फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Patharai eyes, hand couple and quote Jai Hind our red, kaleja ripened these pains

पथराई आंखें, हाथ जोड़े और बोली जय हिंद हमारा लाल, कलेजा चीर देगा ये दर्द

Mon, 09 Oct 2017 04:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ आनंद प्रकाश, शामली
अमर उजाला ब्यूरो/ आनंद प्रकाश, शामली Updated Mon, 09 Oct 2017 04:00 PM IST
विज्ञापन
Patharai eyes, hand couple and quote Jai Hind our red, kaleja ripened these pains
गौतम पंवार को अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

शामली में जिस बेटे को बड़े नाजों से पाला, उसकी खातिर हर दुख उठाए और कामयाब बनाया, उसकी मौत के सदमे में मां मुनेश पत्थर बन गई। परिवार का हर शख्स रो रहा था। कभी हाथ जोड़े, तो कभी सैनिक की तरह सलाम करती। यह हाल है गौतम पंवार की मां मुनेश का, जो बेटे की मौत का सदमा भुला नहीं पा रही है। ऐसा लग रहा था कि जैसे ये दर्द लोगों का कलेजा चीर गया हो।  

विज्ञापन


महिला मुनेश ने अपने बेटे गौतम पंवार और अर्जुन पंवार तथा बेटी वैशाली की परवरिश में खुद को न्योछावर कर दिया था। पति बनबीर सिंह पूर्व में प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे, जिसके चलते बच्चों को पढ़ाने और अच्छी राह दिखाने की जिम्मेदारी मुनेश ने ही संभाली थी। महज चार बीघा खेती से ही परिवार की गुजर बसर होती थी, लेकिन मुनेश ने हिम्मत नहीं हारी थी। उसे तो बस बच्चों को कामयाब बनाने की धुन लगी थी। वहीं, गौतम की मौत से मुनेश के सपने चकनाचूर हो गए, जो उसने अपने दोनों बेटों के लिए देखे थे। बेटे गौतम की शादी कराने की तैयारियां चल रही थीं और चार दिन पूर्व ही मेरठ से रिश्ता भी तय कर लिया गया था, लेकिन नीयत को तो कुछ और ही मंजूर था।
विज्ञापन


पढ़ें : नम आंखों से गौतम को अंतिम विदाई, मां का रो-रोकर बुरा हाल, गांव में पसरा मातम

विज्ञापन
विज्ञापन

गौतम की मां मुनेश हाथ जोड़े खड़ी थी

Patharai eyes, hand couple and quote Jai Hind our red, kaleja ripened these pains
पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

रविवार को गौतम पंवार का शव उसके घर पहुंचा, तो गौतम की मां मुनेश हाथ जोड़े खड़ी थी। पथराई आंखें दरवाजे की तरफ टकटकी लगाए थीं। जैसे ही तिरंगे में लिपटे ताबूत में बंद गौतम का शव उनके घर में रखा गया, तो मुनेश अन्य लोगों की तरह रोई नहीं, बल्कि उसे सैनिक की तरह सलामी देने लगी। कभी वह ताबूत को हाथ लगाती, तो कभी जय हिंद बोलने लगती। मुनेश के इस हाल को देखकर परिवार के लोग भी चिंतित हो गए, क्योंकि बेटे की मौत के सदमे से बदहवास मुनेश ऐसा व्यवहार कर रही थी।

आखिरी बार चेहरा भी नहीं देख पाए  
हैलीकॉप्टर क्रैश होने के कारण गौतम का शरीर क्षत विक्षत हो गया था। इसी कारण घर पहुंचने पर ताबूत को खोला नहीं गया। परिवार की महिलाएं रोते रोते कहती रहीं कि अरे आखिरी बार म्हारे बेटे का चेहरा तो दिखा दो, मगर मजबूरीवश मां मुनेश, पिता बनबीर सिंह के अलावा भाई, बहन और अन्य परिवार के लोगों को गौतम का चेहरा नहीं दिखाया जा सका।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed