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सायरन बजते ही सुरक्षित जगह पर छिपे लोग
Thu, 08 May 2025 02:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Thu, 08 May 2025 02:12 AM IST
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सुनील कैथवास....सेंट जोसेफ स्कूल में आयोजित माक ड्रिल में आपदा के वक्त बचाव का अभ्यास।
मेरठ। बुधवार शाम 4:15 बजे, स्थान लालकुर्ती स्थित सेंट जोजफ इंटर कॉलेज। अचानक युद्ध का सायरन बजा, जिसे सुनते ही लोग सुरक्षित स्थानों पर छिप गए। विद्यार्थी और लोग जमीन पर लेट गए। मैदान में खेल रहे बच्चे दौड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा छिपे। इसी बीच दुश्मन ने हवाई हमला कर दिया। बच्चों ने टेबल और कुर्सियों के नीचे लेटकर जान बचाई। हमले में स्कूल की तीसरी मंजिल में आग लग गई। तुरंत ही फायर बिग्रेड के कर्मचारी वहां पहुंचे। कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया और रेस्क्यू करके बिल्डिंग में फंसे लोगों और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। तीसरी मंजिल से रस्सियों के सहारे घायलों को नीचे उतारा गया। पुलिसकर्मी और सिविल डिफेंस के लोग घायलों को कंधों पर लाद कर दौड़ते हुए एंबुलेंस तक पहुंचे और घायलों को अस्पताल भिजवाया। मौके पर पहुंची डॉक्टरों की टीम ने घायलों का उपचार किया, गंभीर घायलों को मेरठ मेडिकल भिजवाया।
यह सब सेंट जोजफ इंटर कॉलेज में मॉक ड्रिल के दौरान घटनाक्रम हुआ, जिसमें हमले से पहले बचाव और हमले के बाद रेस्क्यू की जानकारी दी गई। छात्र-छात्राओं के साथ लोगों को भी अलर्ट किया। इस दौरान डीएम डॉ. वीके सिंह ने बताया कि आपात स्थिति आने पर आमजन को अपनी सुरक्षा के लिए जागरूक करने के लिए इस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। आपात स्थिति आने पर क्या सावधानियां बरतनी है, क्या करें तथा क्या न करें की जानकारी दी गई। आपात स्थिति आने पर आमजन मॉक ड्रिल में दिए गए निर्देशों, गाइडलाइन का पालन अवश्य करें। ऐसा कर वो खुद को व अन्य को सुरक्षित रख पाएंगे। इस दौरान कैंट विधायक अमित अग्रवाल, एसएसपी विपिन ताडा, एडीएम सिटी बृजेश सिंह, एसपी टै्रफिक राघवेंद्र मिश्रा, एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह, सीएमओ डाॅ. अशोक कटारिया, सिविल डिफेंस, एनसीसी कैडेट, स्कूल, कॉलेजों के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाक के आतंकी ठिकानों पर हमले के बाद मेरठ में भी हाई अलर्ट है। बुधवार को दिन भर पुलिस प्रशासन की ओर से विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल का आयोजन कर लोगों को अलर्ट किया गया।
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छात्रों को दिए सुरक्षा के टिप्स
मेरठ। आपातकालीन स्थिति में किस तरह से बचाव किया जा सकता है इसकी ट्रेनिंग दी गई। सिविल डिफेंस को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिन्होंने मेरठ कॉलेज में प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में छात्रों को सुरक्षा के टिप्स दिए। सिविल डिफेंस के प्रभागीय वार्डन सिविल लाइंस ओमप्रकाश शर्मा ने छात्रों को आपातकालीन स्थिति में बजने वाले सायरन और उनके प्रकार की जानकारी दी। एनसीसी से मौजूद रहे रिसलदार गुलाब सिंह ने बताया कि सायरन बजते ही हमें सुरक्षित स्थान की तलाश करनी है। घर के अंदर हैं तो ऐसे स्थान पर जाकर खड़े हो जाना है जिससे छत गिरने की संभावना बने तो आप चपेट में ना आएं। उन्होंने पीला, लाल, हरा और सफेद सिग्नल के बारे में भी विस्तार से छात्रों को बताया। खाने के लिए घर में किन चीजों की व्यवस्था रखनी है, यह भी जानकारी दी गई।
हवाई हमले से बचाव के उपाय बताए
आईटीआई साकेत समेत कई शिक्षण संस्थानों में हवाई हमले से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया। सिविल डिफेंस कर्मचारियों ने हवाई हमले के दौरान किस तरह से सुरक्षा और बचाव करना है उसकी जानकारी दी। पुलिस और फायर कर्मचारी ने छात्रों को महत्वपूर्ण जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सक डॉ. रोहन ने हवाई हमले के दौरान घायल होने की अवस्था में उपचार से संबंधित जानकारी दी।
मॉक ड्रिल का महत्व समझाया
आरजी पीजी कॉलेज में छात्राओं को मॉक ड्रिल का महत्व बताया। अपर नगर मजिस्ट्रेट सदर, रश्मि बरनवाल, हरेंद्र जादौन और ब्रजेश कुमार सैनी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग, होम गार्ड, फायर सेवा विभाग द्वारा आपातकालीन स्थिति में छात्राओं को बचाव एवं सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया। प्राचार्य प्रो. निवेदिता ने कहा कि साहस एवं धैर्य से अपनी एवं आस-पास के लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखें।
सायरन बजने पर घबराएं नहीं, लाइट करें बंद
मेरठ। सुभारती विश्वविद्यालय में एसडीएम सदर अंकित कुमार और सीओ सरधना संजय कुमार जायसवाल ने कहा कि ब्लैक आउट के समय सायरन बजने के दौरान घबराना नहीं है, न ही भगदड़ करनी है। सभी लाइटें बंद करनी है। इन्वर्टर जनरेटर भी बंद करने हैं, जिससे रोशनी बाहर न आ सके। लोग रेडियों मोबाइल या अन्य माध्यमों से सरकारी निर्देश सुनते रहें। कुलपति मेजर जनरल डॉ. जीके थपलियाल, कुलसचिव ग्रुप कैप्टन एम याकूब, नायब तहसीलदार सोनपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
हमले के समय घबराएं नहीं
मेरठ। एसडी सदर इंटर कॉलेज में आपदा प्रबंधन संगठन के उपाध्यक्ष हरेंद्र चौधरी ने बताया कि हमले के समय कुछ नियम फॉलो करने हैं। हमले के समय घबराना नहीं है। सायरन बजने के बाद तीन मिनट का समय सुरक्षित स्थान पर जाने का मिलता है। अगर खुले स्थान पर हैं तो 50 मीटर के दायरे में किसी स्थान पर छुप जाए। तहसीलदार सदर ज्योति सिंह, नायब तहसीलदार सतीश कुमार, प्रधानाचार्य आदित्य प्रकाश सक्सेना, डॉ. महेश चंद, रामकुमार आदि मौजूद रहे।
बीएवी इंटर कॉलेज सुभाष बाजार में 71 यूपी बटालियन एनसीसी की ओर से मॉक ड्रिल हुई। नगर मजिस्ट्रेट नवीन श्रीवास्तव, सीओ कोतवाली आशुतोष कुमार, कोतवाली प्रभारी योगेंद्र कुमार, सिविल डिफेंस वार्डन ऋषि शर्मा ने छात्रों को संकट के समय बरती जाने वाली सावधानी के बारे में बताया। प्रधानाचार्य रमेश कुमार, सीओ होमगार्ड सौरभ तेवतिया ने छात्रों को किसी भी आपदा से होने वाली तबाही से बचाने के उपाय बताए।
खुद को सुरक्षित रखने के बताए उपाय
छावनी परिषद द्वारा संचालित सीएबी इंटर कॉलेज में राजेंद्र कुमार ने आपात स्थिति में खुद को सुरक्षित रखने के उपाय बताए। कैडेट्स को ब्लैक आउट और एयर रेड सायरन के बारे में बताया गया। प्रधानाचार्य नरेंद्र यादव ने बताया कि हमले की स्थिति में जमीन पर लेट जाना चाहिए। संजीव कुमार, सुधीर कुमार, आशीष कुमार आदि मौजूद रहे।
हमलों के दौरान क्या करें, दिया परीक्षण
मोदीपुरम। सिवाया के वेद इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों के लिए हवाई हमले या किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति के उत्पन्न होने पर अपनी सुरक्षा कैसे करें, इसकी जानकारी मॉक ड्रिल के जरिए दी गई। स्कूल चेयरमैन अजीत कुमार ने विद्यार्थियों को आपातकालीन स्थिति के लिए जागरूक किया। विद्यालय में सायरन बजते ही सभी विद्यार्थी व शिक्षक-शिक्षिकाएं जमीन पर लेट गए और हाथों से अपने दोनों कान बंद कर लिए। गोली लगने या हमलों के दौरान क्या किया जाए, इसका परीक्षण भी दिया गया। डायरेक्टर एकेडमिक राजेंद्र कुमार गुप्ता ने भी मार्गदर्शन किया। शिखा बाली, पायल एबट, निधि मनचंदा, रजनीश कुमार, रमा कांबोज, श्याम परमार, कपिल राणा आदि मौजूद रहे।
अलर्ट सायरन की आवाज होने पर छिप जाएं
गंगानगर। आईआईएमटी विश्वविद्यालय में मॉक डि्रल में अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं, एनसीसी कैडेट्स को बताया कि जब अलर्ट के सायरन की आवाज सुनाई दे तो तुरंत खुद और संभव हो तो अपने परिवारजनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए। अपने साथ किट तैयार करें जिसमें पानी, दवा, ड्राई फ्रूट, एक पहचान पत्र रखें। गंगानगर इंस्पेक्टर अनूप सिंह ने बताया कि हमले के समय घबराए नहीं। सरकार द्वारा जारी जरूरत अनुसार नंबरों का प्रयोग करें। मेडिकल, फायर ब्रिगेड, सिविल डिफेंस, पुलिस की टीमें तुरंत पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सतर्कता बरतने को कहें। एमडी डॉ. मयंक अग्रवाल ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सीपी सिंह, एसीएम आदि मौजूद रहे।
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यह सब सेंट जोजफ इंटर कॉलेज में मॉक ड्रिल के दौरान घटनाक्रम हुआ, जिसमें हमले से पहले बचाव और हमले के बाद रेस्क्यू की जानकारी दी गई। छात्र-छात्राओं के साथ लोगों को भी अलर्ट किया। इस दौरान डीएम डॉ. वीके सिंह ने बताया कि आपात स्थिति आने पर आमजन को अपनी सुरक्षा के लिए जागरूक करने के लिए इस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। आपात स्थिति आने पर क्या सावधानियां बरतनी है, क्या करें तथा क्या न करें की जानकारी दी गई। आपात स्थिति आने पर आमजन मॉक ड्रिल में दिए गए निर्देशों, गाइडलाइन का पालन अवश्य करें। ऐसा कर वो खुद को व अन्य को सुरक्षित रख पाएंगे। इस दौरान कैंट विधायक अमित अग्रवाल, एसएसपी विपिन ताडा, एडीएम सिटी बृजेश सिंह, एसपी टै्रफिक राघवेंद्र मिश्रा, एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह, सीएमओ डाॅ. अशोक कटारिया, सिविल डिफेंस, एनसीसी कैडेट, स्कूल, कॉलेजों के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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मेरठ। आपातकालीन स्थिति में किस तरह से बचाव किया जा सकता है इसकी ट्रेनिंग दी गई। सिविल डिफेंस को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिन्होंने मेरठ कॉलेज में प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में छात्रों को सुरक्षा के टिप्स दिए। सिविल डिफेंस के प्रभागीय वार्डन सिविल लाइंस ओमप्रकाश शर्मा ने छात्रों को आपातकालीन स्थिति में बजने वाले सायरन और उनके प्रकार की जानकारी दी। एनसीसी से मौजूद रहे रिसलदार गुलाब सिंह ने बताया कि सायरन बजते ही हमें सुरक्षित स्थान की तलाश करनी है। घर के अंदर हैं तो ऐसे स्थान पर जाकर खड़े हो जाना है जिससे छत गिरने की संभावना बने तो आप चपेट में ना आएं। उन्होंने पीला, लाल, हरा और सफेद सिग्नल के बारे में भी विस्तार से छात्रों को बताया। खाने के लिए घर में किन चीजों की व्यवस्था रखनी है, यह भी जानकारी दी गई।
हवाई हमले से बचाव के उपाय बताए
आईटीआई साकेत समेत कई शिक्षण संस्थानों में हवाई हमले से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया। सिविल डिफेंस कर्मचारियों ने हवाई हमले के दौरान किस तरह से सुरक्षा और बचाव करना है उसकी जानकारी दी। पुलिस और फायर कर्मचारी ने छात्रों को महत्वपूर्ण जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सक डॉ. रोहन ने हवाई हमले के दौरान घायल होने की अवस्था में उपचार से संबंधित जानकारी दी।
मॉक ड्रिल का महत्व समझाया
आरजी पीजी कॉलेज में छात्राओं को मॉक ड्रिल का महत्व बताया। अपर नगर मजिस्ट्रेट सदर, रश्मि बरनवाल, हरेंद्र जादौन और ब्रजेश कुमार सैनी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग, होम गार्ड, फायर सेवा विभाग द्वारा आपातकालीन स्थिति में छात्राओं को बचाव एवं सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया। प्राचार्य प्रो. निवेदिता ने कहा कि साहस एवं धैर्य से अपनी एवं आस-पास के लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखें।
