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बूंद बूंद को तरसे लखवाया और खड़ौली
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मेरठ। नगर निगम महानगर की जनता को पर्याप्त पानी मुहैया नहीं करा पा रहा है। इससे जनता बूंद-बूंद को तरस रही है। वहीं, नगर निगम के अधिकारी फोन उठाना गवारा नहीं समझ रहे हैं।
महानगर के अंदरूनी एवं बाहरी क्षेत्रों में अधिकतर हैंडपंप खराब हैं। इतना नहीं ट्यूबवेल की भी मरम्मत नहीं हो पा रही है। इससे महानगर में जलापूर्ति सुचारू नहीं है।
नगर निगम के वार्ड 38 के गांव लखवाया में दो ट्यूबवेल खराब होने का सामने आया है। यहां स्थित ट्यूबवेल से पठानपुरा रामपुर पावटी समेत कई अन्य कॉलोनियों में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। स्थानीय लोगों की मानें तो ट्यूबवेल का मोटर खराब हुए 15 दिन बीत गए हैं। इसके चलते दूसरी ट्यूबवेल से आपूर्ति की जा रही थी। हालांकि जनता को अपेक्षित पानी नहीं मिल पा रहा था। इसकी शिकायत ग्रामीण नगर निगम जलकल विभाग के अधिकारियों से कर रहे हैं। इतना ही नहीं अमर उजाला ने नगर निगम के अधिकारियों को समस्या से अवगत कराने का प्रयास किया।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि अब दूसरी ट्यूबवेल की मोटर खराब हो गई है। इसकी शिकायत वार्ड पार्षद रेनू सैनी से की परंतु मरम्मत नहीं हो पाई है। यहां सरकारी हैंडपंप भी चालू हालत में नहीं हैं। लोगकुछ निजी सबमर्सिबल से प्यास बुझा रहे हैं। इस संबंध में पार्षद रेनू सैनी का कहना है कि जलकल विभाग के अधिकारियों को कई बार ट्यूबवेल ठीक कराने के लिए अवगत करा चुके हैं परंतु वे सुनने को तैयार नहीं हैं। उनका आरोप है कि नगर निगम के उच्चाधिकारी फोन उठाने को तैयार नहीं हैं। यहां आधे से अधिक हैंडपंप खराब हैं। हालांकि आज तक मरम्मत नहीं कराई गई है। पार्षद का कहना है कि गांव खड़ौली में ट्यूबवेल तो लगी हैं परंतु आज तक पेयजल नहीं मिला। हैंडपंप भी ठीक नहीं कराए गए हैं। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की जा चुकी है। इस संबंध में नगर निगम जलकल विभाग के सहायक इंजीनियर सुनील कुमार का कहना है कि लॉकडाउन में मैकेनिक और मैटेरियल मिलने की दिक्कत हो रही है। जिससे खराब पड़े हैंडपंप और ट्यूबवेल को दुरुस्त करने में देरी हुई है। लखवाया ट्यूबवेल के खराब मोटर की मरम्मत करा दी है।
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महानगर के अंदरूनी एवं बाहरी क्षेत्रों में अधिकतर हैंडपंप खराब हैं। इतना नहीं ट्यूबवेल की भी मरम्मत नहीं हो पा रही है। इससे महानगर में जलापूर्ति सुचारू नहीं है।
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नगर निगम के वार्ड 38 के गांव लखवाया में दो ट्यूबवेल खराब होने का सामने आया है। यहां स्थित ट्यूबवेल से पठानपुरा रामपुर पावटी समेत कई अन्य कॉलोनियों में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। स्थानीय लोगों की मानें तो ट्यूबवेल का मोटर खराब हुए 15 दिन बीत गए हैं। इसके चलते दूसरी ट्यूबवेल से आपूर्ति की जा रही थी। हालांकि जनता को अपेक्षित पानी नहीं मिल पा रहा था। इसकी शिकायत ग्रामीण नगर निगम जलकल विभाग के अधिकारियों से कर रहे हैं। इतना ही नहीं अमर उजाला ने नगर निगम के अधिकारियों को समस्या से अवगत कराने का प्रयास किया।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि अब दूसरी ट्यूबवेल की मोटर खराब हो गई है। इसकी शिकायत वार्ड पार्षद रेनू सैनी से की परंतु मरम्मत नहीं हो पाई है। यहां सरकारी हैंडपंप भी चालू हालत में नहीं हैं। लोगकुछ निजी सबमर्सिबल से प्यास बुझा रहे हैं। इस संबंध में पार्षद रेनू सैनी का कहना है कि जलकल विभाग के अधिकारियों को कई बार ट्यूबवेल ठीक कराने के लिए अवगत करा चुके हैं परंतु वे सुनने को तैयार नहीं हैं। उनका आरोप है कि नगर निगम के उच्चाधिकारी फोन उठाने को तैयार नहीं हैं। यहां आधे से अधिक हैंडपंप खराब हैं। हालांकि आज तक मरम्मत नहीं कराई गई है। पार्षद का कहना है कि गांव खड़ौली में ट्यूबवेल तो लगी हैं परंतु आज तक पेयजल नहीं मिला। हैंडपंप भी ठीक नहीं कराए गए हैं। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की जा चुकी है। इस संबंध में नगर निगम जलकल विभाग के सहायक इंजीनियर सुनील कुमार का कहना है कि लॉकडाउन में मैकेनिक और मैटेरियल मिलने की दिक्कत हो रही है। जिससे खराब पड़े हैंडपंप और ट्यूबवेल को दुरुस्त करने में देरी हुई है। लखवाया ट्यूबवेल के खराब मोटर की मरम्मत करा दी है।