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कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी उन्हें बनाएगी आत्मनिर्भर
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कृषि क्षेत्र में महिलाएं
- फोटो : PTI
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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। कृषि के क्षेत्र में भी महिलाओं की भागीदारी उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ने की पैदावार में अब महिलाओं की भी अहम भूमिका रहेगी। गन्ना विभाग ने महिला स्वयं सहायता समूह को गन्ने की उन्नत किस्म की पौध तैयार करने का जिम्मा सौंपा है, जिसका मंगलवार को जिला गन्ना अधिकारी ने शुभारंभ किया।
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गन्ना विकास परिषद सकौती टांडा में मंगलवार को सिंगलबड़ विधि का शुभारंभ किया गया। इस विधि के अंर्तगत महिला स्वयं सहायता समूह में शामिल महिलाएं गन्ने की उन्नत किस्म की पौध तैयार करेंगी। जिला गन्ना अधिकारी डा. दुष्यंत कुमार ने बताया कि गन्ने की पौध तैयार करने के लिए स्वयं सहायता समूह में शामिल महिलाओं को जानकारी दी गई।
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गन्ना विभाग की स्वरोजगार योजना का लाभ लेने के लिए स्वयं सहायता समूह में शामिल महिलाएं आगे आ रही है। पौध तैयार करना महिलाओं के लिए आसान है। प्रति पौध की कीमत साढ़े तीन रुपये रखी गई है। कोई भी किसान गन्ना नर्सरी से इन पौध को खरीदकर रोपाई कर सकता है। इस नर्सरी से जहां महिलाओं को रोजगार मिलेगा और वह आत्मनिर्भर बनेगी।
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वहीं, किसानों को अच्छी किस्म की पौध मिलेगी। इस दौरान ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्ष अमर प्रताप सिंह, योगेंद्र शर्मा, राजेंद्र सिंह, संजीव कुमार, वेदव्रत आर्य, संतोष देवी, प्रकाशवती, चंद्रवती, भगत सिंह, विरेंद्र, भीमपाल सिंह, विनोद, शैलेंद्र सिंह, सुरेंद्र, रमेश, जितेंद्र, बोबी, आनंद आदि मौजूद रहे।