जन्मतिथि का प्रमाण ले जा रहे हैं।
एक साल में दोगुने बनने लगे प्रमाण पत्र
नगर क्षेत्र के लोगों के जन्म प्रमाण पत्र नगर पालिका परिषद से जारी होते हैं। जन्म प्रमाण पत्र का कार्य देख रहे विवेक कुमार बताते हैं कि एक वर्ष पहले तक हर माह औसतन 700 तक प्रमाण पत्र बनते थे। यह संख्या अब 1600 तक पहुंच गई है। सितंबर 2019 से जनवरी 2020 तक 7500 से ज्यादा प्रमाणपत्र लोग बनवा चुके हैं। छठी कक्षा में पढ़ रहे अपने बेटे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने आए असलम ने कहा कि सीएए और एनआरसी को लेकर लोग डरे हुए हैं। इसलिए अपने और बच्चों के प्रमाण पत्र हासिल करना चाहते हैं।
आधार कार्ड भी करा रहे अपडेट
किसी के आधार कार्ड में कोई त्रुटि है तो वह भी लोग उसे सही करा रहे हैं। इसलिए आधार केंद्रों पर सुबह से ही भीड़ जुट जाती है। शिव चौक स्थित डाकघर में आधार सही कराने आए खालापार निवासी सलीम मलिक ने बताया कि आधार में उनके पिता का नाम गलत दर्ज है। इसे सही कराने के लिए स्कूली दस्तावेज लगाए। अब सुबह से लाइन में खड़े हैं। लद्दावाला के वसीम, साबिर, फातिमा एवं नगमा भी अपने आधार की गड़बड़ी दूर कराने के प्रयास में लगे थे।
पांच माह में जारी हुए जन्म प्रमाण पत्र
| माह | जारी हुए प्रमाण पत्र |
| सितंबर 2019 | 1538 |
| अक्तूबर 2019 | 1270 |
| नवंबर 2019 | 1680 |
| दिसंबर 2019 | 1590 |
| जनवरी 2020 | 518 |
कुछ माह से जन्म प्रमाण पत्र बनवाने वालों की संख्या बढ़ी है। अधेड़ लोग भी अपने प्रमाण पत्र बनवाने पहुंच रहे हैं।
- डॉक्टर आरएस राठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर पालिका मुजफ्फरनगर
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/