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Meerut News: जिला अस्पताल में नेत्र चिकित्सक न होने से भटक रहे मरीज

Thu, 06 Feb 2025 12:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ Updated Thu, 06 Feb 2025 12:12 AM IST
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Patients are wandering due to lack of eye doctor in district hospital
जिला अस्पताल में आंखों की जांच करते नेत्र परीक्षण अ​धिकारी राजकुमार। संवाद - फोटो : राजकीय आईटीआई में आयोजित प्लेसमेंट ड्राइव में शामिल युवा।
शामली। जिला अस्पताल में नेत्र सर्जन डॉ. शबीब के इस्तीफा देने के 20 दिन बाद भी उनके स्थान पर किसी अन्य की नियुक्ति नहीं हुई है। नेत्र सर्जन न होने के कारण मरीजों को उपचार व ऑपरेशन के लिए भटकना पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल में करीब दो साल तक नियुक्त रहे नेत्र सर्जन डॉ. शबीब ने पिछले महीने 16 जनवरी को पारिवारिक कारणों के चलते अपना इस्तीफा सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा को सौंप दिया था। सीएमएस ने उनका इस्तीफा सहारनपुर के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अपर निदेशक को भेज दिया था। तब से नेत्र सर्जन का पद रिक्त चल रहा है। अभी तक उनके स्थान पर न तो किसी चिकित्सक की नियुक्ति हुई है और न ही अभी उनके इस्तीफे पर शासन स्तर से कोई निर्णय लिया गया है। नेत्र चिकित्सक न होने के कारण मरीजों को उपचार नहीं मिल रहा है और न ही ऑपरेशन की सुविधा मिल रही है। मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं।
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जिला अस्पताल में नेत्र परीक्षण अधिकारी राजकुमार द्वारा सिर्फ आंखों की जांच की जा रही है। ऑपरेशन के लिए मरीजों को मेरठ मेडिकल रेफर किया जाता है। राजकुमार ने बताया कि मोतियाबिंद के मरीज रोजाना सामने आ रहे हैं। पिछले महीने जनवरी में मोतियाबिंद के 61 मरीज आए थे। सीएमएस का कहना है कि नेत्र चिकित्सक न होने के कारण ओपीडी में मरीजों की आंखों की जांच व प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। गंभीर व ऑपरेशन के लिए मरीजों को मेरठ मेडिकल रेफर किया जाता है।
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- इस तरह आ रहे मरीज
- झिंझाना निवासी राशिद ने बताया कि उसकी आंख में मोतियाबिंद बताया गया है, लेकिन अस्पताल में बताया आया कि यहां ऑपरेशन बंद हैं।

- शामली निवासी सुभाष ने बताया कि आंख का ऑपरेशन कराने आया था, पर यहां आकर पता चला कि नेत्र चिकित्सक ही नहीं है। इस कारण उसे वापस जाना पड़ रहा है।


- सहारनपुर के सीएमओ ने तीन सदस्यीय टीम की गठित

शामली। नेत्र सर्जन डॉ. शबीब के जिला अस्पताल में नियुक्त होते हुए उनकी आईडी पर सहारनपुर के एक निजी अस्पताल में आयुष्मान योजना का लाभ दिए जाने का मामला सामने आया था। इस मामले में सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने जांच के लिए दो चिकित्सक डॉ. अनुरागी और डॉ. कर्मवीर की समिति बनाई थी, लेकिन चिकित्सकों ने दूसरे जिले का मामला बताकर जांच से हाथ खड़े कर दिए थे। इसके बाद सीएमएस ने सहारनपुर के सीएमओ डॉ. प्रवीन कुमार को पत्र भेजकर इस मामले की जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। सीएमओ सहारनपुर ने इस मामले में तीन चिकित्सक डॉ. राकेश, डॉ. अजेेंद्र और डॉ. कपिल देव की समिति गठित की है। सीएमएस का कहना है कि समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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