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बेबस हुए यात्री...बसों में एक-एक सीट के लिए मची मारामारी
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सुनील कैथवास....रक्षाबंधन के मौके पर रोडवेज बस स्टैंड में व्यवस्था देखता पुलिसकर्मी।
- रोडवेज बसों और फेरों के बढ़ाने पर भी नहीं मिली राहत, निशुल्क यात्रा के कारण बढ़े यात्री
- बारिश और जाम के हालात के बीच बसों के लिए भटकते रहे भाई-बहन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। रक्षाबंधन पर रोडवेज बसें और फेर बढ़ाने के दावों के बावजूद शनिवार को भाई-बहनों सहित अन्य यात्रियों की भीड़ के आगे परिवहन निगम के इंतजाम ढीले पड़ गए। बेबस यात्री बसों के लिए भटकते रहे। एक-एक सीट के लिए मारामारी मची रही। बारिश और जाम के हालात के बीच यात्रियों को काफी इंतजार भी करना पड़ा। वहीं, ट्रेनों के हालात भी ऐेसे ही रहे। जान जोखिम में डालकर यात्रियों ने सफर किया।
मेरठ रीजन में भैसाली, मेरठ डिपो, सोहराबगेट, गढमुक्तेश्वर, मवाना डिपो की बसें आती हैं। शनिवार सुबह से ही भैसाली व मेरठ डिपो बस अड्डे पर यात्रियों की भीड़ इस कदर रही कि एक बस लगते ही चंद ही मिनटों में सभी सीटें फुल रहो रही थीं। यात्रियों बसों में सीट पाने के लिए खिड़कियों से अंदर सामान और बच्चों को प्रवेश कराते नजर आए। बस अड्डे से काफी दूर तक बसों में लोग खिड़कियों पर लटककर यात्रा करते दिखे। ऐसा ही हाल सोहरागेट बस अड्डे पर भी रहा। बस अड्डे पर महिला यात्रियों की संख्या अधिक देखने को मिली। मेरठ से बिजनौर जाने वाली बसों को केवल मीरापुर तक ही भेजा गया।
मेरठ डिपो के एआरएम विपिन अग्रवाल ने बताया कि त्योहार के कारण भीड़ अधिक रही। कुछ बसों के जाम में फंसने के कारण दिक्कत आई। परिवहन निगम के सभी कर्मचारियों ने अपनी पूरी जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी की। यात्रियों के सुरक्षित सफर के लिए लगातार प्रयास किए गए।
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नमो भारत में 16 हजार से अधिक यात्रियों ने किया सफर
- मेरठ साउथ से दिल्ली तक रेपिड ट्रैक पर चलने वाली नमो भारत ट्रेन भी रक्षाबंधन पर यात्रियों से फुल रही। मेरठ से दिल्ली की तरफ जाने- वापस आने वाले यात्रियों की संख्या सुबह से शाम तक लगभग 16 हजार पहुंच गई। ऑनलाइन बुकिंग होने के बावजूद स्टेशन पर खुले कैश काउंटरों पर यात्रियों की भीड़ लगी रही। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि रक्षाबंधन के कारण यात्रियों की अधिक भीड़ रही।
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- बारिश और जाम के हालात के बीच बसों के लिए भटकते रहे भाई-बहन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। रक्षाबंधन पर रोडवेज बसें और फेर बढ़ाने के दावों के बावजूद शनिवार को भाई-बहनों सहित अन्य यात्रियों की भीड़ के आगे परिवहन निगम के इंतजाम ढीले पड़ गए। बेबस यात्री बसों के लिए भटकते रहे। एक-एक सीट के लिए मारामारी मची रही। बारिश और जाम के हालात के बीच यात्रियों को काफी इंतजार भी करना पड़ा। वहीं, ट्रेनों के हालात भी ऐेसे ही रहे। जान जोखिम में डालकर यात्रियों ने सफर किया।
मेरठ रीजन में भैसाली, मेरठ डिपो, सोहराबगेट, गढमुक्तेश्वर, मवाना डिपो की बसें आती हैं। शनिवार सुबह से ही भैसाली व मेरठ डिपो बस अड्डे पर यात्रियों की भीड़ इस कदर रही कि एक बस लगते ही चंद ही मिनटों में सभी सीटें फुल रहो रही थीं। यात्रियों बसों में सीट पाने के लिए खिड़कियों से अंदर सामान और बच्चों को प्रवेश कराते नजर आए। बस अड्डे से काफी दूर तक बसों में लोग खिड़कियों पर लटककर यात्रा करते दिखे। ऐसा ही हाल सोहरागेट बस अड्डे पर भी रहा। बस अड्डे पर महिला यात्रियों की संख्या अधिक देखने को मिली। मेरठ से बिजनौर जाने वाली बसों को केवल मीरापुर तक ही भेजा गया।
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मेरठ डिपो के एआरएम विपिन अग्रवाल ने बताया कि त्योहार के कारण भीड़ अधिक रही। कुछ बसों के जाम में फंसने के कारण दिक्कत आई। परिवहन निगम के सभी कर्मचारियों ने अपनी पूरी जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी की। यात्रियों के सुरक्षित सफर के लिए लगातार प्रयास किए गए।
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नमो भारत में 16 हजार से अधिक यात्रियों ने किया सफर
- मेरठ साउथ से दिल्ली तक रेपिड ट्रैक पर चलने वाली नमो भारत ट्रेन भी रक्षाबंधन पर यात्रियों से फुल रही। मेरठ से दिल्ली की तरफ जाने- वापस आने वाले यात्रियों की संख्या सुबह से शाम तक लगभग 16 हजार पहुंच गई। ऑनलाइन बुकिंग होने के बावजूद स्टेशन पर खुले कैश काउंटरों पर यात्रियों की भीड़ लगी रही। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि रक्षाबंधन के कारण यात्रियों की अधिक भीड़ रही।

सुनील कैथवास....रक्षाबंधन के मौके पर रोडवेज बस स्टैंड में व्यवस्था देखता पुलिसकर्मी।