सायरन बजने पर घबराएं नहीं, लाइट करें बंद
मेरठ। सुभारती विश्वविद्यालय में एसडीएम सदर अंकित कुमार और सीओ सरधना संजय कुमार जायसवाल ने कहा कि ब्लैक आउट के समय सायरन बजने के दौरान घबराना नहीं है, न ही भगदड़ करनी है। सभी लाइटें बंद करनी है। इन्वर्टर जनरेटर भी बंद करने हैं, जिससे रोशनी बाहर न आ सके। लोग रेडियों मोबाइल या अन्य माध्यमों से सरकारी निर्देश सुनते रहें। कुलपति मेजर जनरल डॉ. जीके थपलियाल, कुलसचिव ग्रुप कैप्टन एम याकूब, नायब तहसीलदार सोनपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
हमले के समय घबराएं नहीं
मेरठ। एसडी सदर इंटर कॉलेज में आपदा प्रबंधन संगठन के उपाध्यक्ष हरेंद्र चौधरी ने बताया कि हमले के समय कुछ नियम फॉलो करने हैं। हमले के समय घबराना नहीं है। सायरन बजने के बाद तीन मिनट का समय सुरक्षित स्थान पर जाने का मिलता है। अगर खुले स्थान पर हैं तो 50 मीटर के दायरे में किसी स्थान पर छुप जाए। तहसीलदार सदर ज्योति सिंह, नायब तहसीलदार सतीश कुमार, प्रधानाचार्य आदित्य प्रकाश सक्सेना, डॉ. महेश चंद, रामकुमार आदि मौजूद रहे।
बीएवी इंटर कॉलेज सुभाष बाजार में 71 यूपी बटालियन एनसीसी की ओर से मॉक ड्रिल हुई। नगर मजिस्ट्रेट नवीन श्रीवास्तव, सीओ कोतवाली आशुतोष कुमार, कोतवाली प्रभारी योगेंद्र कुमार, सिविल डिफेंस वार्डन ऋषि शर्मा ने छात्रों को संकट के समय बरती जाने वाली सावधानी के बारे में बताया। प्रधानाचार्य रमेश कुमार, सीओ होमगार्ड सौरभ तेवतिया ने छात्रों को किसी भी आपदा से होने वाली तबाही से बचाने के उपाय बताए।
खुद को सुरक्षित रखने के बताए उपाय
छावनी परिषद द्वारा संचालित सीएबी इंटर कॉलेज में राजेंद्र कुमार ने आपात स्थिति में खुद को सुरक्षित रखने के उपाय बताए। कैडेट्स को ब्लैक आउट और एयर रेड सायरन के बारे में बताया गया। प्रधानाचार्य नरेंद्र यादव ने बताया कि हमले की स्थिति में जमीन पर लेट जाना चाहिए। संजीव कुमार, सुधीर कुमार, आशीष कुमार आदि मौजूद रहे।
हमलों के दौरान क्या करें, दिया परीक्षण
मोदीपुरम। सिवाया के वेद इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों के लिए हवाई हमले या किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति के उत्पन्न होने पर अपनी सुरक्षा कैसे करें, इसकी जानकारी मॉक ड्रिल के जरिए दी गई। स्कूल चेयरमैन अजीत कुमार ने विद्यार्थियों को आपातकालीन स्थिति के लिए जागरूक किया। विद्यालय में सायरन बजते ही सभी विद्यार्थी व शिक्षक-शिक्षिकाएं जमीन पर लेट गए और हाथों से अपने दोनों कान बंद कर लिए। गोली लगने या हमलों के दौरान क्या किया जाए, इसका परीक्षण भी दिया गया। डायरेक्टर एकेडमिक राजेंद्र कुमार गुप्ता ने भी मार्गदर्शन किया। शिखा बाली, पायल एबट, निधि मनचंदा, रजनीश कुमार, रमा कांबोज, श्याम परमार, कपिल राणा आदि मौजूद रहे।
अलर्ट सायरन की आवाज होने पर छिप जाएं
गंगानगर। आईआईएमटी विश्वविद्यालय में मॉक डि्रल में अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं, एनसीसी कैडेट्स को बताया कि जब अलर्ट के सायरन की आवाज सुनाई दे तो तुरंत खुद और संभव हो तो अपने परिवारजनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए। अपने साथ किट तैयार करें जिसमें पानी, दवा, ड्राई फ्रूट, एक पहचान पत्र रखें। गंगानगर इंस्पेक्टर अनूप सिंह ने बताया कि हमले के समय घबराए नहीं। सरकार द्वारा जारी जरूरत अनुसार नंबरों का प्रयोग करें। मेडिकल, फायर ब्रिगेड, सिविल डिफेंस, पुलिस की टीमें तुरंत पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सतर्कता बरतने को कहें। एमडी डॉ. मयंक अग्रवाल ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सीपी सिंह, एसीएम आदि मौजूद रहे।