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सर्वसमाज के लोगों ने भरी हुंकार, नहीं होंगे नगर निगम में शामिल
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- महरौली गांव में पूर्व प्रधान के आवास पर हुई सर्वसमाज की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। मेरठ ब्लॉक के 10 गांव को नगर निगम में शामिल किए जाने को लेकर बुधवार को महरौली गांव में पूर्व प्रधान गंगाराम के आवास पर सर्वसमाज के लोगों की बैठक हुई। बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि नगर निगम में शामिल होना उनके लिए विनाशकारी साबित होगा। गांव में अधिकतर किसान परिवार रहते हैं जिनका पालन पोषण खेती से ही चलता है। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई को वह आखिर तक लड़ेंगे जरूरत पड़ने पर लखनऊ का रुख करेंगे।
जिला प्रशासन द्वारा मेरठ ब्लाॅक के दस गांवों को नगर निगम में शामिल करने का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। बीते रविवार को गगोल गांव में इन गांवों के लोगों के द्वारा पंचायत की गई थी। पंचायत में सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने एक राय होकर नगर निगम में शामिल होने से इंकार किया था। बुधवार को पूर्व प्रधान गंगाराम के आवास पर आयोजित बैठक में गांव की 13 बिरादरी में लोगों ने हिस्सा लिया। पूर्व प्रधान गंगाराम ने बताया कि महरौली गांव में 70 प्रतिशत से अधिक किसान परिवार रहते हैं जिनकी रोजी रोटी खेती से चलती है। नगर निगम में शामिल होने पर किसानों की जमीनों पर संकट पैदा होगा। बिजली की दरें मनमाने ढंग से बढ़ाई जाएंगी। जमीनों के सर्किल रेट पर असर पड़ेगा। चंद्रपाल शर्मा ने बताया कि गांव में लोग अपने मकानों को अपने रहन सहन के अनुसार बनवाते हैं निगम में शामिल होने पर अधिकारियों की मनमानी चलेगी। लोगों पर कई प्रकार के टैक्स का बोझ बढ़ेगा। ग्रामीणों की आय के साधन प्रभावित होंगे। बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि अगर यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो कलक्ट्रेट पर धरना-प्रर्दशन करेंगे। जरूरत पड़ने पर लखनऊ का रुख करेंगे। इस दौरान गजराज सिंह, सतपाल सिंह, प्रेम प्रजापति, नेपाल सिंह वाल्मिकी, कर्मेंद्र, राकेश शर्मा, लियाकत सैफी, धर्मवीर प्रजापति, देवेंद्र प्रधान, टेकचंद मास्टर, सुभाष गुर्जर, पप्पू, बिजेंद्र सिंह, विनोद कुमार, मनोज विक्रांत, अशोक प्रधान आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। मेरठ ब्लॉक के 10 गांव को नगर निगम में शामिल किए जाने को लेकर बुधवार को महरौली गांव में पूर्व प्रधान गंगाराम के आवास पर सर्वसमाज के लोगों की बैठक हुई। बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि नगर निगम में शामिल होना उनके लिए विनाशकारी साबित होगा। गांव में अधिकतर किसान परिवार रहते हैं जिनका पालन पोषण खेती से ही चलता है। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई को वह आखिर तक लड़ेंगे जरूरत पड़ने पर लखनऊ का रुख करेंगे।
जिला प्रशासन द्वारा मेरठ ब्लाॅक के दस गांवों को नगर निगम में शामिल करने का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। बीते रविवार को गगोल गांव में इन गांवों के लोगों के द्वारा पंचायत की गई थी। पंचायत में सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने एक राय होकर नगर निगम में शामिल होने से इंकार किया था। बुधवार को पूर्व प्रधान गंगाराम के आवास पर आयोजित बैठक में गांव की 13 बिरादरी में लोगों ने हिस्सा लिया। पूर्व प्रधान गंगाराम ने बताया कि महरौली गांव में 70 प्रतिशत से अधिक किसान परिवार रहते हैं जिनकी रोजी रोटी खेती से चलती है। नगर निगम में शामिल होने पर किसानों की जमीनों पर संकट पैदा होगा। बिजली की दरें मनमाने ढंग से बढ़ाई जाएंगी। जमीनों के सर्किल रेट पर असर पड़ेगा। चंद्रपाल शर्मा ने बताया कि गांव में लोग अपने मकानों को अपने रहन सहन के अनुसार बनवाते हैं निगम में शामिल होने पर अधिकारियों की मनमानी चलेगी। लोगों पर कई प्रकार के टैक्स का बोझ बढ़ेगा। ग्रामीणों की आय के साधन प्रभावित होंगे। बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि अगर यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो कलक्ट्रेट पर धरना-प्रर्दशन करेंगे। जरूरत पड़ने पर लखनऊ का रुख करेंगे। इस दौरान गजराज सिंह, सतपाल सिंह, प्रेम प्रजापति, नेपाल सिंह वाल्मिकी, कर्मेंद्र, राकेश शर्मा, लियाकत सैफी, धर्मवीर प्रजापति, देवेंद्र प्रधान, टेकचंद मास्टर, सुभाष गुर्जर, पप्पू, बिजेंद्र सिंह, विनोद कुमार, मनोज विक्रांत, अशोक प्रधान आदि मौजूद रहे।
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