गले नहीं दिल मिले: घरों में हुई नमाज, कोरोना के खात्मे की दुआ और पर्दे में कुर्बानी
- - डीएम-एसपी के नेतृत्व में पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने किया भ्रमण
- - जिले में कड़ी चौकसी के बीच भाईचारे के साथ मनाया गया त्योहार
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विस्तार
शनिवार को बकरीद का त्योहार मनाया गया। शहर काजी हबीबुर्रमान ने बताया कि सुबह साढे़ सात बजे अकीदतमंदों ने घरों में ही दुआ की। सोशल डिस्टेंस का पालन किया गया। उन्होंने नगर में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया। अकीदतमंदों ने देश में अमन और चैन की दुआ की। कोरोना के खात्मे की दुआ भी की गई। पर्दे के पीछे कुर्बानी की गई, ताकि किसी भी समुदाय की भावना को ठेस नहीं पहुंचे।
उधर, त्योहार पर डीएम शकुंतला गौतम, एसपी अजय कुमार सिंह, एडीएम अमित कुमार सिंह, एएसपी अनित कुमार, एसडीएम रायनयन सिंह, सीओ ओमपाल सिंह, एसडीएम बड़ौत दुर्गेश मिश्रा, सीओ बड़ौत आलोक कुमार ने भ्रमण किया। जिले को तीन जोन और 11 सेक्टर में बांटा गया था।
ईदगाहों और मस्जिदों पर तैनात रही पुलिस
जिलेभर में ईदगाहों और मस्जिदों पर पुलिस तैनात रही। नमाज के लिए पहुंचे लोगों को समझाकर वापस भेज दिया गया। नगर की ईदगाह मस्जिद, बिलाल की मस्जिद, छत्ते वाली मस्जिद, मरकज वाली मस्जिद पर पुलिस तैनात रही।
गले न सही दिल तो मिले हैं: शहर काजी
शहर काजी हबीबुर्रमान ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण सभी को नियमों का पालन करना जरूरी है। इस बार ईदगाह पर लोग एक-दूसरे से गले नहीं मिल सके, लेकिन सबके दिल तो मिले हुए हैं। इसलिए साथ मिलकर चलें और कोरोना को हराने में मदद करें।
पशुओं को पुलिस ने हटवाया
नगर के पुराना कसबे में कुर्बानी के लिए एकत्र किए गए पशुओं को पुलिस ने हटवा दिया। पुलिस गश्त करते हुए मौके पर पहुंचे। लोगों ने सहयोग करते हुए पशुओं को हटा लिया।